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हत्या में तीन भाइयों समेत पांच को उम्र कैद
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sat, 04 Feb 2017 11:30 PM IST
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कोर्ट ने 25-25 हजार का जुर्माना भी ठोंका
न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश पंचम परवेंद्र कुमार शर्मा ने हत्या में नामजद तीन भाइयों समेत पांच लोगों को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। इन सभी पर 25-25 हजार रुपया जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना की रकम में से आधी पीड़ित पक्ष को दी जाएगी।
हत्या की यह वारदात करीब सात साल पहले मूसाझाग थाने के गांव किसरुआ में हुई थी। थाना उसावां के गांव नगरिया अभय निवासी वादी महेश ने 10 मार्च 2010 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी बहन धनदेवी की शादी किसरुआ के अहिबरन के साथ की थी। अहिबरन के संबंध अपने भाई के दामाद की ममेरी बहन से थे। अहिबरन ने धनदेवी को रास्ते से हटाने के लिए अपने भाइयों सुरेश, वेदपाल, वीरम समेत राममूर्ति के साथ योजना बनाई। इन सभी ने नौ मार्च की रात उसकी बहन धनवती की हत्या कर दी और शव जला दिया। जब यह लोग शव जलाकर लौट रहे थे तो गांव के सतीश और विजयपाल ने इनको देखा। विद्वान न्यायाधीश परवेंद्र कुमार शर्मा ने पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन और दोनों पक्षों के वकीलों को सुनने के बाद अहिबरन, सुरेश, वेदपाल, वीरम और राममूर्ति को धनदेवी की हत्या का दोषी पाया। सभी को उम्र कैद और 25-25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी राजीव यादव ने की।
न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश पंचम परवेंद्र कुमार शर्मा ने हत्या में नामजद तीन भाइयों समेत पांच लोगों को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। इन सभी पर 25-25 हजार रुपया जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना की रकम में से आधी पीड़ित पक्ष को दी जाएगी।
हत्या की यह वारदात करीब सात साल पहले मूसाझाग थाने के गांव किसरुआ में हुई थी। थाना उसावां के गांव नगरिया अभय निवासी वादी महेश ने 10 मार्च 2010 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी बहन धनदेवी की शादी किसरुआ के अहिबरन के साथ की थी। अहिबरन के संबंध अपने भाई के दामाद की ममेरी बहन से थे। अहिबरन ने धनदेवी को रास्ते से हटाने के लिए अपने भाइयों सुरेश, वेदपाल, वीरम समेत राममूर्ति के साथ योजना बनाई। इन सभी ने नौ मार्च की रात उसकी बहन धनवती की हत्या कर दी और शव जला दिया। जब यह लोग शव जलाकर लौट रहे थे तो गांव के सतीश और विजयपाल ने इनको देखा। विद्वान न्यायाधीश परवेंद्र कुमार शर्मा ने पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन और दोनों पक्षों के वकीलों को सुनने के बाद अहिबरन, सुरेश, वेदपाल, वीरम और राममूर्ति को धनदेवी की हत्या का दोषी पाया। सभी को उम्र कैद और 25-25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी राजीव यादव ने की।
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