{"_id":"575048004f1c1b43661096c9","slug":"snake-charmers-in-the-township-of-fire-14-huts-jlin","type":"story","status":"publish","title_hn":"सपेरों की बस्ती में आग लगी, 14 झोपड़ियां जलीं ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सपेरों की बस्ती में आग लगी, 14 झोपड़ियां जलीं
बदायूं, ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jun 2016 11:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
उझानी के गांव दहेमू में बृहस्पतिवार दोपहर हुई घटना
दहेमू गांव से सटी सपेरों की बस्ती को बृहस्पतिवार दोपहर में चूल्हे से उठी चिंगारी ने चपेट में ले लिया। एक-एक करके सपेरों की 14 झोपड़ियां आग की भेंट चढ़ गईं। सूचना के बाद मौके पर पहुंची दमकल ने आग पर काबू पाया लेकिन तब तक झोपड़ियों में रखा अनाज समेत करीब डेढ़ लाख रुपये से अधिक कीमत का सामान राख के ढेर में तब्दील हो गया।
आग दिन में करीब दो बजे लगी। बस्ती के कुछ घरों में उस वक्त खाना पाया जा रहा था। आग की चिंगारी किस झोपड़ी से फूटी, यह तो पड़ोसियों को भी नहीं पता लेकिन सत्यपाल, करननाथ और दासू नाथ की झोपड़ियों ने आग पकड़ ली। झोपड़ियों से परिवारों के साथ बाहर निकले सपेरों ने आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। सपेरे आग पर काबू पाते उससे पहले ही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। एक-एक करके किशननाथ, घूमरनाथ, राजू, अनेकनाथ, वीरेशनाथ, मुकेश नाथ, सुखनाथ, राकेशनाथ, वीरूनाथ, सुशीला और प्रकाश नाथ की झोपड़ियां आग की भेंट चढ़ गईं।
सपेरों के मुताबिक-झोपड़ियों में अनाज समेत घरेलू सामान और नकदी भी रखी थी। सामान को बाहर निकालने का मौका ही नहीं मिल पाया। ग्रामीणों में से किसी ने कोतवाली फोन कर दिया। सूचना के बाद बदायूं से दमकल भी मौके पर पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू तो पा लिया लेकिन झोपड़ियों में रखा कोई सामान नहीं बच पाया। सपेरा राजू ने बताया कि आग से करीब डेढ़ लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। राजस्व कर्मियों ने मौके पर जाकर नुकसान का आंकलन भी शुरू कर दिया है। राजस्व कर्मी नुकसान के बारे में तहसीलदार को रिपोर्ट देंगे।
दहेमू गांव से सटी सपेरों की बस्ती को बृहस्पतिवार दोपहर में चूल्हे से उठी चिंगारी ने चपेट में ले लिया। एक-एक करके सपेरों की 14 झोपड़ियां आग की भेंट चढ़ गईं। सूचना के बाद मौके पर पहुंची दमकल ने आग पर काबू पाया लेकिन तब तक झोपड़ियों में रखा अनाज समेत करीब डेढ़ लाख रुपये से अधिक कीमत का सामान राख के ढेर में तब्दील हो गया।
आग दिन में करीब दो बजे लगी। बस्ती के कुछ घरों में उस वक्त खाना पाया जा रहा था। आग की चिंगारी किस झोपड़ी से फूटी, यह तो पड़ोसियों को भी नहीं पता लेकिन सत्यपाल, करननाथ और दासू नाथ की झोपड़ियों ने आग पकड़ ली। झोपड़ियों से परिवारों के साथ बाहर निकले सपेरों ने आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। सपेरे आग पर काबू पाते उससे पहले ही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। एक-एक करके किशननाथ, घूमरनाथ, राजू, अनेकनाथ, वीरेशनाथ, मुकेश नाथ, सुखनाथ, राकेशनाथ, वीरूनाथ, सुशीला और प्रकाश नाथ की झोपड़ियां आग की भेंट चढ़ गईं।
विज्ञापन
सपेरों के मुताबिक-झोपड़ियों में अनाज समेत घरेलू सामान और नकदी भी रखी थी। सामान को बाहर निकालने का मौका ही नहीं मिल पाया। ग्रामीणों में से किसी ने कोतवाली फोन कर दिया। सूचना के बाद बदायूं से दमकल भी मौके पर पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू तो पा लिया लेकिन झोपड़ियों में रखा कोई सामान नहीं बच पाया। सपेरा राजू ने बताया कि आग से करीब डेढ़ लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। राजस्व कर्मियों ने मौके पर जाकर नुकसान का आंकलन भी शुरू कर दिया है। राजस्व कर्मी नुकसान के बारे में तहसीलदार को रिपोर्ट देंगे।
विज्ञापन