{"_id":"595e54b74f1c1bb52f8b4774","slug":"dr-urmilesh-remembered-on-birthday","type":"story","status":"publish","title_hn":"जन्मदिन पर याद किए गए डॉ. उर्मिलेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जन्मदिन पर याद किए गए डॉ. उर्मिलेश
बदायूं।
Updated Thu, 06 Jul 2017 11:42 PM IST
विज्ञापन
बच्चों को बांटते पाठ्य सामिग्री।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुरुकुल विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों को बांटी लेखन सामग्री और फल
प्रख्यात गीतकार डॉ. उर्मिलेश के 66वें जन्मदिवस पर उन्हें नगर के साहित्य एवं संस्कृति प्रेमियों ने सादगी के साथ याद किया। डॉ. उर्मिलेश जनचेतना समिति के सदस्यों ने दातागंज रोड स्थित गुरुकुल विद्यालय जाकर वहां अध्ययनरत बालकों को लेखन सामग्री एवं फल का वितरण किया। इसके बाद बदायूं क्लब में डॉ. उर्मिलेश की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवपर पर वरिष्ठ सदस्य चंद्रप्रकाश दीक्षित ने कहा कि डॉ. उर्मिलेश अपने साहित्य और व्यक्तित्व के साथ ही सामाजिक कार्यों के लिए सदैव याद किए जाएंगे। अशोक खुराना और डॉ. गोपाल मिश्रा ने कहा कि डॉ. उर्मिलेश कवि या शिक्षक ही नहीं थे, वे एक विराट संकल्पना और बहुमुखी तथा प्रतिभासंपन्न व्यक्तित्व थे। रजनीश गुप्ता, डॉ. राम बहादुर व्यथित, डॉ. अक्षत अशेष, सुंदरलाल अरोरा, सतीष चंद्र मिश्रा, वहीदउल्ला खां, रविंद्र मोहन सक्सेना, नरेश चंद्र शंखधार, राहुल चौबे, जगदीश शर्मा, आशुतोष माहेश्वरी, विवेक खुराना, सौरभ शंखधार, सुमित मिश्रा, शशांक यादव, इजहार अहमद आदि ने विचार रखे। वहीं, बृहस्पतिवार को गजल की एक शाम डॉ. उर्मिलेश के नाम कार्यक्रम खराब मौसम के कारण स्थगित कर दिया गया। यह बाद में होगा।
विज्ञापन
प्रख्यात गीतकार डॉ. उर्मिलेश के 66वें जन्मदिवस पर उन्हें नगर के साहित्य एवं संस्कृति प्रेमियों ने सादगी के साथ याद किया। डॉ. उर्मिलेश जनचेतना समिति के सदस्यों ने दातागंज रोड स्थित गुरुकुल विद्यालय जाकर वहां अध्ययनरत बालकों को लेखन सामग्री एवं फल का वितरण किया। इसके बाद बदायूं क्लब में डॉ. उर्मिलेश की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवपर पर वरिष्ठ सदस्य चंद्रप्रकाश दीक्षित ने कहा कि डॉ. उर्मिलेश अपने साहित्य और व्यक्तित्व के साथ ही सामाजिक कार्यों के लिए सदैव याद किए जाएंगे। अशोक खुराना और डॉ. गोपाल मिश्रा ने कहा कि डॉ. उर्मिलेश कवि या शिक्षक ही नहीं थे, वे एक विराट संकल्पना और बहुमुखी तथा प्रतिभासंपन्न व्यक्तित्व थे। रजनीश गुप्ता, डॉ. राम बहादुर व्यथित, डॉ. अक्षत अशेष, सुंदरलाल अरोरा, सतीष चंद्र मिश्रा, वहीदउल्ला खां, रविंद्र मोहन सक्सेना, नरेश चंद्र शंखधार, राहुल चौबे, जगदीश शर्मा, आशुतोष माहेश्वरी, विवेक खुराना, सौरभ शंखधार, सुमित मिश्रा, शशांक यादव, इजहार अहमद आदि ने विचार रखे। वहीं, बृहस्पतिवार को गजल की एक शाम डॉ. उर्मिलेश के नाम कार्यक्रम खराब मौसम के कारण स्थगित कर दिया गया। यह बाद में होगा।
विज्ञापन