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घबराएं नहीं, केवल मौत ही नहीं,..ठीक भी हो रहे कोरोना के मरीज
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बदायूं। जिले में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसके मरीजों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन इसमें घबराने की जरूरत नहीं है। लोगों को अपने बचाव के साथ सावधानी रखने की आवश्यकता है। अगर लोग कोरोना पॉजिटिव हो रहे हैं तो वह ठीक भी हो रहे हैं। इसके लिए उन्हें सामाजिक दूरी, मास्क पहनना और अपने हाथों को सैनिटाइज करते रहना चाहिए। ज्यादा दिक्कत हो तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
पिछले साल से फैला कोरोना संक्रमण आज भी लोगों को अपना शिकार बना रहा है। लगातार कोरोना संक्रमण फैलता जा रहा है। इससे मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसकी वजह कोई और नहीं बल्कि लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। वे मास्क लगाने से परहेज कर रहे हैं। सामाजिक दूरी का पालन नहीं कर रहे हैं। इससे ये संक्रमण एक-दूसरे में फैलता जा रहा है और मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अगर लोग इन्हीं नियमों का पालन करने लगेें, तो मरीजों की संख्या स्वयं कमी आएगी और संक्रमण फैलने से भी बचेगा।
कोरोना संक्रमण से लोग ठीक भी हो रहे हैं। रोजाना दस-बीस मरीज अस्पतालों से डिस्चार्ज होकर अपने घर लौट रहे हैं। उनके ठीक होने की वजह भी ये नियम हैं और उनका उपचार है। इससे लोगों को घबराने की जरूरत हैं। केवल सामाजिक दूरी बनाएं रखें और मास्क पहनें, बार-बार अपने हाथ धोएं।
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ये डिस्चार्ज हुए मरीज
दिनांक मरीज
15 अप्रैल -12
16 अप्रैल -20
17 अप्रैल -26
18 अप्रैल -34
19 अप्रैल -14
20 अप्रैल -44
डॉ. राम मिलन को बनाया नोडल अधिकारी
बदायूं। कोविड-19 के भर्ती मरीजों की सहायता के लिए डॉ. राम मिलन को डीएम दीपा रंजन ने नोडल अधिकारी बनाया है। डीएम ने कहा कि नोडल अधिकारी के मोबाइल नंबर 8707203874, 9452661084 पर संपर्क कर सकते हैं। वहीं राजकीय मेडिकल कॉलेज में मरीजों की सहायता के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसका मोबाइल नंबर 8936986666 है। कंट्रोल रूम में डॉक्टरों की ड्यूटी शिफ्टवार लगाई गई है। वहीं राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को निर्देश दिए है कि कोविड-19 के भर्ती मरीजों को उनके परिवारजनों से वीडियो कॉल के माध्यम से हालचाल जानने के लिए वीडियो कॉल की व्यवस्था की जाए। डीएम ने कोविड-19 के प्रभावी नियंत्रण के लिए कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन के सिलिंडर पर्याप्त मात्रा उपलब्ध रखे जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ डॉक्टर रोजाना कोविड वार्ड में मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी भी लें। उन्होंने कहा कि होम आईसोलेशन वाले मरीजों से प्रतिदिन संपर्क कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी हासिल की जाए।
जांच के बाद खुद ऐसे पता करें अपनी रिपोर्ट
- जांच के बाद किसी भी व्यक्ति को विभाग या प्रशासन की रिपोर्ट का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। इसके लिए लोग लैबरिपोर्ट्स डॉट यूपीकोविड19 ट्रैक्स डॉट इन की वेबसाइट पर जाकर अपनी रिपोर्ट ट्रैक कर सकते हैं। इसके लिए गूगल पर वेबसाइट दर्ज कर अपना वह फोन नंबर डालना होगा जो टेस्ट के दौरान दर्ज कराया गया हो। इस नंबर को दर्ज करने के बाद मोबाइल पर ओटीपी आएगा, जिसे डालने के बाद रिपोर्ट देखी जा सकती है। ध्यान ये रखना होगा कि ये ओटीपी केवल आधा मिनट के लिए ही मान्य होगा।
क्या कहते हैं डॉक्टर
कोरोना संक्रमण छुआछूत की बीमारी है। इससे सबसे पहले सामाजिक दूरी बनाएं रखें, मास्क पहनें, अपने हाथों को सैनिटाइज करें। अगर 45 साल से ऊपर हैं तो वैक्सीन जरूर लगवाएं। अगर स्वास्थ्य ठीक नहीं हैं तो पहले कोरोना की जांच अवश्य कराएं। ज्यादा लक्षण नहीं हों तो स्वयं को आइसोलेट कर लें, जिससे दूसरे लोग उनके संपर्क में नहीं आएं। अगर स्वास्थ्य ज्यादा खराब है तो लेवल-1 हॉस्पिटल में भर्ती हो जाएं, जिससे उनका उपचार हो सके। बाकी कोरोना के लक्षण में यही है कि सूंघने की शक्ति चली जाती है, मुंह को स्वाद नहीं आता, सर्दी, जुकाम, बुखार और खांसी है।
डॉ. नरेंद्र पटेल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घटपुरी
