{"_id":"576c2dc44f1c1bb576b48269","slug":"why-cast-unprepared-encounter","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना तैयारी मुठभेड़ में क्यों झोंक दिया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बिना तैयारी मुठभेड़ में क्यों झोंक दिया
बदायूं, ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jun 2016 12:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं में बदमाशों से मुठभेड़ में शहीद हुए दरोगा सर्वेश कुमार यादव के परिजनों ने पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाया है। पुलिस लाइंस में सलामी के बाद जैसे ही आईजी ने सांत्वना दी घर वाले फट पड़े। एसओ की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक सिपाही के साथ वो भी बिना वर्दी के टीम को बदमाशों को पकड़ने भेजने की क्या जरूरत थी। सर्वेश को मुठभेड़ के लिए भेजकर मरवा दिया। भाइयों ने कहा कि सर्वेश की मौत की जिम्मेदारी अफसरों की भी है। उन्होंने कहा कि मामले की मजिस्ट्रेटी जांच होनी चाहिए।
बिनावर थाना क्षेत्र के घटबहेटी गांव के पास मुठभेड़ में सर्वेश के शहीद होने की सूचना मिलने पर उनके छोटे भाई अवधेश कुमार यादव, उमेश यादव और कन्नौज के दरोगा दोस्त सत्यदेव सिंह यादव समेत कई लोग बुधवार को देर रात ही बरेली पहुंच गए। बृहस्पतिवार की सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव को पुलिस लाइन लाया गया। यहां आईजी विजय सिंह मीना, डीआईजी आशुतोष कुमार, एसएसपी आरके भारद्वाज के अलावा एसएसपी बदायूं समेत तमाम अफसर पहुंचे। दरोगा को शोक सलामी के साथ विदाई दी गई। सलामी के बाद आईजी जैसे ही परिवार वालों को सांत्वना देने लगे, उन्होंने नाराजगी जतानी शुरू कर दी। दरोगा के भाई अवधेश कुमार यादव मथुरा में पुलिस विभाग में चालक हैं। उन्होंने कहा कि एसओ की नादानी से उनका भाई मारा गया है। दो पुलिस कर्मियों की टीम कौन बनाता है। उसी ने उनके भाई को मौत के मुंह में भेजा। छोटा भाई उमेश आईटीबीपी में दिल्ली में तैनात हैं। उमेश ने भी अपने भाई की मौत पर सवाल खड़े करते हुए मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराने की मांग करी। सर्वेश के दोस्त दरोगा सत्यदेव यादव ने कहा कि इस तरह मुठभेड़ कहीं होती है। एक सिपाही को दरोगा के साथ सादे कपड़ों में भेजा ही नहीं जाना चाहिए था। ऐसा भी नहीं था कि कोई बहुत बड़ी लूट हो गई थी। सफेद रंग की बाइक पर बदमाशों के घूमने की सूचना मिलने पर बिना वर्दी में फोर्स को भेजने की जल्दी क्यों की गई। एसओ ललित मोहन के फैसले की वजह से सर्वेश की जान गई है। आईजी विजय सिंह ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि वह इस मामले की सीओ स्तर से जांच करा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बिनावर थाना क्षेत्र के घटबहेटी गांव के पास मुठभेड़ में सर्वेश के शहीद होने की सूचना मिलने पर उनके छोटे भाई अवधेश कुमार यादव, उमेश यादव और कन्नौज के दरोगा दोस्त सत्यदेव सिंह यादव समेत कई लोग बुधवार को देर रात ही बरेली पहुंच गए। बृहस्पतिवार की सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव को पुलिस लाइन लाया गया। यहां आईजी विजय सिंह मीना, डीआईजी आशुतोष कुमार, एसएसपी आरके भारद्वाज के अलावा एसएसपी बदायूं समेत तमाम अफसर पहुंचे। दरोगा को शोक सलामी के साथ विदाई दी गई। सलामी के बाद आईजी जैसे ही परिवार वालों को सांत्वना देने लगे, उन्होंने नाराजगी जतानी शुरू कर दी। दरोगा के भाई अवधेश कुमार यादव मथुरा में पुलिस विभाग में चालक हैं। उन्होंने कहा कि एसओ की नादानी से उनका भाई मारा गया है। दो पुलिस कर्मियों की टीम कौन बनाता है। उसी ने उनके भाई को मौत के मुंह में भेजा। छोटा भाई उमेश आईटीबीपी में दिल्ली में तैनात हैं। उमेश ने भी अपने भाई की मौत पर सवाल खड़े करते हुए मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराने की मांग करी। सर्वेश के दोस्त दरोगा सत्यदेव यादव ने कहा कि इस तरह मुठभेड़ कहीं होती है। एक सिपाही को दरोगा के साथ सादे कपड़ों में भेजा ही नहीं जाना चाहिए था। ऐसा भी नहीं था कि कोई बहुत बड़ी लूट हो गई थी। सफेद रंग की बाइक पर बदमाशों के घूमने की सूचना मिलने पर बिना वर्दी में फोर्स को भेजने की जल्दी क्यों की गई। एसओ ललित मोहन के फैसले की वजह से सर्वेश की जान गई है। आईजी विजय सिंह ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि वह इस मामले की सीओ स्तर से जांच करा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन