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डकैती और हत्या में दो को उम्रकैद, 50 हजार जुर्माना
बदायूं, ब्यूरो
Updated Wed, 22 Feb 2017 11:39 PM IST
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स्पेशल जज डकैती कोर्ट ने 26 साल पुराने मामले में दिया फैसला
स्पेशल जज डकैती कोर्ट विकास कुमार ने हत्या और डकैती के मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
डकैती और हत्या की संगीन वारदात सिविल लाइंस क्षेत्र के गांव दहेमी के पास हुई थी। थाना क्षेत्र के गांव बरातेगदार निवासी वेदपाल सिंह पुत्र गंगा सिंह ने 10 फरवरी 1991 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके रिश्ते के चाचा को बदमाशों ने लूट लिया था। उसे जब पता लगा तो वह अपने सगे चाचा होतम सिंह और राकेश कुमार के साथ बदायूं आ रहा था। रात करीब 11:15 बजे वह दहेमी गांव के पास से गुजर रहा था। यहां 10-12 बदमाशों ने घेर लिया। तीनों लोगों को लाठी-डंडों से पीटा। तीनों लोग जख्मी होकर जमीन पर गिर गए। उसके चाचा होतम सिंह को लाठी-डंडों से पीट कर मार डाला। विवेचना के दौरान कई बदमाशों के नाम प्रकाश में आए। इनमें इबले हसन उर्फ इबलिया पुत्र नजीर अहमद निवासी थाना जैतीपुर शाहजहांपुर और बदायूं के थाना हजरतपुर के गांव मौजमपुर का नावर उर्फ नवरा पर डकैती कोर्ट में मुकदमा चलाया गया। न्यायाधीश विकास कुमार ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी ज्ञान स्वरूप गुप्ता और बचाव पक्ष के वकीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने दोनों को डकैती और हत्या का दोषी पाया। दोनों को उम्र कैद के साथ 50 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया है।
स्पेशल जज डकैती कोर्ट विकास कुमार ने हत्या और डकैती के मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
डकैती और हत्या की संगीन वारदात सिविल लाइंस क्षेत्र के गांव दहेमी के पास हुई थी। थाना क्षेत्र के गांव बरातेगदार निवासी वेदपाल सिंह पुत्र गंगा सिंह ने 10 फरवरी 1991 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके रिश्ते के चाचा को बदमाशों ने लूट लिया था। उसे जब पता लगा तो वह अपने सगे चाचा होतम सिंह और राकेश कुमार के साथ बदायूं आ रहा था। रात करीब 11:15 बजे वह दहेमी गांव के पास से गुजर रहा था। यहां 10-12 बदमाशों ने घेर लिया। तीनों लोगों को लाठी-डंडों से पीटा। तीनों लोग जख्मी होकर जमीन पर गिर गए। उसके चाचा होतम सिंह को लाठी-डंडों से पीट कर मार डाला। विवेचना के दौरान कई बदमाशों के नाम प्रकाश में आए। इनमें इबले हसन उर्फ इबलिया पुत्र नजीर अहमद निवासी थाना जैतीपुर शाहजहांपुर और बदायूं के थाना हजरतपुर के गांव मौजमपुर का नावर उर्फ नवरा पर डकैती कोर्ट में मुकदमा चलाया गया। न्यायाधीश विकास कुमार ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी ज्ञान स्वरूप गुप्ता और बचाव पक्ष के वकीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने दोनों को डकैती और हत्या का दोषी पाया। दोनों को उम्र कैद के साथ 50 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया है।
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