शिक्षामित्रों ने हाईवे किया जाम, पुलिस-प्रशासन का छूटा पसीना
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समायोजन रद्द होने के बाद सत्याग्रह कर रहे शिक्षामित्रों ने शुक्रवार को भी बीएसए दफ्तर पर धरना-प्रदर्शन किया। आंदोलित शिक्षामित्रों ने दोहराया जब तक उनकी शिक्षक के पद पर वापसी नहीं होती है तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। हजारों की संख्या में मौजूद शिक्षामित्र दोपहर को कलक्ट्रेट तिराहे पर पहुंचे और उन्होंने बरेली-मथुरा हाईवे पर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे तक हाईवे जाम रहा। जिसकी वजह से वाहनों की लंबी लाइन लग गई। आंदोलनकारी शिक्षामित्रों ने राज्य सरकार को संबोधित ज्ञापन पीडब्लूडी गेस्ट हाउस पहुंचे केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार को सौंपा। इस दौरान शिक्षा मित्रों ने जमकर नारेबाजी भी की। सुप्रीम कोर्ट ने सहायक अध्यापक पद पर हुए शिक्षामित्रों के समायोजन को रद्द कर दिया था। इसके बाद से शिक्षामित्र आंदोलित हैं। प्रदेश सरकार की ओर से उन्हें 15 दिन के अंदर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया था इस पर सरकार की सहमति पर शिक्षामित्रों ने आंदोलन स्थगित कर दिया था। तय समय के बाद प्रदेश सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया तब शिक्षामित्रों ने दूसरे चरण में गुरुवार से बीएसए दफ्तर पर तीन दिन का सत्याग्रह आंदोलन शुरू कर दिया। जो शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। आज भी जिले भर के हजारों शिक्षामित्र सत्याग्रह आंदोलन में शामिल होने के लिए पहुंचे। यहां से जुलूस निकालते हुए कलक्ट्रेट तिराहे पहुंचे और हाईवे पर जाम लगा दिया। लगभग दो घंटे तक हाईवे पर जाम रहने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गईं। सिटी मजिस्ट्रेट राज कुमार द्विवेदी, कोतवाल नरेश कुमार कश्यप पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और शिक्षामित्रों को समझा बुझाकर ज्ञापन देने को कहा। शिक्षामित्रों का कहना था कि शहर विधायक महेश चंद्र गुप्ता आकर ज्ञापन लें। इसके बाद वह वापस हो जाएंगे। करीब एक घंटे तक कोई नेता ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा तो शिक्षामित्रों ने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस का घेराव किया और नारेबाजी करते हुए वहां मौजूद केद्रीय वित्त राज्यमंत्री संतोष गंगवार को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान शिक्षामित्रों ने कहा कि वह अपना हक पाने के लिए मरते दम तक संघर्ष करते रहेंगे। वक्ताओं ने यह भी कहा कि सरकार अध्यादेश लेकर उनके समायोजन को बचाए। बोले: आज सभी के परिवार के आगे संकट छाया हुआ है। इसलिए सरकार को जल्द ही उनके भविष्य को देखते हुए उचित फैसला लेना चाहिए। धरना प्रदर्शन में मुकेश कुमार, सुरजीत, नरेश पाल, नीलम यादव, दामोदर, विनीत कुमार, कुमरपाल, अनेकपाल सिंह, दिनेश चौधरी, रविंद्र सिंह आदि शामिल थे।