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भागवत सुनने से मिलती है सुख, शांति और मुक्ति : योगेश मिश्र
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बिल्सी के गांव बड़नौमी में भागवत कथा सुनाते कथावाचक योगेश मिश्र। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव बड़नौमी स्थित श्रीराम मंदिर पर चल रही संगीतमयी श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के तीसरे दिन पटियाली से पधारे कथावाचक योगेश मिश्र ने कहा कि बुरे काम का बुरा नतीजा होता है। मनुष्य को भागवत का श्रवण अवश्य करना चाहिए क्योंकि इसी से सुख-शांति और मुक्ति मिलती है।
कथावाचक ने कहा कि गोकर्ण और धुंधकारी की कथा से स्पष्ट है कि कर्म, धर्म मनुष्य को संयमित और वेद रीति नीति से करना चाहिए और भाई से रंजिश नहीं करना चाहिए, क्योंकि आखिर में भाई ही भाई के काम आता है।
उन्होंने कहा कि कर्म और धर्म मनुष्य को उचित करने चाहिए और हिस्सा बंटवारे को लेकर आपस में भाई से रंजिश विवाद नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण को नियमित नियम से संयमपूर्वक सुनने से जीव को सुख शांति और अंत में मुक्ति प्राप्त होती है। इस मौके पर उमाशंकर गिरि महाराज, सुखलाल शर्मा, रविकांत शर्मा, राजीव कुमार, नौनीराम, राकेश कुमार शर्मा, विजय कुमार, एवरन सिंह, नत्थूलाल मौर्य, मुंशीलाल आदि मौजूद रहे।
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कथावाचक ने कहा कि गोकर्ण और धुंधकारी की कथा से स्पष्ट है कि कर्म, धर्म मनुष्य को संयमित और वेद रीति नीति से करना चाहिए और भाई से रंजिश नहीं करना चाहिए, क्योंकि आखिर में भाई ही भाई के काम आता है।
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उन्होंने कहा कि कर्म और धर्म मनुष्य को उचित करने चाहिए और हिस्सा बंटवारे को लेकर आपस में भाई से रंजिश विवाद नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण को नियमित नियम से संयमपूर्वक सुनने से जीव को सुख शांति और अंत में मुक्ति प्राप्त होती है। इस मौके पर उमाशंकर गिरि महाराज, सुखलाल शर्मा, रविकांत शर्मा, राजीव कुमार, नौनीराम, राकेश कुमार शर्मा, विजय कुमार, एवरन सिंह, नत्थूलाल मौर्य, मुंशीलाल आदि मौजूद रहे।
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