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निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज से लाखों की सरिया चोरी

Ujani Updated Tue, 31 Mar 2015 11:53 PM IST
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Stealing millions from the Medical College of construction rebars

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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल निर्माणाधीन राजकीय मेडिकल कॉलेज में ‘सफेदपोशों’ ने चोरी की सेंध लगाई। वे लंबे समय से चूना लगाते आ रहे थे। मंगलवार की रात इसका खुलासा हुआ तो पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद 54 क्विंटल सरिया और टैक्टर-ट्रॉली के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए धंधेबाजों में दिल्ली पुलिस का बर्खास्त सिपाही और कछला के स्कूल का प्रधानाचार्य भी शामिल है। मेडिकल कॉलेज के सिक्योरिटी इंचार्ज ने हालांकि ठेकेदार समेत सात लोगों को नामजद भी करा दिया है, लेकिन चार नामजद अभी फरार हैं। ये मामला सामने आते ही सियासी और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
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निर्माणाधीन राजकीय मेडिकल कॉलेज से लोहे की सरिया चुराने की भनक लगने के बाद पुलिस सक्रिय हुई। कोतवाली पुलिस ने सोमवार रात बदायूं रोड पर एक ढाबे के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली देखी। ट्रॉली के नीचे अस्थायी रूप से बनी डिग्गी में लोहे की सरिया थीं। पुलिस ने तहकीकात शुरू की तो कछला में शिवनारायण स्मृति उमा विद्यालय का प्रधानाचार्य जयपाल सिंह उर्फ जेपी यादव, मैनपुरी जिले में कुरावली थाना क्षेत्र के गांव महादेवा निवासी विजय यादव और बुलंदशहर के गुलावटी क्षेत्र के गांव भोगपुर भटौना का हरीओम जाट हत्थे चढ़ गया। हरीओम दिल्ली पुलिस का 2007 से बर्खास्त सिपाही है।

पुलिस ने जेपी यादव की निशानदेही पर कछला स्थित उसके स्कूल में छापा मारा तो बालू और भूसे में दबी सरिया बरामद हुईं। रेलवे की पटरी और लोहे की तौल करने वाला कांटा भी बरामद हुआ। हालांकि बरामदगी के दौरान पुलिस को जेपी के परिवार की महिलाओं के विरोध का सामना करना पड़ा, लेकिन वह बरामद सामान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में लोड कराके कोतवाली ले आई। एसडीएम सदर प्रदीप कुमार और सीओ सतीशचद्र शर्मा ने भी पकड़े गए धंधेबाजों से पूछताछ की। बरेली के सुभाषनगर थाना क्षेत्र के मढ़ीनाथ इलाके के रहने वाले निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के सिक्योरिटी इंचार्ज राकेश सिंह सोलंकी ने मंगलवार को पकड़े गए तीनों धंधेबाजों के साथ ठेकेदारों में दिल्ली निवासी सरदार महेंद्र सिंह और अमरसिंह, ट्रैक्टर चालक आगरा में खंदारी चौराहा निवासी लालाराम उर्फ लाला और कोतवाली क्षेत्र के गांव अचौरा के गुड्डू को नामजद कराया है। गुड्डू प्रधानाचार्य का रिश्तेदार है।
कोतवाल देवराज राठी ने बताया कि घटना से जुड़े कुछ अन्य बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है। जल्द ही फरार धंधेबाजों को भी दबोच लिया जाएगा।
जांच में खुलेगा पूरा राज, कई चेहरे होंगे बेनकाब
उझानी (बदायूं)। निर्माणाधीन राजकीय मेडिकल कॉलेज में सेंधमारी का मामला उजागर होने के साथ ही अब तमाम तरह की बातें लोगों की जुबां पर हैं। चोरी का भेद खुलने के साथ ही ये बात सांसद धर्मेंद्र यादव तक भी पहुंच गई। अब लोगों के ये गले नहीं उतर रहा कि यहां से सिर्फ सरिया की ही चोरी हो रही थी, बल्कि सीमेंट-बजरी की भी चोरी होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। सिक्योरिटी पर शक की गुंजाइश के बीच पुलिस अगर सही रास्ते पर चलते हुए जांच करे, तो इसमें कई और चेहरे भी बेनकाब हो जाएंगे।
अभी तक जो सच सामने आया है, उसे पूरी हकीकत मानने से पहले कई ऐसे बिंदु हैं, जो पूरी तहकीकात के बाद ही उजागर हो सकते हैं। लोगों की समझ में यह बात भी नहीं आ रही है कि धंधेबाजों ने चार-छह दिनों में चोरी का खेल किया हो। ये खेल महीनों से चल रहा है। सिक्योरिटी की पकड़ में सरिया चोरी का मामला क्यों नहीं आया? निर्माणाधीन कॉलेज परिसर से सरिया भले ही ट्रॉली के नीचे बनी डिग्गी में लोड करके बाहर निकाली जाती रहीं, लेकिन एक बार भी उस पर सिक्योरिटी की नजर नहीं पड़ी।
सूत्रों की मानें तो पूरा खेल फूल प्रूफ प्लानिंग से चल रहा था। धंधेबाज जब सरिया को परिसर से सुरक्षित बाहर ले जाने में कामयाब होते रहे, तो उन्होंने नुकसान अन्य निर्माण सामग्री को भी पहुंचाया होगा। यह दीगर है कि सीमेंट-बजरी में कोई खेल कर रहा हो। चूंकि, मामला सांसद धर्मेंद्र यादव के संज्ञान में पहुंच चुका है, ऐसे में आशंका कम है कि धंधेबाज बच पाएं। जांच की दिशा और दशा भी पुलिस और प्रशासनिक अफसर तय करेंगे। जांच सही रास्ते पर चलकर आगे बढ़ी तो और भी चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं। बता दें कि करोड़ों के प्रोजेक्ट में ठेकेदारी करने का मौका, तभी मिलता जब ठेकेदार की सत्ता के गलियारे में हनक हो।

बिके माल के बंटवारे पर नोकझोंक से खुला मामला
उझानी। सूत्र बताते हैं कि जिस वक्त सरिया लोड करके कछला की ओर निकाली गई, तभी बदायूं रोड पर धंधेबाजों में नोकझोंक हो गई। धंधेबाजों में से एक अब तक बिके माल की रकम में अपना हिस्सा मांग रहा था। बात वहीं से ऐसे लीक हुई कि धंधेबाजों के लिए आफत बनती गई। यहां तक कि ट्रैक्टर-ट्रॉली को गंतव्य तक पहुंचाना मुश्किल हो गया। दूसरे पक्ष के लोगों में कछला का एक व्यक्ति अपने साथियों को लेकर भी मौके पर पहुंच गया था।

सांसद ने किया था जेपी के स्कूल का उद्घाटन
उझानी। कछला में शिवनारायण स्मृति उमा विद्यालय यूं तो काफी पहले खुल गया था, लेकिन उसका उद्घाटन वर्ष-2012 में सांसद धर्मेंद्र यादव ने किया था। इसी स्कूल में चोरी की सरिया बरामद हुई हैं। ननाखेड़ा रोड पर बने चौधरी शिवनारायण स्मृति उमा विद्यालय के प्रबंधक केपी सिंह यादव कछला में बहोरा नगला के निवासी हैं। स्कूल के गेट पर लगा सांसद धर्मेंद्र यादव द्वारा उद्घाटन किए जाने वाले शिलापट पर प्रधानाचार्य का नाम भी अंकित है। पकड़ा गया प्रधानाचार्य जेपी यादव हालांकि पुलिस पर ही आरोप लगा रहा है। उसका कहना है कि ये पुलिस की साजिश है। उसका पुलिस से एक साल पुराना बैर चल रहा है, जिसके चलते उसे गिरफ्तार किया गया, लेकिन माल बरामद होने से पहले उसके परिवार वालों का भारी विरोध संशय को मजबूत कर रहा है।




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