{"_id":"f874f01b0ae3b458f9e59fbdcb9f10db","slug":"three-brothers-including-murder-four-life-sentences-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्यारोपी तीन सगे भाइयों समेत चार को आजीवन कारावास","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हत्यारोपी तीन सगे भाइयों समेत चार को आजीवन कारावास
बदायूं।
Updated Tue, 22 Sep 2015 11:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट नलिन कुमार श्रीवास्तव ने हत्या के आरोपी तीन सगे भाइयों समेत चार लोगों को हत्या का दोषी पाकर उम्र कैद की कड़ी सजा के साथ ही 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
यह घटना थाना रजपुरा क्षेत्र के गांव जमालपुर डांडा में घटी थी। वादी मुकदमा सोरन सिंह पुत्र मलखान सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका मौसेरे भाई सूरजपाल का पट्टे की जमीन को लेकर गांव के ही श्योराज, वीरेंद्र, मनोज पुत्रगण करन सिंह से विवाद चल रहा था। 23 अक्टूबर 2009 को वादी अपने भतीजे राजपाल व शेरापाल पुत्रगण सूरजपाल, छत्रपाल व नेमपाल सब मिलकर उसके घर पर सीडी पर फिल्म देख रहे थे। तभी दिन में दोपहर दो बजे घर में ईंट गिरने की आवाज पर वादी ने राजपाल को बाहर देखने को भेजा। जब राजपाल बाहर निकला और चिल्लाया कि घर में श्योराज, वीरेंद्र, मनोज व नत्थू असलाह लेकर घुस आए हैं। वह लोग बाहर निकले तो देखा कि आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से निशाना साधा और राजपाल पर फायर किया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी अपने हाथों में तमंचों से फायर करते हुए भाग गए।
न्यायाधीश श्री श्रीवास्तव ने पत्रावली का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रईस अहमद व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद हत्या के नामजद आरोपी श्योराज, वीरेंद्र, मनोज पुत्रगण करन सिंह व नत्थू सिंह पुत्र नन्हू सिंह निवासी जमालपुर डांडा को हत्या का दोषी पाकर आजीवन कारावास सहित प्रत्येक को 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह घटना थाना रजपुरा क्षेत्र के गांव जमालपुर डांडा में घटी थी। वादी मुकदमा सोरन सिंह पुत्र मलखान सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका मौसेरे भाई सूरजपाल का पट्टे की जमीन को लेकर गांव के ही श्योराज, वीरेंद्र, मनोज पुत्रगण करन सिंह से विवाद चल रहा था। 23 अक्टूबर 2009 को वादी अपने भतीजे राजपाल व शेरापाल पुत्रगण सूरजपाल, छत्रपाल व नेमपाल सब मिलकर उसके घर पर सीडी पर फिल्म देख रहे थे। तभी दिन में दोपहर दो बजे घर में ईंट गिरने की आवाज पर वादी ने राजपाल को बाहर देखने को भेजा। जब राजपाल बाहर निकला और चिल्लाया कि घर में श्योराज, वीरेंद्र, मनोज व नत्थू असलाह लेकर घुस आए हैं। वह लोग बाहर निकले तो देखा कि आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से निशाना साधा और राजपाल पर फायर किया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी अपने हाथों में तमंचों से फायर करते हुए भाग गए।
विज्ञापन
न्यायाधीश श्री श्रीवास्तव ने पत्रावली का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रईस अहमद व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद हत्या के नामजद आरोपी श्योराज, वीरेंद्र, मनोज पुत्रगण करन सिंह व नत्थू सिंह पुत्र नन्हू सिंह निवासी जमालपुर डांडा को हत्या का दोषी पाकर आजीवन कारावास सहित प्रत्येक को 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
विज्ञापन