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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Prisoners were sent to custody An inspector, two constables suspended

बंदी की अभिरक्षा में भेजे गए  एक दरोगा, दो सिपाही सस्पेंड

Wed, 01 Jun 2016 11:17 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Wed, 01 Jun 2016 11:17 PM IST
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मंगलवार को आगरा मेडिकल कॉलेज हुआ था फरार
पूर्वांचल का माफिया है, फरार होने वाला बंदी चंदन सिंह

 आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज से मंगलवार को फरार हुआ बदायूं जेल का बंदी चंदन सिंह पूर्वांचल का माफिया है। उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी, अपहरण, कातिलाना हमला जैसे मामलों में पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों में करीब 37 मामले दर्ज हैं। चंदन सिंह को सोमवार को एक दरोगा और दो सिपाहियों की अभिरक्षा में इलाज के लिए आगरा मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। एसएसपी सुनील सक्सेना ने दरोगा और सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया है। 
पूर्वांचल के माफिया चंदन सिंह को 24 फरवरी 2016 को प्रशासनिक आधार पर लखनऊ से बदायूं जिला जेल में शिफ्ट किया गया था। वह जेल में रहकर गैंग चलाता था। इससे पहले चंदन सिंह गोरखपुर, बाराबंकी, फैजाबाद और देवरिया की जेलों में भी रह चुका है। उसके खिलाफ हत्या के 10, हत्या की कोशिश के सात, लूट के 11, डकैती के 10, रंगदारी के चार और अपहरण के पांच मामले पूर्वांचल के के अलग-अलग जिलों में दर्ज हैं। बदायूं से पहले लखनऊ सेंट्रल जेल में चंदन सिंह को हाई सिक्योरिटी जोन में रखा गया था। 
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सोमवार को पुलिस लाइंस से दरोगा सतेंद्र कुमार, रामपाल, सुरेश चंद्र की अभिरक्षा में इलाज के लिए आगरा मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। यहां से मौका पाकर वह मंगलवार को फरार हो गया। एसएसपी सुनील सक्सेना ने बंदी के फरार होने के मामले में दरोगा और दोनों सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया है। चंदन सिंह की फिर से गिरफ्तारी को कई जिलों की पुलिस ने जाल बिछा दिया है। 
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जेल प्रशासन के लिए सिरदर्द साबित हो रहे 13 माफिया
 पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जेलों से सुरक्षा की दृष्टि से बदायूं जेल में शिफ्ट किए गए माफिया और डॉन जेल प्रशासन के लिए सिरदर्द साबित हो रहे हैं। यहां शिफ्ट किए गए कुल 14 माफियाओं में से एक चंदन तो फरार हो चुका है। बाकी 13 माफिया अब भी जेल में हैं। इनको हर महीने पेशी पर भी भेजा जाता है। कड़ी सुरक्षा होने के बावजूद इनके भागने का खतरा बना रहता है।
बदायूं जिला जेल की क्षमता 529 कैदी और बंदियों की है, लेकिन यहां करीब 2100 बंदी और कैदी बंद हैं। ओवर लोड जेल में माफिया की निगरानी करना जेल प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। जिला जेल में पूर्वांचल के डबलू सिंह, दिनेश उर्फ कोड़ा, पंकज सिंह उर्फ विनय सिंह के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के माफिया छोटू उर्फ दिनेश, नरेंद्र, अनिल, अमित पवार, विनोद बावला, अमित उर्फ रंपत, राहुल उर्फ तिगड़ी, पंकज उर्फ रविंद्र, सुमित भी बंद हैं। हालांकि, जेल प्रशासन इन पर पैनी नजर रखता है, लेकिन इनका शातिर दिमाग कब जेल प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बन जाए कहा नहीं जा सकता।

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चंदन सिंह को सोमवार को पुलिस अभिरक्षा में आगरा मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। वहीं से वह फरार हुआ है। इसमें जेल प्रशासन की कोई चूक नहीं है। फिर भी हम पड़ताल करा रहे हैं। जेल में बंद पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की माफिया की कड़ी निगरानी की जा रही है।
-अरविंद पांडेय, जेलर
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