Budaun News: जिला अस्पताल में लापरवाही... सीटी स्कैन में सब कुछ ओके, पर अल्ट्रासाउंड में दिखी पथरी
बदायूं के जिला अस्पताल में एक मरीज ने सीटी स्कैन कराया, जिसकी रिपोर्ट में सबकुछ सामान्य बताया गया। लेकिन मरीज के पेट में दर्द बंद नहीं हुआ तो उसने दूसरी जगह अल्ट्रासाउंड कराया। अल्ट्रासाउंड में पथरी पाई गई।
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बदायूं के जिला अस्पताल में संचालित सीटी स्कैन की जांच रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठा है। एक मरीज के सीटी स्कैन में सभी कुछ सामान्य बताया गया। जबकि कुछ देर बाद किए गए अल्ट्रासाउंड में पथरी पाई गई। रिपोर्ट में आए इस परिणाम से मरीज और उसके परिजन परेशान हो उठे। परिजन जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अमित वार्ष्णेय के पास पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत की।
शनिवार को जिला अस्पताल पहुंचे परिजन महेश सिंह का कहना है कि मरीज को लगातार पेट दर्द की शिकायत थी। इसके बाद जिला अस्पताल के डॉक्टर जीके गुप्ता ने पहले सीटी स्कैन कराने की सलाह दी। अस्पताल में एनएचएम के तहत संचालित रेडियोलॉजी विभाग में कराए गए सीटी स्कैन में सब कुछ ओके बताया गया, लेकिन दर्द कम न होने पर परिजनों ने अल्ट्रासाउंड करवाया। इसमें स्पष्ट रूप से चार स्टोन (पथरी) का पता चला। इससे सीटी स्कैन की गुणवत्ता और मशीनों की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठने लगे हैं।
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सीएमएस ने मांगा स्पष्टीकरण
शिकायत मिलते ही सीएमएस ने मामले को बेहद गंभीर माना। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में इस तरह के अलग-अलग रिपोर्ट बेहद चिंताजनक हैं। मरीज को सही रिपोर्ट देना हमारी पहली प्राथमिकता है। अगर मशीन में तकनीकी समस्या है तो तुरंत ठीक कराया जाएगा और यदि लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदार स्टाफ पर कार्रवाई होगी। सीएमएस ने रेडियोलॉजी विभाग से स्पष्टीकरण भी मांगा है और संबंधित रिकॉर्ड की जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
मरीजों में चिंता बढ़ी
इस घटना के बाद अस्पताल में अन्य मरीजों में भी चिंता का माहौल है। कई लोगों ने कहा कि अगर रिपोर्ट गलत आएगी तो गलत इलाज का खतरा बढ़ जाएगा। परिजनों ने मांग की है कि अस्पताल प्रशासन सीटी स्कैन मशीन की कार्यक्षमता और रिपोर्ट तैयार करने वाले स्टाफ की कार्यशैली की पूरी समीक्षा करवाए।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अमित वार्ष्णेय ने बताया कि सीटी स्कैन रिपोर्ट में गड़बड़ी पाई गई है। इसको लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। रिपोर्ट के आधार पर ही डॉक्टर मरीजों को दवाएं देते हैं। अगर रिपोर्ट ही गलत आएंगी, तो इससे इलाज में दिक्कत हो सकती है।