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कुंए में गिरी ढांग, दबकर किसान की मौत
Updated Tue, 17 May 2016 12:30 AM IST
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25 फीट गहरे कुएं में घुसकर नलकूप संभाल रहा किसान मिट्टी की ढांग गिरने से दब गया। सूचना के बाद भी प्रशासन की तरफ से राहत नहीं दी गई। आखिरकार गांववालों ने करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। प्रशासन के किसी भी अफसर ने मौके पर पहुंचने की जरूरत नहीं समझी।
बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव नागपुर निवासी रामकुमार (36) पुत्र हेमराज सोमवार को कुएं में घुसकर नलकूप ठीक कर रहे थे। इसी दौरान मिट्टी की ढांग ढहकर उनके ऊपर गिर गई। आसपास के खेतों में काम रहे किसानों ने तुरंत तहसील प्रशासन को खबर दी। काफी देर तक जब प्रशासन से कोई मदद नहीं पहुंची तो गांव के लोगों ने खुद की बचाव कार्य शुरू कर दिया। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रामकुमार को कुएं से निकाला जा सका। तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। बाद में एक लेखपाल ने गांव पहुंचकर घटना की जानकारी ली। परिवारवालों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है। रामकुमार के नाम खेती न होने की वजह से उनके परिवार को किसान दुर्घटना बीमा योजना का लाभ भी नहीं मिलेगा। रामकुमार के चार बेटियां और एक बेटा है। उनकी पत्नी ओमवती बदहवास हैं।
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बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव नागपुर निवासी रामकुमार (36) पुत्र हेमराज सोमवार को कुएं में घुसकर नलकूप ठीक कर रहे थे। इसी दौरान मिट्टी की ढांग ढहकर उनके ऊपर गिर गई। आसपास के खेतों में काम रहे किसानों ने तुरंत तहसील प्रशासन को खबर दी। काफी देर तक जब प्रशासन से कोई मदद नहीं पहुंची तो गांव के लोगों ने खुद की बचाव कार्य शुरू कर दिया। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रामकुमार को कुएं से निकाला जा सका। तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। बाद में एक लेखपाल ने गांव पहुंचकर घटना की जानकारी ली। परिवारवालों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है। रामकुमार के नाम खेती न होने की वजह से उनके परिवार को किसान दुर्घटना बीमा योजना का लाभ भी नहीं मिलेगा। रामकुमार के चार बेटियां और एक बेटा है। उनकी पत्नी ओमवती बदहवास हैं।
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