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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Six accused, including former MLA relief

पूर्व विधायक समेत छह आरोपियों को मिली राहत

Mon, 01 Aug 2016 10:55 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Mon, 01 Aug 2016 10:55 PM IST
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प्रभारी डीजीसी (क्रिमनल) साधना शर्मा की हत्या का मामला
पुलिस ने बयान दर्ज करने के बाद विवेचना बरेली क्राइम ब्रांच को ट्रांस्फर की

 प्रभारी डीजीसी (क्रिमनल) साधना शर्मा हत्याकांड में नामजद किए गए पूर्व विधायक योगेंद्र सागर समेत छह आरोपियों को कोतवाली पुलिस से राहत मिल गई है। मामले की विवेचना बरेली क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर होने से पहले ही इंस्पेक्टर उझानी गोपी चंद यादव ने आरोपियों के बयान दर्ज कर बरेली क्राइम ब्रांच को विवेचना ट्रांसफर कर दी।
नगर के मोहल्ला बाजारकलां निवासी प्रभारी डीजीसी (क्रिमनल) साधना शर्मा की हत्या 23 मई को उस वक्त कर दी गई थी जब वह अपने घरेलू नौकर बिहारी के साथ स्कूटी से घर लौट रही थीं। घटना के अगले दिन उनकी बहन विपर्णा गौड़ ने हत्याकांड में पूर्व विधायक योगेंद्र सागर समेत छह लोगों को नामजद कराया था। नामजदों में श्रवण गुप्ता, गुड्डू उर्फ सुधांशु, मुन्ना उर्फ विजेंद्रनाथ शर्मा, कमल शर्मा और बिल्सी निवासी भूरे भी शामिल थे। 26 जून को पुलिस ने डीआरडीए के बाबू गिरीश और टवेरा मालिक बिल्सी क्षेत्र के गांव बेहटा गुसाई के राजू का दबोचा तो खुलासा हो गया कि साधना की हत्या सुपारी देकर उनके करीबी पीसी शर्मा ने कराई थी।
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खुलासे के वक्त राजू और गिरीश ने घटना में पीसी शर्मा समेत मुजरिया के गांव भीकमपुर निवासी मस्ताना, यासीन बाबा, इशरत, मोहब्बत, पिंटू भी शामिल बताए थे। विवेचक गोपीचंद्र यादव ने खुलासे के वक्त नामजदों को क्लीनचिट नहीं दी थी, लेकिन जब विपर्णा की शिकायत पर आईजी ने विवेचना बरेली क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर से कराने के आदेश कर दिए तो आननफानन में नामजदों के बयान दर्ज कर लिए। विपर्णा ने स्थानीय स्तर की विवेचना पर अविश्वास व्यक्त किया था। हत्याकांड में पुलिस अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
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पीसी समेत चार आरोपी हैं फरार
उझानी। साधना शर्मा हत्याकांड के खुलासे के बाद जो आठ आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं उनमें पीसी शर्मा, मोहब्बत, इशरत और पिंटू शामिल हैं। कोतवाली पुलिस ने चारों के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट भी हासिल कर लिए थे लेकिन वह इन्हें गिरफ्तार करने में नाकाम साबित हुई थी। सर्विलांस सिस्टम भी गिरफ्तारी में पुलिस लिए मददगार नहीं बन पाया था।


रिमांड ले सकते हैं नये विवेचक
उझानी। हत्याकांड में गिरफ्तार डीआरडीए के संस्पेंड बाबू गिरीशचंद्र शर्मा, मस्ताना, यासीन और टवेरा मालिक राजू इन दिनों जेल में है। गिरीश की जमानत पर सुनवाई भी टलती रही है। सूत्रों की मानें तो नये विवचेक क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर एसएस पवार ऐसे संकेत दे चुके हैं कि जरुरत पड़ने की स्थिति में इन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की जा सकती है। विवेचना के दौरान संभव यह भी है कि तत्कालीन विवेचक ने जिन्हें क्लीनचिट दी है, उनमें से किसी को पूछताछ के लिए तलब कर लिया जाए। 
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