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स्कंदमाता के दर्शन कर धन्य हुए श्रद्धालु
अमर उजाला ब्यूरो,बदायूं
Updated Mon, 25 Sep 2017 11:22 PM IST
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Temple
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नवरात्र के पांचवें दिन श्रद्धालुओं ने नवदुर्गा के स्वरूप स्कंदमाता की पूजा अर्चना की। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। शहर के सिद्धपीठ नगला मंदिर में मां के दर्शन के लिए सुबह से ही लंबी लाइन लगी रही। श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन कर मनौतियों मांगी।
वहीं बिसौली में नवरात्र के पांचवें दिन खासकर महिलाओं और बच्चों ने माता हथौड़ा देवी, गंवादेवत, बैनी महाराज, हाथी वाला मंदिर आदि मंदिरों में जाकर जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने फल, फूल और प्रसाद चढ़ाकर माता से मुरादें मांगीं। फूल, धूप, अगरबत्ती आदि की सुगंध के साथ साथ श्रद्धालुओं के जयकारे से वातावरण भक्तिमय हो गया।
इधर आदर्श क्लब गदरपुरा के तत्वावधान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन साध्वी कुसुम शास्त्री ने अमृतवाणी का रसपान कराया। ध्रुव प्रसंग सुनाते हुए कहा कि घृणा रूपी विशपान करने वाले ने ही सदा ईश्वर को प्राप्त किया है। साध्वी कुसुम ने कहा कि साधू के वेश में रहने वाले दानवों को पहचानना तो युगों युगों से दुष्कर रहा है। कथा में रूपकिशोर, सचिन, मुकेश, चन्द्रपाल, कमलकिशोर, नीरज, राहुल, विष्णु, आदि का विशेष सहयोग रहा।
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वहीं बिसौली में नवरात्र के पांचवें दिन खासकर महिलाओं और बच्चों ने माता हथौड़ा देवी, गंवादेवत, बैनी महाराज, हाथी वाला मंदिर आदि मंदिरों में जाकर जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने फल, फूल और प्रसाद चढ़ाकर माता से मुरादें मांगीं। फूल, धूप, अगरबत्ती आदि की सुगंध के साथ साथ श्रद्धालुओं के जयकारे से वातावरण भक्तिमय हो गया।
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इधर आदर्श क्लब गदरपुरा के तत्वावधान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन साध्वी कुसुम शास्त्री ने अमृतवाणी का रसपान कराया। ध्रुव प्रसंग सुनाते हुए कहा कि घृणा रूपी विशपान करने वाले ने ही सदा ईश्वर को प्राप्त किया है। साध्वी कुसुम ने कहा कि साधू के वेश में रहने वाले दानवों को पहचानना तो युगों युगों से दुष्कर रहा है। कथा में रूपकिशोर, सचिन, मुकेश, चन्द्रपाल, कमलकिशोर, नीरज, राहुल, विष्णु, आदि का विशेष सहयोग रहा।
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