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Budaun News: तैनाती बगरैन में, तीन साल से सैदपुर सीएचसी पर कर रहे डयूटी
Tue, 31 Oct 2023 12:44 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Tue, 31 Oct 2023 12:44 AM IST
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पीएचसी,बगरैन। संवाद
सैदपुर। नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बगरैन पर अब से करीब तीन वर्ष पूर्व डॉ. विकास श्रीवास्तव की नियुक्ति हुई थी, लेकिन उनको सैदपुर सीएचसी पर डयूटी कराई जा रही है। लोगों का कहना है कि वह तीन साल के कार्यकाल में वह एक भी बार बगरैन नवीन पीएचसी नहीं गए हैं।
सैदपुर सीएचसी पर अब तक तत्कालीन चिकित्साधिकारी डा. फिरासत हुसैन ने डॉ. विकास को सैदपुर सीएचसी पर अटैच कर रखा था। लोगों का कहना है कि वह तीन साल में एक भी बार अपनी मूल तैनात पर डयूटी करने नहीं गए। इस स्वास्थ्य केंद्र पर करीब दो दर्जन गांव के इलाज के लिए लोग निर्भर हैं। एक माह पूर्व नए चिकित्साधिकारी डॉक्टर जुनैद मेहंदी के आने पर लोगों को उम्मीद थी कि डॉ. विकास की सेवाएं उन्हें बगरैन अस्पताल पर मिलेंगी, लेकिन व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं आया। बगरैन क्षेत्र में पेपल, बरीपुरा, उदयपुर सहित डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड सबसे अधिक प्रभावित रहा है। करीब तीन दर्जन लोगों की मौत भाजपा नेता सहित हो चुकी हैं। वर्तमान में यहां एक आयुष चिकित्सक फराह अंसारी की तीन माह पहले नियुक्ति हुई है जो दिन में ओपीडी करने के बाद घर चली जाती हैं। रात में कोई डाॅक्टर बगरैन पीएचसी पर नहीं रहते।
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सैदपुर सीएचसी पर अब तक तत्कालीन चिकित्साधिकारी डा. फिरासत हुसैन ने डॉ. विकास को सैदपुर सीएचसी पर अटैच कर रखा था। लोगों का कहना है कि वह तीन साल में एक भी बार अपनी मूल तैनात पर डयूटी करने नहीं गए। इस स्वास्थ्य केंद्र पर करीब दो दर्जन गांव के इलाज के लिए लोग निर्भर हैं। एक माह पूर्व नए चिकित्साधिकारी डॉक्टर जुनैद मेहंदी के आने पर लोगों को उम्मीद थी कि डॉ. विकास की सेवाएं उन्हें बगरैन अस्पताल पर मिलेंगी, लेकिन व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं आया। बगरैन क्षेत्र में पेपल, बरीपुरा, उदयपुर सहित डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड सबसे अधिक प्रभावित रहा है। करीब तीन दर्जन लोगों की मौत भाजपा नेता सहित हो चुकी हैं। वर्तमान में यहां एक आयुष चिकित्सक फराह अंसारी की तीन माह पहले नियुक्ति हुई है जो दिन में ओपीडी करने के बाद घर चली जाती हैं। रात में कोई डाॅक्टर बगरैन पीएचसी पर नहीं रहते।
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