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दुष्कर्म मामले में 10 साल कैद, 45 हजार का जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
Updated Sat, 07 Jan 2017 11:11 PM IST
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वजीरगंज थाने के गांव में दो साल पहले की वारदात
किशोरी को स्कूल से ले गया था गांव का ही युवक
किशोरी से दुष्कर्म के मामले में स्पेशल जज पाक्सो एक्ट वीरेंद्र कुमार पांडेय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद और 24 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना की रकम से बतौर मुआवजा 50 फीसदी पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
मामला वजीरगंज थाने के एक गांव का है। एक व्यक्ति ने दो दिसंबर 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पड़ोस में रहने वाले अवनीश पुत्र धीरपाल का उसके घर आना-जाना था। 27 अगस्त 2004 को वह अपने नाबालिग बेटी को स्कूल छोड़कर आया था। स्कूल में छुट्टी होने के बाद भी जब उसकी बेटी घर नहीं पहुंची तो उसने प्रधानाचार्य से बेटी के बारे में पता किया। प्रधानाचार्य ने बताया कि उसकी बेटी का बस्ता स्कूल में ही रखा है। वह किसके साथ गई है यह पता नहीं। वादी ने जब अपनी बेटी को तलाश की तो पता लगा कि आरोपी अवनीश घटना से एक दिन पहले ही परिवार समेत घर से फरार हो गया था। काफी तलाशने के बाद उसकी बेटी को पुलिस ने बरामद किया।
विद्वान न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार पांडेय ने पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अवनीश को नाबालिक से दुष्कर्म के मामले में दोषी पाया। अभियोजन की ओर से पैरवी एडीजीसी रामेश्वरी ने की। कोर्ट ने अवनीश को 10 साल कैद और 24 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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किशोरी को स्कूल से ले गया था गांव का ही युवक
किशोरी से दुष्कर्म के मामले में स्पेशल जज पाक्सो एक्ट वीरेंद्र कुमार पांडेय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद और 24 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना की रकम से बतौर मुआवजा 50 फीसदी पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
मामला वजीरगंज थाने के एक गांव का है। एक व्यक्ति ने दो दिसंबर 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पड़ोस में रहने वाले अवनीश पुत्र धीरपाल का उसके घर आना-जाना था। 27 अगस्त 2004 को वह अपने नाबालिग बेटी को स्कूल छोड़कर आया था। स्कूल में छुट्टी होने के बाद भी जब उसकी बेटी घर नहीं पहुंची तो उसने प्रधानाचार्य से बेटी के बारे में पता किया। प्रधानाचार्य ने बताया कि उसकी बेटी का बस्ता स्कूल में ही रखा है। वह किसके साथ गई है यह पता नहीं। वादी ने जब अपनी बेटी को तलाश की तो पता लगा कि आरोपी अवनीश घटना से एक दिन पहले ही परिवार समेत घर से फरार हो गया था। काफी तलाशने के बाद उसकी बेटी को पुलिस ने बरामद किया।
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विद्वान न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार पांडेय ने पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अवनीश को नाबालिक से दुष्कर्म के मामले में दोषी पाया। अभियोजन की ओर से पैरवी एडीजीसी रामेश्वरी ने की। कोर्ट ने अवनीश को 10 साल कैद और 24 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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