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Budaun News: युद्ध के बीच खजूर महंगा, बासमती चावल का भी निर्यात प्रभावित

Fri, 06 Mar 2026 12:00 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 06 Mar 2026 12:00 AM IST
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Dates are expensive amid the war, Basmati rice exports are also affected.
अमित पांडेय, व्यापारी।
बदायूं। अमेरिका-इस्राइल-ईरान युद्ध से पैदा हुए वैश्विक संकट का असर स्थानीय बाजारों और निर्यात के कारोबार पर भी पड़ने लगा है। माह-ए-रमजान में सबसे ज्यादा बिकने वाले खजूर खाड़ी देशों से आते हैं, जिनकी कीमतें बढ़ गईं हैं। वहीं, जिले से निर्यात होने वाले बासमती चावल के ऑर्डर भी अटके हुए हैं। इससे चावल के दामों में 300 से 400 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई है। अगर युद्ध बंद नहीं हुआ तो बासमती चावल का निर्यात पूरी तरह से बंद हो जाएगा।
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शहर में खजूर मुख्य रूप से ईरान, जॉर्डन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देशों से आता है। युद्ध के चलते समुद्र से होने वाला व्यापार ठप है। हाल ही में एक ऑयल टैंकर में आगजनी के बाद से सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। सप्लाई चेन बाधित होने और अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ने से सामान आने में परेशानी हो रही है।
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अजवा, मेडजूल और सफावी किस्म के खजूर का आयात सीमित देशों से होता है। बीते वर्ष की तुलना में खजूर 10 से 20 प्रतिशत महंगे बिक रहे हैं। अब तक इनकी कीमत 150 से लेकर 200 रुपये प्रति किलो थी, अब यह खजूर 200 से 300 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। कारोबारियों का कहना है कि अगर आने वाले समय में हालात नहीं सुधरे तो दाम और बढ़ेंगे। (संवाद)
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बासमती चावल का निर्यात भी थमा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जिले से साल 2024-25 में 212 करोड़ रुपये के बासमती चावल का निर्यात किया गया था। सितंबर 2025 से ही ईरान में पैदा हुए संकट के बाद से ही निर्यात पर असर दिखने लगा था। वहीं हाल ही में पैदा हुए वैश्विक उथल-पुथल के बीच निर्यात फिर थम सा गया है। निर्यातकों ने कहा कि जब तक मध्य एशिया में हालात स्थिर नहीं होते, तब तक निर्यात प्रभावित रह सकता है।




खाड़ी देशों को होता है बासमती चावल का निर्यात

इस वक्त समुद्री मार्ग सबसे ज्यादा प्रभावित है। इसका सीधा असर निर्यात पर पड़ रहा है। बासमती चावल इन्हीं देशों को निर्यात किया जाता है। युद्ध नहीं रुका तो निर्यात और भी प्रभावित होगा। - अमित पांडेय, व्यापारी


बढ़ सकते हैं कच्चे तेल के दाम

युद्ध का असर कपड़ा, कच्चे तेल, सोने-चांदी के दामों पर पड़ सकता है। निर्यात प्रभावित होगा। व्यापारियों की लगातार धड़कनें बढ़ी हुईं हैं। अगर युद्ध नहीं रुका तो हालात और भी भयाभय देखने को मिलेंगे - पुष्पेंद्र कुमार, व्यापारी


सोच समझकर व्यापार कर रहे व्यापारी
सिर्फ निर्यात ही नहीं, घरेलू बाजार में भी कई सामान महंगे हो सकते हैं। व्यापारियों को भी सजग रहना होगा। अब व्यापारी वर्ग सोच-समझकर व्यापार कर रहा है। कभी भी बाजार में महंगाई का रुख देखने को मिल सकता है। - कमलेश गुप्ता, एक्सपोर्टर व्यापारी




खजूर पर युद्ध का दिख रहा असर
ईरान समेत अन्य खाड़ी देशों से खजूर का आयात होता है, युद्ध के बीच इनका आयात बाधित हुआ है। इससे महंगाई बढ़ रही है। खजूर अभी और भी महंगे हो सकते हैं - महेंद्र कुमार प्रजापति, व्यापारी

अमित पांडेय, व्यापारी।

अमित पांडेय, व्यापारी।

अमित पांडेय, व्यापारी।

अमित पांडेय, व्यापारी।

अमित पांडेय, व्यापारी।

अमित पांडेय, व्यापारी।

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