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डीजीसी साधना शर्मा हत्याकांड के आरोपी पीसी शर्मा की पैरोल अर्जी फिर खारिज

Sat, 26 Feb 2022 12:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 26 Feb 2022 12:42 AM IST
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बदायूं। डीजीसी साधना शर्मा हत्याकांड के मुख्य आरोपी पीसी शर्मा की पैरोल अर्जी स्पेशल जज एससी एसटी एक्ट महेंद्र सिंह तृतीय ने खारिज कर दी है। यहां बता दें कि पीसी शर्मा ने पुत्र के विवाह में शामिल होने के लिए उच्च न्यायालय इलाहाबाद में पूर्व में भी पैरोल जमानत प्रार्थना पत्र दिया था। जिसे 25 नवंबर 2020 को निरस्त कर दिया गया था।
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23 मई 2016 को प्रभारी डीजीसी साधना शर्मा की बदायूं कोर्ट से उझानी घर लौटते समय टवेरा गाड़ी से टक्कर मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस की विवेचना में पीसी शर्मा को मास्टरमाइंड मानते हुए आठ को आरोपी बनाया गया था। आरोपी पीसी शर्मा को उच्च न्यायालय इलाहाबाद से जमानत मिल गई थी। मुकदमे की वादी विपर्णा गौड़ ने इसका विरोध किया। बाद में पीसी शर्मा की जमानत उच्च न्यायालय इलाहाबाद से खारिज हो गई थी। वर्तमान में पीसी शर्मा लखीमपुर खीरी कारागार में बंद है। आरोपी पीसी शर्मा ने अपने पैरोल के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। उसका कहना था कि वह लखीमपुर खीरी जेल से अपने मुकदमे की समुचित पैरवी नहीं कर पा रहा है। मुकदमे की पैरवी के लिए धन की आवश्यकता है। इसलिए 15 दिन का पैरोल दिया जाए। वादिनी विपर्णा गौड़ ने पैरोल जमानत प्रार्थना पत्र पर आपत्ति दाखिल की। राज्य की ओर से एडीजीसी सुधीर कुमार मिश्रा ने भी विरोध किया।
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स्पेशल जज एससी एसटी एक्ट महेंद्र सिंह तृतीय ने एडीजीसी सुधीर कुमार मिश्रा और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुनने के बाद आरोपी पीसी शर्मा का पैरोल जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। इस मामले में वादिनी विपर्णा गौड़ की गवाही जारी है। अब पांच मार्च 2022 की तिथि नियत की गई है।
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पीसी शर्मा के पुत्र आयुष ने पैरोल प्रार्थना पत्र के शपथ पत्र में यह बात जानबूझकर छिपाई है कि यह तीसरा पैरोल प्रार्थना पत्र है। इससे पूर्व अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम के यहां ट्रायल कोर्ट में बड़े बेटे की शादी शामिल होने को दिया था जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद पैरोल प्रार्थना पत्र उच्च न्यायालय इलाहाबाद में बेटे की शादी में जाने के लिए डाला, जिसे उच्च न्यायालय ने भी 25 नवंबर 2020 को खारिज कर दिया था।
- विपर्णा गौड़, वादी
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