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‘परेशान दंपत्ति की हर संभव सहायता की जाएगी’
बदायूं, ब्यूरो
Updated Thu, 26 May 2016 12:15 AM IST
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‘परेशान दंपत्ति की हर संभव सहायता की जाएगी’
- फोटो : अमर उजाला
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सीडीओ ने आफिस में बैक अधिकारियों को तलब कर सुनी समस्याएं
आर्थिक रूप से कमजोर को बैंक से कर्जा दिलाने का आश्वासन
मुख्य विकास अधिकारी प्रताप सिंह भदौरिया ने दवा और इलाज के कारण आर्थिक स्थिति से मजबूर शहर के मोहल्ला कृृष्णापुरी निवासी प्रभात जौहरी की बैंक से कर्जा न देने संबंधी समस्या को सुना। उसका त्वरित निस्तारण करने के लिए संबंधित अधिकारियों को अपने कार्यालय कक्ष में तलब कर पूरी बात सुनी। इसके साथ ही पचास हजार का बैंक से कर्जा दिलाने का वायदा भी किया।
बुधवार को विकास भवन स्थित कार्यालय कक्ष में सीडीओ ने पंजाब नैशनल बैंक के एलडीएम चारू भट्टाचार्य सहित अन्य बैंकों के अधिकारियों को बुलाकर जब फरियादी की समस्या सुनी, तो उसने सर्व यूपी ग्रामीण बैंक शाखा मीरा सराय के प्रबंधक विकास रस्तोगी सही व्यवहार न करने सहित तमाम आरोप लगाए। सीडीओ ने शाखा प्रबंधक से पूछताछ की, तो उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 में शिकायतकर्ता द्वारा दस हजार रुपये का ऋण लिया गया था, लेकिन अभी तक 4500 रुपये बकाया हैं। अब दस लाख रुपये के ऋण की और मांग की जा रही है। सीडीओ ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समस्या को सुना। कहा कि फरियादी की हर संभव सहायता की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पहले बैंक का बकाया जमा किया जाए, उसके बाद अभिलेखीय औपचारिकताएं पूर्ण कर लें, तो वह 50 हजार रुपये तक का ऋण दिलाया जा सकता है। जिससे वह अपने रोजगार को और बढ़ा सकें। फरियादी ने नौकरी दिलाए जाने की भी मांग की, जिस पर सीडीओ ने इस मांग को गलत ठहराते हुए कहा कि नौकरी देना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। इस दौरान बैंक के अधिकारी मौजूद रहे।
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आर्थिक रूप से कमजोर को बैंक से कर्जा दिलाने का आश्वासन
मुख्य विकास अधिकारी प्रताप सिंह भदौरिया ने दवा और इलाज के कारण आर्थिक स्थिति से मजबूर शहर के मोहल्ला कृृष्णापुरी निवासी प्रभात जौहरी की बैंक से कर्जा न देने संबंधी समस्या को सुना। उसका त्वरित निस्तारण करने के लिए संबंधित अधिकारियों को अपने कार्यालय कक्ष में तलब कर पूरी बात सुनी। इसके साथ ही पचास हजार का बैंक से कर्जा दिलाने का वायदा भी किया।
बुधवार को विकास भवन स्थित कार्यालय कक्ष में सीडीओ ने पंजाब नैशनल बैंक के एलडीएम चारू भट्टाचार्य सहित अन्य बैंकों के अधिकारियों को बुलाकर जब फरियादी की समस्या सुनी, तो उसने सर्व यूपी ग्रामीण बैंक शाखा मीरा सराय के प्रबंधक विकास रस्तोगी सही व्यवहार न करने सहित तमाम आरोप लगाए। सीडीओ ने शाखा प्रबंधक से पूछताछ की, तो उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 में शिकायतकर्ता द्वारा दस हजार रुपये का ऋण लिया गया था, लेकिन अभी तक 4500 रुपये बकाया हैं। अब दस लाख रुपये के ऋण की और मांग की जा रही है। सीडीओ ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समस्या को सुना। कहा कि फरियादी की हर संभव सहायता की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि पहले बैंक का बकाया जमा किया जाए, उसके बाद अभिलेखीय औपचारिकताएं पूर्ण कर लें, तो वह 50 हजार रुपये तक का ऋण दिलाया जा सकता है। जिससे वह अपने रोजगार को और बढ़ा सकें। फरियादी ने नौकरी दिलाए जाने की भी मांग की, जिस पर सीडीओ ने इस मांग को गलत ठहराते हुए कहा कि नौकरी देना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। इस दौरान बैंक के अधिकारी मौजूद रहे।
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