{"_id":"663df2fb68d3103c980cf3bb","slug":"cyber-thugs-trapped-people-by-posing-as-police-officers-in-budaun-2024-05-10","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Budaun: हैलो इंस्पेक्टर बोल रहा हूं... आपका बेटा तस्करी में पकड़ा गया है; ऐसी कॉल आए तो हो जाएं सावधान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun: हैलो इंस्पेक्टर बोल रहा हूं... आपका बेटा तस्करी में पकड़ा गया है; ऐसी कॉल आए तो हो जाएं सावधान
Fri, 10 May 2024 03:47 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 10 May 2024 03:47 PM IST
सार
अगर आपके पास अनजान नंबर से कॉल आए। कॉल करने वाला खुद को पुलिस अफसर बताए तो सावधान हो जाएं। हो सकता है ये कॉल किसी साइबर ठग ने किया हो। बदायूं में इस तरह के कई मामले सामने आए हैं।
विज्ञापन
साइबर ठगी (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
साइबर ठग लोगों से ठगी करने के लिए तरीके इस्तेमाल कर रहे हैं। ये लोग कभी एसपी, दरोगा, इंस्पेक्टर तो कभी नॉरकोटिक्स का अधिकारी बनकर बात करते हैं। ऐसे में इन कॉलों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। अक्सर घर के किसी व्यक्ति के पकड़े जाने की बात सुनकर परिजन सुधबुध खो बैठते हैं, जिसका फायदा फोन करने वाले ये ठग उठाते हैं।
विज्ञापन
बदायूं के साइबर थाना प्रभारी विनोद कुमार बर्धन कहते हैं कि सबसे पहले लोग जल्दबाजी न करें। पहले मामले की सच्चाई पता करें, फिर उसके बाद अगला कदम उठाएं। खासकर किसी इंस्पेक्टर, पुलिस अधिकारी या फिर नारकोटिक्स विभाग से कोई कॉल आए। कॉल आते ही उसकी बातों में न आएं। पहले सच्चाई पता करें। उसके बाद पुलिस को सूचना दें।
विज्ञापन
खुद को इंस्पेक्टर बताकर की कॉल
करीब एक माह पहले शहर के लोची नगला निवासी रामशरन गुप्ता के मोबाइल पर कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को इंस्पेक्टर बताते हुए कहा था कि उनका बेटा जम्मू-कश्मीर में पढ़ता है। वह पढ़ाई के दौरान मादक पदार्थ की तस्करी करते पकड़ा गया है। उनका बेटा अभयराज वास्तव में जम्मू-कश्मीर में पढ़ाई कर रहा था। कॉल आने के दौरान वह अपनी कक्षा में था।
विज्ञापन
शुरुआत में रामशरन गुप्ता डर गए, लेकिन तब तक उनके भाई अवनीश गुप्ता ने अभयराज को कॉल लगा दी। उसने बताया कि वह अभी कक्षा में पढ़ाई कर रहा है। वह बाद में बात करेगा, लेकिन जब उन्होंने अभय को सच्चाई बताई तो उसने अपने अध्यापक से बात कराई। तब कहीं रामशरन गुप्ता ठगी का शिकार होते-होते बचे।
महिला एसपी बनकर दुकानदार से की ठगी
उझानी कस्बे का मामला बड़ा सुर्खियों में रहा था। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के थाना पाटन क्षेत्र के थापक वार्ड पाटन निवासी संकेत यादव ने महिला एसपी आराध्या चौहान बनकर उझानी के ज्वैलर्स आलोक अग्रवाल को कॉल की थी। संकेत यादव लड़की की आवाज निकालने में माहिर था। उसने ज्वैलर्स से कहा था कि वह ग्वालियर की एसपी बोल रही है।
उसके यहां एक रूपा नाम की महिला पकड़ी गई है। उसने चोरी के जेवर आपकी दुकान पर बेचे थे। इससे ज्वैलर्स डर गए थे। बाद में संकेत ने पुलिस को भी कॉल की, जिससे पूरा मामला उलझ गया था और ज्वैलर्स से ठगी हो गई थी। बाद में पुलिस ने मामले की छानबीन करते हुए संकेत यादव को गिरफ्तार किया। तब पूरे मामले का खुलासा हुआ था।
एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि साइबर ठगी को लेकर पिछले काफी समय से लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है। अगर लोग साइबर ठगी के शिकार भी हो जाते हैं तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर जरूर मिलाएं और अपनी शिकायत दर्ज कराएं, जिससे रुपये ट्रांसफर होने से बचाए जा सकें। इसमें जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
उझानी कस्बे का मामला बड़ा सुर्खियों में रहा था। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के थाना पाटन क्षेत्र के थापक वार्ड पाटन निवासी संकेत यादव ने महिला एसपी आराध्या चौहान बनकर उझानी के ज्वैलर्स आलोक अग्रवाल को कॉल की थी। संकेत यादव लड़की की आवाज निकालने में माहिर था। उसने ज्वैलर्स से कहा था कि वह ग्वालियर की एसपी बोल रही है।
उसके यहां एक रूपा नाम की महिला पकड़ी गई है। उसने चोरी के जेवर आपकी दुकान पर बेचे थे। इससे ज्वैलर्स डर गए थे। बाद में संकेत ने पुलिस को भी कॉल की, जिससे पूरा मामला उलझ गया था और ज्वैलर्स से ठगी हो गई थी। बाद में पुलिस ने मामले की छानबीन करते हुए संकेत यादव को गिरफ्तार किया। तब पूरे मामले का खुलासा हुआ था।
एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि साइबर ठगी को लेकर पिछले काफी समय से लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है। अगर लोग साइबर ठगी के शिकार भी हो जाते हैं तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर जरूर मिलाएं और अपनी शिकायत दर्ज कराएं, जिससे रुपये ट्रांसफर होने से बचाए जा सकें। इसमें जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
ऐसे रहें सावधान
साइबर थाना की ओर से प्रत्येक बुधवार को जागरूकता अभियान चलाया जाता है। शहर में भी अलग-अलग जगह पर लोगों को इसकी जानकारी दी जाती है।
- किसी दरोगा या इंस्पेक्टर की कॉल आने पर घबराएं नहीं, पहले उसकी सच्चाई पता करें।
- किसी की कॉल आने पर तुरंत रुपये ट्रांसफर न करें। कॉल करके कोई रुपये मांगता है तो समझ जाएं किसी ठग की है कॉल।
- अपनी आईडी, पासवर्ड या ओटीपी बिल्कुल शेयर न करें। सोशल मीडिया पर अपना मोबाइल नंबर सार्वजनिक न करें। सोशल मीडिया पर अपनी लोकेशन भी सार्वजनिक करने से बचें।
साइबर थाना की ओर से प्रत्येक बुधवार को जागरूकता अभियान चलाया जाता है। शहर में भी अलग-अलग जगह पर लोगों को इसकी जानकारी दी जाती है।