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वादों से मुकर रहे अफसर, सेवानिवृत्त चीनी मिल कर्मियों का भुगतान नहीं
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मालवीय आवास पर धरना देते सेवानिवृत्त कर्मचारी। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। चीनी मिल के सेवानिवृत्त कर्मचारी भीषण ठंड में भी अपने बकाया देयों की मांग को लेकर 84 वें दिन भी धरने पर बैठने को मजबूर रहे।
पिछले एक सप्ताह से पड़ रही ठंड की वजह से सड़कों पर पहले की अपेक्षा चहल पहल बहुत कम हो गई है। लोग जरूरी काम से ही घरों से निकल रहे हैं। वहीं अधिकारी हीटर के सहारे दफ्तरों में आराम से काम कर रहे हैं। दूसरी ओर इसी सर्द मौसम में 84 दिन से मालवीय आवास पर सहकारी चीनी मिल शेखूपुर के सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने देयों की मांग को लेकर खुले में धरने पर बैठने को मजबूर हैं। कई बार उन्हें बारिश के समय सिर छिपाने के लिए जगह तक नहीं होती है। ऐसे में इन्हें भीगने को मजबूर होना पड़ता है।
इस बात की जानकारी होने के बावजूद जिला प्रशासन से लेकर चीनी मिल के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारी श्यामपाल ने कहा कि अधिकारी हर बार नया बहाना बनाकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। हम लोगों की कोई भी बात सुनने के लिए तैयार नहीं हैं। रक्षपाल ने कहा कि चीनी मिल से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार अपने किए वादों से पलट जाते हैं। हालात ये है कि अब तो अधिकारी ठीक से बात करना तक पसंद नहीं करते। इस मौके पर धरना दे रहे कर्मचारियों में रामचंद्र, सियाराम, रामायन गुप्ता, विनोद कुमार सिंह, मुन्नालाल आदि शामिल रहे। संवाद
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पिछले एक सप्ताह से पड़ रही ठंड की वजह से सड़कों पर पहले की अपेक्षा चहल पहल बहुत कम हो गई है। लोग जरूरी काम से ही घरों से निकल रहे हैं। वहीं अधिकारी हीटर के सहारे दफ्तरों में आराम से काम कर रहे हैं। दूसरी ओर इसी सर्द मौसम में 84 दिन से मालवीय आवास पर सहकारी चीनी मिल शेखूपुर के सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने देयों की मांग को लेकर खुले में धरने पर बैठने को मजबूर हैं। कई बार उन्हें बारिश के समय सिर छिपाने के लिए जगह तक नहीं होती है। ऐसे में इन्हें भीगने को मजबूर होना पड़ता है।
इस बात की जानकारी होने के बावजूद जिला प्रशासन से लेकर चीनी मिल के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारी श्यामपाल ने कहा कि अधिकारी हर बार नया बहाना बनाकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। हम लोगों की कोई भी बात सुनने के लिए तैयार नहीं हैं। रक्षपाल ने कहा कि चीनी मिल से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार अपने किए वादों से पलट जाते हैं। हालात ये है कि अब तो अधिकारी ठीक से बात करना तक पसंद नहीं करते। इस मौके पर धरना दे रहे कर्मचारियों में रामचंद्र, सियाराम, रामायन गुप्ता, विनोद कुमार सिंह, मुन्नालाल आदि शामिल रहे। संवाद
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