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गिराना था 60 साल पुराना भवन, ढहा दिया 20 वर्ष पहले बना

Wed, 02 Nov 2022 01:36 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 02 Nov 2022 01:36 AM IST
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Demolition was 60 years old, demolished the building built 20 years ago
उझानी के सिकंद्राबाद का जर्जर पुराना विद्यालय भवन। संवाद - फोटो : BADAUN
उझानी (बदायूं)। पिछले साल जर्जर बताकर ढहाए गए सिकंद्राबाद संविलियन विद्यालय के भवन मामले में भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष अजय तोमर को जन सूचना अधिकार (आरटीआई) से मिले जवाब ने अफसरों की मुश्किल बढ़ा दी है। आरोप है कि वर्ष-1963 में बना भवन ढहाया जाना था, लेकिन उसके स्थान पर वर्ष 2002 में बना भवन गिरा दिया गया। नीलामी प्रक्रिया में भी पारर्दिशता नहीं बरती गई।
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अजय तोमर के मुताबिक वर्ष 2021 में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालयों के जर्जर भवन ढहाए जाने वाली सूची में सिकंद्राबाद के संविलियन विद्यालय का भी नाम शामिल रहा था। सिकंद्राबाद में विद्यालय के दो भवन थे। एक 1963 तो दूसरा वर्ष 2002 में बना था। प्रक्रिया के तहत वर्ष 1963 में बना विद्यालय भवन गिराया जाना था।
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विभागीय टीम ने पैमाइश वर्ष 2002 वाले भवन की कर ली। साल भर पहले भवन ढहाया गया तो उन्होंने तभी अफसरों से शिकायत की। इसके बाद भी अफसरों ने गौर नहीं किया। फिर आरटीआई के तहत जवाब मांगा तो अफसरों ने जवाब देकर सही तथ्यों को छिपा लिया। जवाब में बीएसए से लेकर बीईओ तक ने अपनी चूक का जिक्र नहीं किया है। अजय तोमर ने अफसरों पर एक-दूसरे को बचाने का आरोप भी लगाया है।
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ब्लॉक स्तरीय अफसर पर भ्रष्टाचार का आरोप
भाजपा के नगर महामंत्री अशोक तोमर ने बेसिक शिक्षा विभाग के ब्लॉक स्तरीय एक अफसर पर भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं। बकौल अशोक सिकंद्राबाद विद्यालय में एक अध्यापक ने दो शिक्षामित्रों से अभद्र व्यवहार और मारपीट की। शिक्षामित्रों की शिकायत पर विभागीय स्तर से उन्हीं को परेशान किया जाने लगा है। अफसर के करीबी अध्यापक आर्थिक फायदे के लिए शिक्षामित्रों को बेवजह परेशान करते हैं।

सिकंद्राबाद के जिस भवन को ढहाए जाने की शिकायत की गई थी, उसके बारे में पैमाइश से लेकर नीलामी तक प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की गई थी। दरअसल, गोल छत वाले सभी पुराने भवन कंडम घोषित किए थे। वर्ष-2002 में जो भवन बना था, वह उसी श्रेणी में शामिल है।- शशांक शुक्ला, बीईओ।
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