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प्रकृति प्रेमी निराश, इस बार नहीं खिले टेसू के फूल
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कादरचौक में इस बार नहीं खिले टेसू के फूल। संवाद
- फोटो : BADAUN
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कादरचौक (बदायूं)। ककोड़ा व भदरौल गांव के जंगल में टेसू के फूल इस बार नहीं खिले। जलवायु परिवर्तन को इसकी वजह माना जा रहा है। पहले इन्हीं टेसू के फूलों से बने रंग से प्राकृतिक तरीके से होली खेल रहे हैं। इस बार फूल न खिलने से वे निराश हैं।
प्राचीन ग्रंथों में भी इस बात का उल्लेख है। पुराने लोगों का कहना है कि लाल रंग के टेसू के फूल पेड़ से जब गिरते थे तो हर कोई आनंदित होता था। बताया जाता है कि कादरचौक और भदरौल में ही इसके पेड़ हैं। काफी संख्या में कटान के बाद इनकी संख्या भी कम रह गई है। संवाद
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प्राचीन ग्रंथों में भी इस बात का उल्लेख है। पुराने लोगों का कहना है कि लाल रंग के टेसू के फूल पेड़ से जब गिरते थे तो हर कोई आनंदित होता था। बताया जाता है कि कादरचौक और भदरौल में ही इसके पेड़ हैं। काफी संख्या में कटान के बाद इनकी संख्या भी कम रह गई है। संवाद
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कादरचौक में खिले टेसू के फूल(फाइल फोटो)। संवाद- फोटो : BADAUN