Budaun News: डॉक्टर ने छात्राओं को दिए स्वस्थ रहने के टिप्स, कहा- उम्र के अनुरूप होते हैं शारीरिक बदलाव
उझानी के नगर पालिका अशर्फी देवी कन्या इंटर कॉलेज में मंगलवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें डॉ. आकांक्षा निधि ने छात्राओं को स्वास्थ्य को लेकर जागरूर किया।
विस्तार
बदायूं के उझानी में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में छात्राओं को सेहत का ख्याल रखने के साथ ही शारीरिक बदलाव से जुड़ी जानकारी दी गई। चिकित्साधिकारी डॉ. आकांक्षा निधि ने कहा कि शारीरिक बदलाव समय के अनुरूप होते हैं। ऐसी स्थिति में छात्राओं को घबराने की जरूरत नहीं है। घर में मां या फिर कॉलेज में शिक्षिकाओं को शारीरिक बदलाव की जानकारियां शेयर करने पर समाधान हो जाता है।
नगर पालिका अशर्फी देवी कन्या इंटर कॉलेज में अपराजिता कार्यक्रम मंगलवार दोपहर एक बजे शुरू हुआ। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की चिकित्साधिकारी डॉ. आकांक्षा निधि ने इंटर की छात्राओं से संवाद कर पहले उनकी भावनाओं और दिक्कतों को समझा, फिर टिप्स दिए। कहा कि शारीरिक बदलाव हरेक के जीवन में आते हैं। शुरुआती समय ऐसा होता है कि छात्राएं घबरा जाती हैं। वह मां, बहन या फिर परिवार की किसी भी महिला सदस्य से बदलावों के बारे में जानकारी शेयर करने की बजाय घुटन महसूस करने लग जाती है। यह सबसे ज्यादा नुकसानदेह साबित होता है।
छात्रा किन्हीं कारणों से इसे लेकर मां- बहन से बात नहीं करती हैं, तो उन्हें कॉलेज में शिक्षिकाओं से बात करने में संकोच नहीं करना चाहिए। चिकित्साधिकारी ने मौसम के बदलाव की वजह से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए छात्राओं को सजग रहने की सलाह दी। कहा- बुखार, जुकाम और खांसी इन्हीं दिनों में होती है। संचारी रोग से बचाव करना भी आवश्यक है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ब्लॉक कम्युनिटी प्रोसिस प्रबंधक (बीसीपीएम) मनीषा रस्तोगी ने छात्राओं को बैड और गुड टच के बारे में समझाया। कहा कि सोशल मीडिया से अच्छी बातों को ग्रहण करें। छात्राएं अपने परिजनों को भी जागरूक करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। पढ़ाई के दिनों में सिर्फ लक्ष्य के अनुरूप चलें। आगे चलकर उन्हें जो भी जिम्मेदारी निभानी पड़े, उसे पूरे मनोयोग से पूरा किया जाए। पारिवारिक जिम्मेदारियों को भी नजर अंदाज नहीं किया जा सकता।
इससे पहले कॉलेज की प्रधानाचार्या वीरू सिंह ने छात्राओं को अपराजिता का महत्व समझाया। कहा कि अपराजिता रहकर समाज को नई दिशा प्रदान में करने में मातृशक्ति का विशेष महत्व है। विषम परिस्थितियों में भी छात्राओं ने मिसाल पेश की है। समाज, विज्ञान, सरकारी नौकरियों और राजनीति में भी मातृशक्ति ने सफलता अर्जित की है। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका वसीम निगहत खानम ने किया।
उत्साहित छात्राओं ने शूट कराया ग्रुप फोटो, बोलीं- हम हैं अपराजेय
अपराजिता कार्यक्रम के समापन के बाद छात्राओं में खास उत्साह दिखा। संवाद के दौरान जिन छात्राओं ने चिकित्साधिकारी डॉ. आकांक्षा निधि से बात की, उनके साथ अन्य छात्राओं ने कॉलेज परिसर में ग्रुप फोटो शूट कराया। खुद को अपराजेय बताते हुए उन्होंने परिवार के साथ भी जानकारियां शेयर करने का संकल्प लिया। वह इसी संकल्प के साथ घर लौटीं कि खुद को हर स्तर पर सक्षम साबित करेंगी।