फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   District Plan: Agriculture Department did not spend a single rupee in a year

जिला योजना: कृषि विभाग ने साल भर में खर्च नहीं किया एक रुपया

Thu, 31 Mar 2022 02:22 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 31 Mar 2022 02:22 AM IST
विज्ञापन
District Plan: Agriculture Department did not spend a single rupee in a year
बदायूं। वित्तीय वर्ष गुरुवार को खत्म हो जाएगा। दो साल से चल रहे कोरोना के साये में विकास कार्यों से लेकर जिला योजना जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम प्रभावित हुए हैं। बजट जारी को लेकर शासन स्तर से ही कंजूसी बरती गई है तो कई मामलों में बजट मिलने के बाद विभागों की सुस्ती से काम पिछड़ा है।
विज्ञापन

जिला योजना के तहत मिले बजट का अंश राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका अभियान, मनरेगा, पंचायती राज, अनुसूचित जाति कल्याण और समाज कल्याण पेंशन के मदों में शत प्रतिशत खर्च हो चुका है, लेकिन कई विभाग खर्च करने के मामले में पिछड़ गए हैं। बजट उपलब्ध होने के बाद भी वित्तीय वर्ष 2021-22 में यह विभाग खर्च नहीं कर सके। यदि फरवरी अंत तक की रिपोर्ट पर गौर करें तो कृषि विभाग की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। साल भर में विभाग ने एक धेला खर्च नहीं किया। गन्ना विकास विभाग को 14.52 लाख मिले थे, लेकिन विभाग 1.04 लाख ही खर्च कर सका।
विज्ञापन

एक अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष 2022-23 शुरू हो रहा है। जिला योजना के तहत कुल 49 विभागों को अलग-अलग मदों में धन आवंटित किया जाता है। कृषि विभाग के लिए 27 लाख का अनुमोदन जिला योजना में दिया गया था। इसके सापेक्ष 5.48 लाख अवमुक्त किए गए, लेकिन पूरे वित्तीय वर्ष में विभाग ने एक रुपया भी खर्च नहीं किया है। गन्ना विकास विभाग को 175.34 लाख के अनुमोदन में 12.52 लाख अवमुक्त किए गए। इसमें विभाग पूरे साल में 1.04 लाख ही खर्च कर सका। खर्च में अव्वल विभागों की बात करें तो ज्यादातर ग्रामीण विकास और कार्यक्रमों से जुड़े हैं। वित्तीय वर्ष 2021-22 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका अभियान के लिए 5227.50 के अनुमोदन में 2552 लाख अवमुक्त किए गए थे। यहां शत प्रतिशत बजट खर्च हो चुका है। इसी तरह रोजगार कार्य मनरेगा के लिए जिला योजना में 9504.78 लाख का अनुमोदन हुआ और 8936.95 लाख अवमुक्त किए गए। मनरेगा के तहत शत प्रतिशत बजट वित्तीय वर्ष में खर्च हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पंचायती राज विभाग के लिए 214.05 लाख के अनुमोदन में 34.92 लाख अवमुक्त किए गए। विभाग ने शत-प्रतिशत खर्च कर दिया है। अनुसूचित जाति कल्याण में अनुमोदन के सापेक्ष 152.46 लाख और समाज कल्याण पेंशन मद में 294.90 लाख खर्च किए गए हैं। यह भी शत-प्रतिशत है। दिव्यांग जन कल्याण में 958.50 लाख के सापेक्ष 944.30 लाख, ग्रामीण स्वच्छता अभियान पर 1436.76 लाख के सापेक्ष 1077.16, ग्रामीण आवास पर 63.60 के सापेक्ष 63.20 लाख का बजट खर्च किया गया है। यह विभाग खर्च करने में कुछ पिछड़े हैं।
माध्यमिक शिक्षा को बजट नहीं मिला, प्राथमिक शिक्षा विभाग खर्च नहीं कर सका
बदायूं। जिला योजना 2021-22 में माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए 829.42 करोड़ के बजट का अनुमोदन किया गया था, लेकिन पूरा वित्तीय वर्ष बीतने तक बजट में एक रुपया भी अवमुक्त नहीं हो सका। दूसरी ओर प्राथमिक शिक्षा विभाग के लिए जिला योजना के तहत 4570.01 लाख के बजट का अनुमोदन किया गया। इसके सापेक्ष विभाग के लिए वित्तीय वर्ष में 848.58 लाख का बजट अवमुक्त किया गया था। गौर करने वाली बात यह है कि प्राथमिक शिक्षा विभाग इसमें 171.51 लाख ही खर्च कर सका है। एक अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष शुरू हो रहा है। ऐसे में शेष बजट पर सवाल उठ रहा है।

- जिला योजना इस बार कोविड काल की वजह से ज्यादा प्रभावित रही। फिर चुनावी सीजन भी रहा। इस लिहाज से बजट का सदुपयोग पूरी तरह होने से रह गया। जो बजट शेष बचा है उसे शासन को वापस भेजा जाएगा। नए सत्र में नई तरह से बजट लेकर काम कराएंगे। - ऋषिराज, सीडीओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed