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जुवेनाइल जस्टिस एक्ट पर फिर से विचार हो

Sat, 19 Dec 2015 10:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं Updated Sat, 19 Dec 2015 10:24 PM IST
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the J J act should be amended
निर्भया कांड के आरोपी की रिहाई पर छिड़ी बहस
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जुवेनाइल एक्ट के तहत उसको तीन साल के लिए बाल सुधार गृह भेजा गया था। 20 दिसंबर को उसकी रिहाई प्रस्तावित है। सवाल यह उठता है कि क्या निर्भया को न्याय मिला। इसे लेकर देश में बहस छिड़ी है। बदायूं के लोगों ने भी इस पर अपनी राय व्यक्त की।

कानून के तहत छूटना चाहिए आरोपी
जुवेनाइल एक्ट के तहत आरोपी को अब मुक्त किया जाना चाहिए। दिल्ली हाईकोर्ट ने भी आरोपी को कैद में रखे जाने के खिलाफ फैसला दिया है। कानून अपना काम कर रहा है।
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-स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता
 
समाज के लिए खतरा हैं ऐसे लोग
इस तरह के जघन्य आरोपों में लिप्त कोई भी आरोपी चाहें वह नाबालिग हो, समाज के लिए खतरा हैं। इस दिशा में नए सिरे से सोचने की जरूरत है। कानून सख्त किया जाना चाहिए।
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-शशिबाला कश्यप

देश में सख्त एक्ट की जरूरत

पड़ोसी देशों की तरह भारत में भी सख्त जुवेनाइल एक्ट की जरूरत है। सरकार को चाहिए कि इस दिशा में ठोस कदम उठाए। नाबालिग को भी आरोप सिद्घ होने पर सख्त सजा मिले।
-अजय पाल गुप्ता

जुवेनाइल एक्ट की समीक्षा की जरूरत
अब वक्त आ गया है कि जुवेनाइल एक्ट की गंभीरता से समीक्षा होनी चाहिए। आरोपी रिहा हो रहा है, निर्भया को न्याय कहां मिला? अब सख्त कानून बनाने का वक्त आ गया है।
-अनूप कुमार सक्सेना

विभिन्न देशों में जुवेनाइल एक्ट में व्यवस्था
ब्रिटेन: नाबालिग अपराधी पर गंभीर अपराधिक मामलों में वयस्कों की तरह केस चलाने की व्यवस्था है। ऐसे आरोपी को उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान है।
जर्मनी: जुवेनाइल कानून काफी सख्त है। यहां गंभीर मामलों में नाबालिक आरोपी पर आरोप सिद्घ होने की दशा में 10 साल तक की सख्त सजा का प्रावधान है।
कनाडा: नाबालिग आरोपियों पर बड़ी अदालत में मुकदमा चलता है। गंभीर मामलों में उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान है। हालांकि यहां सजा ए मौत की व्यवस्था नहीं है।

चीन: इस पड़ोसी मुल्क में भी जुवेनाइल कानून भारत के मुकाबले सख्त है। यहां गंभीर मामलों में नाबालिग पर आरोप सिद्ध होने की दशा में उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान है।
फ्रांस: गंभीर मामलों में 16 साल तक के नाबालिग आरोपी को अपराध सिद्ध होने की दशा में वयस्कों के मुकाबले आधी सजा का प्रावधान है।
अमेरिका: नाबालिग आरोपी पर विचार वयस्क अपराधी की तरह किया जाता है। सख्त सजा का प्रावधान है। हालांकि फांसी की सजा नहीं दी जाती।
पाकिस्तान: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में भी भारत के मुकाबले जुवेनाइल कानून काफी सख्त है। यहां आरोप साबित होने की दशा में फांसी तक की सजा का प्रावधान है।
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