डीएम साहब, राज्यमंत्री बोल रहा हूं: दो लोगों को भेजा है इनकी जमीन से कब्जा हटवाओ, फिर 'फोनवाले मंत्री' गए हवालात
बदायूं में मंगलवार को डीएम कार्यालय से दो नटवरलाल पकड़े गए है। इनमें से एक युवक ने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह बनकर डीएम दीपा रंजन को कॉल की। बातचीत के दौरान कहा कि दो लोग आपके कार्यालय भेजे हैं, उनकी जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। तुरंत इनकी जमीन से कब्जा हटवाया जाए। शक होने पर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। दोनों ने कब्जा हटवाने के नाम पर दो लाख रुपये में सौदा तय किया था।
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बदायूं में मंगलवार को डीएम कार्यालय से दो नटवरलाल पकड़े गए हैं। पहले उन्होंने डीएम दीपा रंजन को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह बनकर कॉल की। उनसे कहा कि दो लोग आपके कार्यालय भेजे हैं, उनकी जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। तुरंत इनकी जमीन से कब्जा हटवाया जाए। ये कहकर थोड़ी देर बाद दोनों शातिर युवक कार्यालय में घुस गए। शक होने पर डीएम ने मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगवाया तो लोकेशन डीएम ऑफिस की ही मिली। मौके पर पहुंची एसओजी ने दोनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
डीएम कार्यालय से पकड़ा गया पहला आरोपी आसिफ खान पुत्र बलादत खान बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव परौली का रहने वाला है, जबकि दूसरा सुमित कुमार पुत्र राजेंद्र पाल बिसौली के नागपुर गांव का है। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों ने नागपुर गांव निवासी हरिसिंह से उसकी जमीन से कथित कब्जा हटवाने के लिए दो लाख रुपये का सौदा किया था। हरिसिंह के बारे में बताया गया कि वह हत्या के मामले में 2005 से 2012 तक जेल में रहा। तब से जमानत पर बाहर है। इस जमीन को हरिसिंह करीब 35 साल पहले बेच चुका था पर खरीदार बीरबल ने उस वक्त बैनामा न कराकर स्टांप पेपर पर ही लिखा-पढ़ी कराकर मकान बना लिया था।
ऐसे हुआ उनकी बातों पर शक
इसके बाद दोनों मंगलवार दोपहर डीएम कार्यालय पहुंचे। उस वक्त डीएम दीपा रंजन अपने कक्ष में बैठी थीं। आसिफ खान ने उनके कार्यालय के बाहर एकांत में खड़े होकर डीएम को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह बनकर कॉल की। उन्हें बताया कि आसिफ खान नाम के एक व्यक्ति को आपके कार्यालय भेजा है, और वह आपके कक्ष के बाहर ही खड़े हैं। उनकी जमीन का एक मामला है। कुछ लोगों ने उस पर कब्जा कर लिया है। इनकी जमीन से तुरंत कब्जा हटवाया जाए।
ये बात करके थोड़ी ही देर बाद दोनों नटवरलाल डीएम के कक्ष में प्रवेश कर गए। जब डीएम ने आसिफ से बात की तो उसकी आवाज सुनकर उन्हें शक हुआ। इस पर उन्होंने तुरंत उसके मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगवा दिया और बाहर खड़े पुलिस कर्मियों को बुलाकर दोनों को कार्यालय के बाहर बैठा दिया। कुछ देर में एसओजी लोकेशन के आधार पर कार्यालय पहुंच गई और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
डीएम का है यह कहना
जिलाधिकारी दीपा रंजन का कहना है कि आरोपी आसिफ खान ने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह बनकर कॉल की थी। उससे बातचीत के दौरान उसकी आवाज फोन करने वाले की आवाज से मिलती-जुलती लगी। इस पर मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगवाया गया तो वह नंबर आसिफ खान का ही निकला। दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।