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Budaun News: गणेश कथा को सच्चे भाव से सुनना चाहिए श्रद्धालुओं को
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बिल्सी बालाजी दरबार में गणेश कथा को सुनते लोग। संवाद
बिल्सी। श्री सिद्धपीठ बालाजी धाम के तत्वावधान में पांच दिवीसीय भगवान गणेश की कथा का शुभांरभ किया गया। यहां सबसे पहले विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए।
चंदौसी से आए कथा व्यास पंडित भूदेव शंखधार ने कहा कि भारत में सनातन संस्कृति के लोग आए दिनों अलग-अलग त्योहार मनाते रहते हैं। भाद्रपद महीने में कृष्ण जन्माष्टमी के बाद अब गणेश चतुर्थी का त्योहार आने वाला है। सनातन संस्कृति के लोग किसी भी देवी देवता की पूजा करने से पहले भगवान श्री गणेश की पूजा करते हैं।
भगवान श्री गणेश को विनायक, गजानन, एकदंत और विघ्नहर्ता के नाम से भी जाना जाता है। कहा कि जो भक्त भगवान गणेश की कथा का सच्चे भाव से रसपान करता है, वह उसकी सभी मनोकामनाओं का पूर्ण करते है। इस मौके पर दरबार के प्रधान महंत मटरूमल शर्मा, स्वतंत्र राठी, चारु सोमानी, विशाल, भारत खासट, राजाबाबू, राजेश सोमानी, आशीष वशिष्ठ आदि मौजूद रहे। संवाद
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चंदौसी से आए कथा व्यास पंडित भूदेव शंखधार ने कहा कि भारत में सनातन संस्कृति के लोग आए दिनों अलग-अलग त्योहार मनाते रहते हैं। भाद्रपद महीने में कृष्ण जन्माष्टमी के बाद अब गणेश चतुर्थी का त्योहार आने वाला है। सनातन संस्कृति के लोग किसी भी देवी देवता की पूजा करने से पहले भगवान श्री गणेश की पूजा करते हैं।
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भगवान श्री गणेश को विनायक, गजानन, एकदंत और विघ्नहर्ता के नाम से भी जाना जाता है। कहा कि जो भक्त भगवान गणेश की कथा का सच्चे भाव से रसपान करता है, वह उसकी सभी मनोकामनाओं का पूर्ण करते है। इस मौके पर दरबार के प्रधान महंत मटरूमल शर्मा, स्वतंत्र राठी, चारु सोमानी, विशाल, भारत खासट, राजाबाबू, राजेश सोमानी, आशीष वशिष्ठ आदि मौजूद रहे। संवाद
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