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जैम पोर्टल पर उझानी पालिका की आईडी हैक कर अपलोड कर डाले फर्जी टेंडर

Wed, 18 Dec 2019 09:06 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 18 Dec 2019 09:06 PM IST
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cyber crime
उझानी (बदायूं)। गवर्मेंट ई-मार्केट पोर्टल (जैम पोर्टल) पर नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को सप्लाई के सामान से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया पर हैकर की सेंधमारी का मामला सामने आया है। हैकर की चपेट में उझानी नगर पालिका परिषद की मेल आईडी आ गई। आईडी को हैक करके पिछले दिनों दो सौ लाइटों और टेंपो खरीदने के लिए हैकर ने टेंडर अपलोड कर दिया। इसकी भनक पालिका प्रशासन को लगी तो हड़कंप मच गया। ईओ ने विभागीय अफसरों को भी पूरे मामले से अवगत कराया। फर्जी टेंडर निरस्त कर हालांकि आईडी का पासवर्ड चेंज कर दिया गया है, लेकिन हैकर के बारे में कोई क्लू सामने नहीं आया है।
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उझानी पालिका की जैम पोर्टल पर आईडी हैक किए जाने का मामला छह दिसंबर का है। हैकर ने पालिका की आईडी का पासवर्ड हासिल करके सेंधमारी कहां की, यह तो जांच के बाद ही पता लगेगा, लेकिन उसने पालिका को दो सौ लाइटों और एक टेंपो की खरीद के लिए जो टेंडर लोड किए, उसकी भनक पालिका प्रशासन को दो-तीन दिन बाद ही लग गई। भनक लगते ही ईओ धीरेंद्र कुमार राय ने जिले के अफसरों को पूरे मामले से अवगत कराया। बताते हैं कि टेंडर अपलोड होने के बाद कुछेक ठेकेदारों ने संबंधित कंपनियों के सामान का रेट भी अपलोड कर दिया। विभागीय अफसरों से वार्ता के बाद ईओ ने जैम पोर्टल पर अपलोड दोनों टेंडर निरस्त कर दिए हैं। बताते हैं कि ऐसा पहली बार हुआ है। वह तो गनीमत रही जो समय रहते ही आईडी हैक किए जाने का भंडाफोड़ हो गया, नहीं तो हैकर अपने मंसूबों में सफल होकर सप्लाई के सामान के जरिये पालिका को बड़ा आर्थिक नुकसान भी पहुंचा सकता था। पालिका प्रशासन ने जैम पोर्टल पर अपनी आईडी का पासवर्ड भी चेंज कर लिया है। बता दें कि जैम पोर्टल पर टेंडर अपलोड कर सप्लाई का सामान खरीदा जाता है। सामान मुहैया कराने के लिए जो भी ठेकेदार या फिर कंपनी उचित रेट अपलोड करती है, पालिका और नगर पंचायतें उसी सामान को खरीदती हैं। इसके विपरीत ईओ ने हैकर का पता लगाने के लिए खुद जांच भी शुरू कर दी है।
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आसान नहीं होता सरकारी आईडी हैक करना
उझानी। नगर पालिका परिषद की जैम पोर्टल पर आईडी हैक कर फर्जी टेंडर अपलोड किए जाने को लेकर जानकारों की मानें तो ऐसा बहुत कम ही सुनने में आता है। जैम पोर्टल पर जिस पालिका या नगर पंचायत की आईडी है। उसका पासवर्ड पालिका अथवा नगर पंचायत में कुछ ही लोगों को पता होता है। कर्मचारी में वह होता है जो आईडी संचालित करता है। अफसरों में ईओ और जेई के अलावा पासवर्ड की किसी और को जानकारी नहीं होती लेकिन मास्टर माइंड हैकर ऐसा कर सकते हैं।
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पालिका की आईडी को हैक किए जाने का मामला काफी गंभीर है। हर पहलू पर तहकीकात कर रहे हैं। फिलहाल, टेंडर निरस्त कर आईडी का पासवर्ड चेंज कर दिया गया है। हैकर का पता लगने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी कराई जाएगी।
- डॉ. धीरेंद्र कुमार राय, ईओ।
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