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पतसा के जंगल में चल रही शस्त्र फैक्ट्री पकड़ी
ब्यूरो अलापुर।
Updated Tue, 10 May 2016 11:54 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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अवैध शस्त्र बना रहे दो लोग गिरफ्तार, दो हुए फरार
थाना पुलिस ने पतसा के जंगल में छपामारी करके शस्त्र फैक्ट्री पकड़ी है। मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से बने-अधबने 25 शस्त्र और शस्त्र बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं। मौके से दो लोग भागने में कामयाब हो गए। गिरफ्तार लोगों को जेल भेज दिया गया है।
एसओ अलापुर एपीसिंह यादव को मुखबिर से खबर मिली कि पतसा के जंगल में शहीदा गांव के पास शस्त्र बनाने की फैक्ट्री चल रही है। एसओ ने एसआई राजीव कुमार, शौरभ यादव, सिपाही रामाधार, रिजवान, इजहार सिपाही उमेश, बाबू हुसैन पाशा, मुकेश के साथ बताए गए स्थान पर दबिश दी। यहां से पुलिस ने हजरतपुर के गांव सैंजनी मुड़िया खेड़ा निवासी शेर सिंह और मूसाझाग के गांव ग्योतिया निवासी राजेश को गिरफ्तार कर लिया। सैंजनी गांव के ही नन्हे और पूरन मौका पाकर भाग गए।
मौके से पुलिस ने भारी तादाद में बने-अधबने 25 शस्त्रों के साथ शस्त्र बनाने के उपकरण बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वह लंबे समय से अवैध शस्त्र बनाकर इनकी सप्लाई करा धंधा करते थे। एसओ एपी सिंह यादव ने बताया कि फरार शस्त्र कारोबारियों की तलाश की जा रही है। इनको जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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पुलिस पर भारी है हथियार तस्करों का सूचना तंत्र
दातागंज में अवैध हथियारों के सूचना तंत्र को पुलिस नहीं भेद पा रही है। दातागंज सर्किल के थाने दातागंज, हजरतपुर, उसावां और अलापुर के साथ उझानी सर्किल का थाना मूसाझाग अवैध हथियार निर्माण का हब बना हुआ है। यहां से असलहों की सप्लाई पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में होती है। हजरतपुर थाने का गांव सैंजनी मुड़िया खेड़ा अवैध हथियारों को लेकर बदनाम है। पंचायत चुनाव के दौरान हजरतपुर थाना क्षेत्र में 50 से अधिक शस्त्र फैक्ट्रियां पकड़ी गई थीं। सैंजनी मुड़िया खेड़ा गांव एक टीले पर बसा हुआ है। इसकी सीमाएं दातागंज के साथ अलापुर और मूसाझाग थानों से भी लगती हैं। पांच महीने पहले संभल में पुलिस ने अवैध हथियारों की खेप पकड़ी थी। यह खेप मेरठ ले जाई जा रही थी। हथियारों के साथ पकड़े गए लोग सैंजनी मुड़िया खेड़ा गांव के निकले थे।
सौदागरों को वरदान बना बबूल का जंगल
दातागंज में मूसाझाग, दातागंज, हजरतपुर, उसावां और अलापुर थाना क्षेत्रों के वार्डर आपस में मिले हुए हैं। यहां घने बबलू के जंगल हथियारों के सौदागरों के लिए वरदान बने हुए हैं। इन्हीं बबलू के जंगलों में ज्यादातर शस्त्र फैक्ट्रियां चलती हैं।
पुलिस पर फायरिंग में इस्मेताल होते हैं अवैध शस्त्र
दातागंज। अलापुर थाना क्षेत्र के गांव नवादा में दो दिन पूर्व रवि नाम के हिस्ट्रीशीटर ने पुलिस पर फायरिंग कर दी थी। पुलिस के साथ रवि की घेराबंदी करने वालों में तमाम लोग भी शामिल थे। इन लोगों की ओर से भी रवि पर जवाबी फायरिंग की गई थी। गौर करने वाली बात यह है कि फायरिंग में इस्तेमाल हथियार नाजायज थे।
शस्त्र फैक्ट्रियां चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस लगातार अभियान चला रही है। यह बात सही है कि कटरी के कुछ इलाके में चोरी छिपे शस्त्र फैक्ट्रियां चलाई जाती हैं।-श्योराज सिंह, सीओ दातागंज
