लाखों की ठगी करने वाला मोनू पुलिस के हत्थे चढ़ा
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एक बीमा कंपनी की ओर से इनाम दिए जाने का झांसा देकर मोबाइल के जरिए लाखों की ठगी करने वाले पांच हजार के इनामी को थाना सिविल लाइंस पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पकड़ा गया जालसाज आगरा का रहने वाला है। पुलिस का दावा है कि उसके पास से एक तमंचा भी बरामद किया गया है। पुलिस को इस जालसाजी में शामिल रहे अन्य लोगों की तलाश है। करीब दो साल पहले संतोष वर्मा वरिष्ठ लेखा परीक्षक स्थानीय निधि लेखा परीक्षक विभाग उत्तर प्रदेश ने यहां सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक एक अनजान व्यक्ति ने उनके मोबाइल पर फोन करके एक बीमा कंपनी की तरफ से इनाम घोषित होने का लालच दिया और इनाम पाने के लिए प्रोसेसिंग फीस के रूप में 35,27,638 रुपये जमा करने को कहा। उन्हें प्रोसोसिंग फीस जमा करने के लिए बदायूं स्थित एक प्राइवेट बैंक का खाता नंबर दिया गया। तफ्तीश के दौरान पुलिस को पता चला कि जालसाज मोनू कुशवाह ने इसी तरफ इनाम का लालच देकर अलग-अलग लोगों से कुल 11,51,200 रुपये जमा कराए। खास बात यह कि जालसाज ने बात करते समय हर बार अलग-अलग मोबाइल का इस्तेमाल किया। सविल लाइंस एसओ ओमकार सिंह ने बताया कि इस मामले में धारा 420 और 66 आईटी एक्ट के तहत मोनू कुशवाह के विरुद्ध मुकदमा लिखा गया गया था। उसकी गिरफ्तारी को कई बार पुलिस ने प्रयास किए लेकिन मोनू हाथ नहीं आ सका। एसओ ने बताया कि फरार चल रहे मोनू कुशवाह की गिरफ्तारी को एसएसपी की ओर से पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी नगर के निर्देशन में एसओ सिविल लाइंस के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। बताया कि मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार को स्थानीय रोडवेज बस स्टैंड के पास से मोनू कुशवाह पुत्र दुलीचंद्र निवासी प्रेमनगर थाना सदर बाजार जिला आगरा को तमंचा और कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। लाखों की ठगी करने वाले मोनू की गिरफ्तारी करने पर एसएसपी ने पुलिस टीम की सराहना की है। मोनू को गिरफ्तार करने वाली टीम में एसओ ओमकार सिंह के अलावा दरोगा जितेंद्र सिंह भी रहे।