इस समय लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। मास्क जरूर पहनिए और सामाजिक दूरी बनाए रखिये। ये आपकी सुरक्षा के लिए है। कोई दिक्कत होने पर अपनी जांच कराएं, पॉजिटिव हों तो आइसोलेट हो जाएं। ज्यादा दिक्कत हो तो कोविड-19 हॉस्पिटल जाएं, लेकिन घबराएं नहीं।
दीपा रंजन, डीएम
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पिछले साल से फैला कोरोना संक्रमण आज भी लोगों को अपना शिकार बना रहा है। लगातार कोरोना संक्रमण फैलता जा रहा है। इससे मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसकी वजह कोई और नहीं बल्कि लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। वे मास्क लगाने से परहेज कर रहे हैं। सामाजिक दूरी का पालन नहीं कर रहे हैं। इससे ये संक्रमण एक-दूसरे में फैलता जा रहा है और मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अगर लोग इन्हीं नियमों का पालन करने लगेें, तो मरीजों की संख्या स्वयं कमी आएगी और संक्रमण फैलने से भी बचेगा।
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कोरोना संक्रमण से लोग ठीक भी हो रहे हैं। रोजाना दस-बीस मरीज अस्पतालों से डिस्चार्ज होकर अपने घर लौट रहे हैं। उनके ठीक होने की वजह भी ये नियम हैं और उनका उपचार है। इससे लोगों को घबराने की जरूरत हैं। केवल सामाजिक दूरी बनाएं रखें और मास्क पहनें, बार-बार अपने हाथ धोएं।
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ये डिस्चार्ज हुए मरीज
दिनांक मरीज
15 अप्रैल -12
16 अप्रैल -20
17 अप्रैल -26
18 अप्रैल -34
19 अप्रैल -14
20 अप्रैल -44
डॉ. राम मिलन को बनाया नोडल अधिकारी
बदायूं। कोविड-19 के भर्ती मरीजों की सहायता के लिए डॉ. राम मिलन को डीएम दीपा रंजन ने नोडल अधिकारी बनाया है। डीएम ने कहा कि नोडल अधिकारी के मोबाइल नंबर 8707203874, 9452661084 पर संपर्क कर सकते हैं। वहीं राजकीय मेडिकल कॉलेज में मरीजों की सहायता के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसका मोबाइल नंबर 8936986666 है। कंट्रोल रूम में डॉक्टरों की ड्यूटी शिफ्टवार लगाई गई है। वहीं राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को निर्देश दिए है कि कोविड-19 के भर्ती मरीजों को उनके परिवारजनों से वीडियो कॉल के माध्यम से हालचाल जानने के लिए वीडियो कॉल की व्यवस्था की जाए। डीएम ने कोविड-19 के प्रभावी नियंत्रण के लिए कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन के सिलिंडर पर्याप्त मात्रा उपलब्ध रखे जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ डॉक्टर रोजाना कोविड वार्ड में मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी भी लें। उन्होंने कहा कि होम आईसोलेशन वाले मरीजों से प्रतिदिन संपर्क कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी हासिल की जाए।
जांच के बाद खुद ऐसे पता करें अपनी रिपोर्ट
- जांच के बाद किसी भी व्यक्ति को विभाग या प्रशासन की रिपोर्ट का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। इसके लिए लोग लैबरिपोर्ट्स डॉट यूपीकोविड19 ट्रैक्स डॉट इन की वेबसाइट पर जाकर अपनी रिपोर्ट ट्रैक कर सकते हैं। इसके लिए गूगल पर वेबसाइट दर्ज कर अपना वह फोन नंबर डालना होगा जो टेस्ट के दौरान दर्ज कराया गया हो। इस नंबर को दर्ज करने के बाद मोबाइल पर ओटीपी आएगा, जिसे डालने के बाद रिपोर्ट देखी जा सकती है। ध्यान ये रखना होगा कि ये ओटीपी केवल आधा मिनट के लिए ही मान्य होगा।
क्या कहते हैं डॉक्टर
कोरोना संक्रमण छुआछूत की बीमारी है। इससे सबसे पहले सामाजिक दूरी बनाएं रखें, मास्क पहनें, अपने हाथों को सैनिटाइज करें। अगर 45 साल से ऊपर हैं तो वैक्सीन जरूर लगवाएं। अगर स्वास्थ्य ठीक नहीं हैं तो पहले कोरोना की जांच अवश्य कराएं। ज्यादा लक्षण नहीं हों तो स्वयं को आइसोलेट कर लें, जिससे दूसरे लोग उनके संपर्क में नहीं आएं। अगर स्वास्थ्य ज्यादा खराब है तो लेवल-1 हॉस्पिटल में भर्ती हो जाएं, जिससे उनका उपचार हो सके। बाकी कोरोना के लक्षण में यही है कि सूंघने की शक्ति चली जाती है, मुंह को स्वाद नहीं आता, सर्दी, जुकाम, बुखार और खांसी है।
डॉ. नरेंद्र पटेल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घटपुरी
इस समय लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। मास्क जरूर पहनिए और सामाजिक दूरी बनाए रखिये। ये आपकी सुरक्षा के लिए है। कोई दिक्कत होने पर अपनी जांच कराएं, पॉजिटिव हों तो आइसोलेट हो जाएं। ज्यादा दिक्कत हो तो कोविड-19 हॉस्पिटल जाएं, लेकिन घबराएं नहीं।
दीपा रंजन, डीएम