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समाज को विघटित कर रही भटकाव की प्रवृत्ति
अमर उजाला ब्यूरो बिल्सी।
Updated Sat, 18 Mar 2017 10:59 PM IST
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श्रीमद्भागवत
- फोटो : अमर उजाला
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बिल्सी में श्रीमद्भागवत कथा का दूसरा दिन
श्रीमद्भागवत कथा समिति की ओर से नगर के कछला बस स्टैंड के निकट स्थित जेपी मैरिज हॉल में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार को पुष्कर पीठाधीश्वर से पधारे जगतगुरु रामानुजाचार्य महाराज ने धर्म की विस्तार से व्याख्या की। उन्होंने भक्तों को समझाया कि मनुष्य का परम धर्म ईश्वर के प्रति आस्थावान होना है। सच्चा धर्म वह है जो व्यक्ति को परम धर्म की ओर ले जाए।
कथा व्यास ने कहा कि धर्म अपने में पूर्ण नहीं है, वह गाड़ी के समान है जो परम धर्म को प्राप्त करने में हमारी सहायता करता है। उन्होंने कहा कि नर नारायन के लिए, सत्य परम सत्य के लिए बना है। महाराज ने कहा, तुलसीदास ने धर्म के बारे कहा- वो व्यर्थ है जो हमें परम धर्म की ओर न ले जा सके। कथावाचक ने कहा कि आज समाज विघटन की ओर जा रहा है क्योंकि मानव में भटकाव, अशांति, अधैर्य, व्याकुलता है। उन्होंने कहा कि जीवन आधारहीन होता जा रहा है, इस बात को समझने की जरूरत है इस मौके पर पंडित गोरे लाल व्यास, भुवनेश्वर राठी, सुभाष वाहेती, राकेश माहेश्वरी, नरेंद्र गरल, जयप्रकाश लड्डा, सुवीन माहेश्वरी, डॉ. राजाबाबू वार्ष्णेय, विशाल माहेश्वरी, ओजस्वी जौहरी, अवधेश मिश्रा, अनिल जैन, मुनीश्वर राठी, सत्यपाल वार्ष्णेय, अरविंद राठी, नीरेश माहेश्वरी, ममता राठी आदि मौजूद रहे।
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श्रीमद्भागवत कथा समिति की ओर से नगर के कछला बस स्टैंड के निकट स्थित जेपी मैरिज हॉल में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार को पुष्कर पीठाधीश्वर से पधारे जगतगुरु रामानुजाचार्य महाराज ने धर्म की विस्तार से व्याख्या की। उन्होंने भक्तों को समझाया कि मनुष्य का परम धर्म ईश्वर के प्रति आस्थावान होना है। सच्चा धर्म वह है जो व्यक्ति को परम धर्म की ओर ले जाए।
कथा व्यास ने कहा कि धर्म अपने में पूर्ण नहीं है, वह गाड़ी के समान है जो परम धर्म को प्राप्त करने में हमारी सहायता करता है। उन्होंने कहा कि नर नारायन के लिए, सत्य परम सत्य के लिए बना है। महाराज ने कहा, तुलसीदास ने धर्म के बारे कहा- वो व्यर्थ है जो हमें परम धर्म की ओर न ले जा सके। कथावाचक ने कहा कि आज समाज विघटन की ओर जा रहा है क्योंकि मानव में भटकाव, अशांति, अधैर्य, व्याकुलता है। उन्होंने कहा कि जीवन आधारहीन होता जा रहा है, इस बात को समझने की जरूरत है इस मौके पर पंडित गोरे लाल व्यास, भुवनेश्वर राठी, सुभाष वाहेती, राकेश माहेश्वरी, नरेंद्र गरल, जयप्रकाश लड्डा, सुवीन माहेश्वरी, डॉ. राजाबाबू वार्ष्णेय, विशाल माहेश्वरी, ओजस्वी जौहरी, अवधेश मिश्रा, अनिल जैन, मुनीश्वर राठी, सत्यपाल वार्ष्णेय, अरविंद राठी, नीरेश माहेश्वरी, ममता राठी आदि मौजूद रहे।
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