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Budaun News: जिला अस्पताल के कर्मचारी करते रहे आराम, तीमारदार खींचते रहे स्ट्रेचर

Wed, 17 Apr 2024 03:15 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 17 Apr 2024 03:15 AM IST
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District hospital staff kept resting, attendants kept pulling stretchers
डॉ. कप्तान सिंह,सीएमएस जिला अस्पताल।
बदायूं। जिला अस्पताल में बेहतर इलाज और सुविधाओं का दावा किया जाता है, लेकिन तस्वीर इसके विपरीत है।
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यहां तैनात अधिकांश वार्ड बॉय न्यूनतम 30 हजार रुपये प्रतिमाह सैलरी लेकर दिनभर आराम फरमाते हैं, जिसकी बानगी मंगलवार को की पड़़ताल में देखने को मिली। तीमारदार अपने मरीज को स्ट्रेचर पर बैठाकर खुद इधर-उधर ले जा रहे थे। यहां बता दें कि जिला अस्पताल के रिकॉर्ड में 44 वार्ड बॉय 13.2 लाख प्रतिमाह सैलरी पर तैनात हैं।


समय सुबह 11:10 बजे
खुद ले गए डॉक्टर के पास
शाहजहांपुर के गढि़या रंगीन निवासी सरोजनी को होली से पहले छुट्टा गोवंश ने घायल कर दिया था। मंगलवार को उनके पैर में पड़ी रॉड निकाली जानी थी। उनके पति अमर पाल सरोजनी को अस्पताल लेकर पहुंचे और कर्मचारियों से स्ट्रेचर मांगा। कर्मचारियों ने स्ट्रेचर तो बता दिया, लेकिन मरीज को डॉक्टर के पास तक ले जाने को मना कर दिया। इस पर परिवार के लोगों ने खुद ही स्ट्रेचर पर मरीज को लिटाकर डॉक्टर को दिखाया।
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समय सुबह 11:30 बजे :
एक्सरे रूम तक लेकर गए स्ट्रेचर
बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव शायपुर निवासी बिट्टन खां का चार दिन पहले गांव में झगड़ा हो गया था। इससे उनके सिर व पैर में गंभीर चोट आ गई थी। मंगलवार को उनको एक्सरे रूम तक जाना था तो कर्मचारियों ने स्ट्रेचर ले जाने को मना कर दिया। जिस पर उनके साथ आए परिजन खुद स्ट्रेचर पर मरीज को ले गए।
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समय सुबह 11:35 बजे
स्ट्रेचर खींचने से कर दिया मना
बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव रिसौली निवासी हाकिम सिंह तीन माह पहले सड़क हादसे में घायल हो गए थे। जिला अस्पताल में उनके पैर में रॉड पड़ी थी। मंगलवार को उनके परिवार के लोग ई-रिक्शा से उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे तो स्ट्रेचर तो मिल गया, लेकिन कर्मचारी ने उसे खींचने से मना कर दिया।


समय पूर्वाह्न 11:45 बजे :
शाहजहांपुर के गढि़या रंगीन निवासी अरविंद कुमार बाइक गिरने से पैर टूट गया। परिवार के लोग उनको लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। डॉक्टर ने ऑपरेशन किया और वार्ड में भेजने के लिए कर्मचारियों से कह दिया। कर्मचारी आराम से बैठे रहे। परिवार के लोग ही खुद मरीज के स्ट्रेचर को खींचकर वार्ड तक लाए।




प्रत्येक वार्ड और इमरजेंसी में वार्ड बॉय की तैनाती है। उनका काम है कि अगर कोई भर्ती मरीज एक्सरे या अन्य जांच कराने के लिए डॉक्टर ने लिखा और वह चल नहीं सकता तो वार्ड बॉय की ही जिम्मेदारी है कि वह मरीज को स्ट्रेचर या व्हील चेयर से लेकर जाए और जांच के बाद वार्ड में छोड़े। अगर कोई कर्मचारी अपने काम में लापरवाही कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। - डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल

डॉ. कप्तान सिंह,सीएमएस जिला अस्पताल।

डॉ. कप्तान सिंह,सीएमएस जिला अस्पताल।

डॉ. कप्तान सिंह,सीएमएस जिला अस्पताल।

डॉ. कप्तान सिंह,सीएमएस जिला अस्पताल।

डॉ. कप्तान सिंह,सीएमएस जिला अस्पताल।

डॉ. कप्तान सिंह,सीएमएस जिला अस्पताल।

डॉ. कप्तान सिंह,सीएमएस जिला अस्पताल।

डॉ. कप्तान सिंह,सीएमएस जिला अस्पताल।

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