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मजदूरी के बहाने ईंट भट्ठा पर बेच दिया पूरा परिवार
ब्यूरो /बदायूं
Updated Mon, 05 Jun 2017 11:44 PM IST
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ईंट भट्ठा पर मजदूरी के बहाने एक ही परिवार के सात लोगों को सिद्धार्थनगर में बेच दिया गया। वहां उन्हें बंधुआ मजदूर बना लिया गया है। करीब सात महीने के बाद किसी तरह मुक्त हुआ परिवार का मुखिया अपने घर पहुंचा। वह परिवार के अन्य छह लोगों को मुक्त कराने के लिए अधिकारियों के यहां गुहार लगा रहा है। थाने में तहरीर दिए जाने के बाद कार्रवाई नहीं हुई तो सोमवार को उसने डीएम और एसएसपी से फरियाद की है। मूसाझाग थाने के गांव टिकुलापुर निवासी रहवारी ने बताया कि कादरचौक थाने के गांव मिढ़ौली निवासी एक व्यक्ति 15 अक्तूबर 2016 को उसे मिला था। उस व्यक्ति ने कहा कि उसके साले का सिद्धार्थनगर में ईंट भट्ठा है। वहां कई मजदूरों की जरूरत है। एक मजदूर को पांच सौ रुपये रोज दिहाड़ी मिलेगी। रहवारी उसके झांसे में आ गया। वह पत्नी रूपवती, बेटे दिनेश, रवि और छोटे भाई गोपी, उसकी पत्नी नीरज और बेटे विकास के साथ सिद्धार्थनगर चला गया। उसे परिवार के साथ सिद्धार्थ नगर के थाना डमरुआ के एक गांव में ले जाया गया। रहवारी का आरोप है कि वहां उसके पूरे परिवार को भट्ठा मालिक के लिए बेच दिया गया। पूरे परिवार से यहां बंधुआ मजदूरी कराई जाने लगी। भट्ठा मालिक से दिहाड़ी मांगने पर उसे पता लगा कि उसके साथ धोखा हुआ है। उसे मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया, बल्कि बंधक बनाकर कार्य कराया जा रहा है। ईंट भट्ठा के चारो ओर ऊंची दीवारें हैं। 28 मई 2017 को वह किसी तरह से बाहर भाग निकला और बचते बचाते अपने घर पहुंचा। उसके परिवार के बकी छह लोग अब भी वहां बंधुआ मजदूरी कर रहे हैं। बदायूं पहुंचने के बाद उसने थाने में तहरीर दी। यहां कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने डीएम और एसएसपी से अपने परिवार को मुक्त कराने की फरियाद की है।
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