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सामूहिक दुष्कर्म में डॉ. हाकिम सिंह की जमानत खारिज
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बदायूं। महिला अस्पताल के डॉ. हाकिम सिंह की सामूहिक दुष्कर्म के एक अन्य मामले में जिला सत्र न्यायाधीश जफीर अहमद ने जमानत खारिज कर दी है। इससे पूर्व जिला सत्र न्यायाधीश ने 16 जनवरी 2021 को आरोपी डॉक्टर की दुष्कर्म के मामले जमानत खारिज की थी।
बरेली निवासी एक महिला स्टाफ नर्स ने डॉ. हाकिम सिंह के खिलाफ 156 (3) सीआरपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज करने को पत्र दिया था। सीजेएम ने पीड़ित महिला का प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए हाकिम सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया था। इस पर थाना सिविल लाइंस में नौ नवंबर 2020 को धोखाधड़ी, जान से मारने की धमकी, गाली गलौज और सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला दर्ज किया गया। इसी बीच थाना कोतवाली में दर्ज अन्य दुष्कर्म के मामले में कोतवाली पुलिस ने आरोपी हाकिम सिंह को 26 नवंबर 2020 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वर्तमान सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पीड़िता महिला स्टाफ नर्स के अनुसार वह बदायूं शहर के एक निजी अस्पताल में नर्स थी। आरोपी डॉ. हाकिम सिंह प्राइवेट अस्पताल में ऑन कॉल आते थे। जान पहचान होने पर आरोपी ने दिसंबर 2014 में पीड़िता को फोन करके घर बुलाया। बरसात में उसके कपड़े भीग गए थे। आरोपी डॉक्टर ने उससे कहा कि अपने कपड़े बदल लो। जब पीड़िता स्टाफ नर्स कपड़े बदल रही थी। तब आरोपी डॉक्टर ने उसकी वीडियो क्लिप बना ली। उसे बाद आरोपी स्टाफ नर्स को ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करता रहा। बाद में डॉक्टर ने ऑपरेशन थियेटर टेक्नीशियन मनोज को स्टाफ नर्स की वीडियो क्लिप शेयर कर दी। फिर उसने दुष्कर्म किया और शादी का झूठा आश्वासन देकर उससे कोरे कागज व स्टांप पर हस्ताक्षर करा लिए।
शुक्रवार को आरोपी डॉ. हाकिम सिंह के जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई जिला सत्र न्यायाधीश जफीर अहमद ने की। अभियोजन की ओर से प्रभारी डीजीसी अनिल सिंह राठौड़ और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी डॉ. हाकिम सिंह की जमानत खारिज कर दी है।
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बरेली निवासी एक महिला स्टाफ नर्स ने डॉ. हाकिम सिंह के खिलाफ 156 (3) सीआरपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज करने को पत्र दिया था। सीजेएम ने पीड़ित महिला का प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए हाकिम सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया था। इस पर थाना सिविल लाइंस में नौ नवंबर 2020 को धोखाधड़ी, जान से मारने की धमकी, गाली गलौज और सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला दर्ज किया गया। इसी बीच थाना कोतवाली में दर्ज अन्य दुष्कर्म के मामले में कोतवाली पुलिस ने आरोपी हाकिम सिंह को 26 नवंबर 2020 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वर्तमान सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पीड़िता महिला स्टाफ नर्स के अनुसार वह बदायूं शहर के एक निजी अस्पताल में नर्स थी। आरोपी डॉ. हाकिम सिंह प्राइवेट अस्पताल में ऑन कॉल आते थे। जान पहचान होने पर आरोपी ने दिसंबर 2014 में पीड़िता को फोन करके घर बुलाया। बरसात में उसके कपड़े भीग गए थे। आरोपी डॉक्टर ने उससे कहा कि अपने कपड़े बदल लो। जब पीड़िता स्टाफ नर्स कपड़े बदल रही थी। तब आरोपी डॉक्टर ने उसकी वीडियो क्लिप बना ली। उसे बाद आरोपी स्टाफ नर्स को ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करता रहा। बाद में डॉक्टर ने ऑपरेशन थियेटर टेक्नीशियन मनोज को स्टाफ नर्स की वीडियो क्लिप शेयर कर दी। फिर उसने दुष्कर्म किया और शादी का झूठा आश्वासन देकर उससे कोरे कागज व स्टांप पर हस्ताक्षर करा लिए।
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शुक्रवार को आरोपी डॉ. हाकिम सिंह के जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई जिला सत्र न्यायाधीश जफीर अहमद ने की। अभियोजन की ओर से प्रभारी डीजीसी अनिल सिंह राठौड़ और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी डॉ. हाकिम सिंह की जमानत खारिज कर दी है।
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