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टैंकर में भरकर ले जाए जा रहे थे प्रतिबंधित पशु

Tue, 16 Jun 2015 11:46 PM IST
Kadrchauk
Kadrchauk Updated Tue, 16 Jun 2015 11:46 PM IST
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Restricted animals were carried in tanker filling

टैंकर में भरकर वध को ले जाए जा रहे प्रतिबंधित पशुओं को पुलिस ने बरामद कर लिया। टैंकर कच्चे रास्ते में फंस जाने से यह कामयाबी मिली। इसमें 10 मरे और 15 जीवित पशु मिले हैं। तस्कर पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल हो गए। जीवित मिले पशुओं को ग्रामीणों की सुपुदर्गी में दे दिया गया है। मामले में पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। टैंकर के आगे पशु तस्करों की एक बोलेरो कार भी चल रही थी। पुलिस इसे नहीं पकड़ सकी।

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सोमवार रात कादरचौक थाना पुलिस गश्त पर थी। कासगंज के कादरगंज की ओर से आई एक बोलेरो कार से रात में डेढ़ बजे थाने के आस-पास कई चक्कर लगाए। शक होने पर पुलिस ने थाने के पास बैरियर लगा दिया। पुलिस को देखकर चालक ने बोलेरो को कादरगंज की ओर दौड़ा दिया। इसके बाद पुलिस ने बोलेरो का पीछा किया। रास्ते में गांव गंगपुर के पास बोलेरो रुक गई। यहां पर बोलेरो में सवार लोग एक टैंकर को कच्चे रास्ते पर उतरवा रहे थे। पुलिस जीप को देखकर बोलेरो चालक ने कार दौड़ा दी। ट्रक चालक और क्लीनर भी भाग गए।
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रात में दो बजे पुलिस ने जब टैंकर के ऊपर के ढक्कनों को खोलकर देखा तो उसमें प्रतिबंधित पशु भरे मिले। टैंकर के जरिए प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी देखकर पुलिस टीम भी दंग रह गई। जिले में इस तरह का यह पहला मामला है। टैंकर से पशुओं की तस्करी की खबर मिलने पर सैकड़ों गांव वाले भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से टैंकर में भरी 10 मृत और 15 जीवित गाय निकालीं। मरी हुई गायों को जेसीबी से गड्डा खोदवाकर इसमें दफन कर दिया गया। जीवित पशु ग्रामीणों की सुपुर्दगी में दे दिए गए हैं। टैंकर से पशु तस्करी की घटना के बाद ग्रामीणों में गुस्सा है।
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पशुओं को लगाए गए थे नशे के इंजेक्शन
कादरचौक। पशुओं को नशे के इंजेक्शन लगाकर टैंकर में भरा गया था। टैंकर से जीवित मिले 15 पशु नशे की हालत में थे। वह खड़े भी नहीं हो पा रहे थे। नशे के इंजेक्शन लगाने के साथ पशुओं के पैर भी आपस में बांधे गए थे।

पशुओं के नीचे डाली गई थी रेत, मिट्टी
कादरचौक। तस्करों ने पशुओं को टैंकर में भरने से पहले उसमें तीन फीट रेत, मिट्टी डाली। जाकि टैंकर में अंदर से आवाज न हो और पशु मल-मूत्र करें तो उसको मिट्टी सोख ले।

ग्रामीणों ने की टैंकर फूंकने की कोशिश
कादरचौक। प्रतिबंधित पशुओं से भरे टैंकर को पकड़े जाने की खबर मिलने पर आस-पास के तमाम गांवों के लोग मौके पर पहुंच गए। पशुओं को टैंकर से निकालने के बाद ग्रामीणों ने टैंकर को फूंकने की कोशिश की। एसओ रुकुमपाल सिंह ने किसी तरह से स्थिति पर काबू किया।

कोई तो कर रहा पशु
तस्करों की रहवरी
क्रासर............
बदल गया तरीका, अब टैंकर से हो रही तस्करी
पुलिस लापरवाही से पशु तस्करी का जोन बना जिले
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। पुलिस की लापरवाही से जिला पशु तस्करी का जोन बन गया है। जाहिर है कि जिले में पशु तस्करों का कोई तो रहवर है। पड़ोसी जिलों से तस्करी कर पशु बदायूं के रास्ते मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा और संभल भेजे जा रहे हैं। कादरचौक के गंगपुर में प्रतिबंधित पशुओं से भरा टैंकर संयोग से पकड़ा गया है। अगर टैंकर कच्चे रास्ते पर नहीं फंसता तो तस्कर अपने मंसूबों में हर बार की तरह इस बार भी कामयाब हो जाते। टैंकर से पशु तस्करी का मामला पहली बार पुलिस की पकड़ में आया है।
फरवरी में पुलिस ने जिले में पशु तस्करों के खिलाफ अभियान चलाया था। उस वक्त एक रात में प्रतिबंधित पशुओं से भरे 75 मैजिक वाहन पकड़े गए थे। 100 तस्करों की गिरफ्तारी हुई और 400 से ज्यादा प्रतिबंधित पशु बरामद हुए। तस्करी के इस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं हुई। उस वक्त साफ हो गया था प्रतिबंधित पशुओं को रामपुर और मुरादाबाद ले जाया जा रहा था। इसके बाद भी जिले में पशुओं की तस्करी बंद नहीं हुई। हर महीने वध को ले जाए जा रहे सैकड़ों पशु पकड़े जाते हैं। पुलिस सख्त रवैया नहीं अपना रही। ताजा मामले से साफ हो गया है कि मांस माफियाओं ने पशु तस्करी के लिए टैंकर बनवा लिए हैं। अब देखना है कि पुलिस इस मामले में तह तक पहुंचती है या नहीं।

कादरगंज पुलिस चौकी की भूमिका संदिग्ध
कादरचौक। पशु तस्करी के मामले में कासगंज के थाना सिकंदरपुर वैश्य की कादरगंज पुलिस चौकी की भूमिका संदिग्ध है। तीन महीने पहले पशु तस्करों ने यहां वाहन से कुचल कर सिपाही की हत्या कर दी थी। बदायूं-कासगंज को जोड़ने वाले कादरचौक-कादरगंज गंगा पुल पर बनी यह चौकी बिना चेकिंग के वाहनों को पास कर देती है।




मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। पशुओं की तस्करी नहीं होने दी जाएगी। जिस टैंकर में भरकर पशु ले जाए जा रहे थे वह किसका है। यह भी पता लगाया जाएगा। जिले की नाका चौकियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। -सौमित्र यादव, एसएसपी

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