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थाना पुलिस ने पतसा के जंगल में छपामारी करके शस्त्र फैक्ट्री पकड़ी है। मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से बने-अधबने 25 शस्त्र और शस्त्र बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं। मौके से दो लोग भागने में कामयाब हो गए। गिरफ्तार लोगों को जेल भेज दिया गया है।
एसओ अलापुर एपीसिंह यादव को मुखबिर से खबर मिली कि पतसा के जंगल में शहीदा गांव के पास शस्त्र बनाने की फैक्ट्री चल रही है। एसओ ने एसआई राजीव कुमार, शौरभ यादव, सिपाही रामाधार, रिजवान, इजहार सिपाही उमेश, बाबू हुसैन पाशा, मुकेश के साथ बताए गए स्थान पर दबिश दी। यहां से पुलिस ने हजरतपुर के गांव सैंजनी मुड़िया खेड़ा निवासी शेर सिंह और मूसाझाग के गांव ग्योतिया निवासी राजेश को गिरफ्तार कर लिया। सैंजनी गांव के ही नन्हे और पूरन मौका पाकर भाग गए।
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मौके से पुलिस ने भारी तादाद में बने-अधबने 25 शस्त्रों के साथ शस्त्र बनाने के उपकरण बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वह लंबे समय से अवैध शस्त्र बनाकर इनकी सप्लाई करा धंधा करते थे। एसओ एपी सिंह यादव ने बताया कि फरार शस्त्र कारोबारियों की तलाश की जा रही है। इनको जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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पुलिस पर भारी है हथियार तस्करों का सूचना तंत्र
दातागंज में अवैध हथियारों के सूचना तंत्र को पुलिस नहीं भेद पा रही है। दातागंज सर्किल के थाने दातागंज, हजरतपुर, उसावां और अलापुर के साथ उझानी सर्किल का थाना मूसाझाग अवैध हथियार निर्माण का हब बना हुआ है। यहां से असलहों की सप्लाई पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में होती है। हजरतपुर थाने का गांव सैंजनी मुड़िया खेड़ा अवैध हथियारों को लेकर बदनाम है। पंचायत चुनाव के दौरान हजरतपुर थाना क्षेत्र में 50 से अधिक शस्त्र फैक्ट्रियां पकड़ी गई थीं। सैंजनी मुड़िया खेड़ा गांव एक टीले पर बसा हुआ है। इसकी सीमाएं दातागंज के साथ अलापुर और मूसाझाग थानों से भी लगती हैं। पांच महीने पहले संभल में पुलिस ने अवैध हथियारों की खेप पकड़ी थी। यह खेप मेरठ ले जाई जा रही थी। हथियारों के साथ पकड़े गए लोग सैंजनी मुड़िया खेड़ा गांव के निकले थे।
सौदागरों को वरदान बना बबूल का जंगल
दातागंज में मूसाझाग, दातागंज, हजरतपुर, उसावां और अलापुर थाना क्षेत्रों के वार्डर आपस में मिले हुए हैं। यहां घने बबलू के जंगल हथियारों के सौदागरों के लिए वरदान बने हुए हैं। इन्हीं बबलू के जंगलों में ज्यादातर शस्त्र फैक्ट्रियां चलती हैं।
पुलिस पर फायरिंग में इस्मेताल होते हैं अवैध शस्त्र
दातागंज। अलापुर थाना क्षेत्र के गांव नवादा में दो दिन पूर्व रवि नाम के हिस्ट्रीशीटर ने पुलिस पर फायरिंग कर दी थी। पुलिस के साथ रवि की घेराबंदी करने वालों में तमाम लोग भी शामिल थे। इन लोगों की ओर से भी रवि पर जवाबी फायरिंग की गई थी। गौर करने वाली बात यह है कि फायरिंग में इस्तेमाल हथियार नाजायज थे।
शस्त्र फैक्ट्रियां चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस लगातार अभियान चला रही है। यह बात सही है कि कटरी के कुछ इलाके में चोरी छिपे शस्त्र फैक्ट्रियां चलाई जाती हैं।-श्योराज सिंह, सीओ दातागंज