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किसानों की जमीनों पर दबंगों का कब्जा
दातागंज।
Updated Thu, 02 Apr 2015 12:23 AM IST
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करीब 40-45 किसानों की गंगा किनारे स्थित सैकड़ों बीघा जमीन पर दबंगों का वर्षों से कब्जा है। बुधवार को पीड़ित किसान फिर एसडीएम ओपी तिवारी से मिले। उन्होंने साफ कहा यदि उनकी जमीनों को कब्जा मुक्त नहीं कराया गया, तो वह आत्महत्या कर लेंगे। एसडीएम ने तहसीलदार को जांच के आदेश दिए हैं।
तहसील क्षेत्र के गांव नवादा बदन जो कि गंगा किनारे पर स्थित है। इस गांव के निवासी प्रेमपाल सिंह, कुंवरपाल सिंह, कल्यान, शिवनंदन, रामनंदन, गिरीश, जयनंदन, सुभाष समेत करीब 40-45 किसान उपजिलाधिकारी ओपी तिवारी से मिले। सभी के चेहरों पर मायूसी छाई थी। उन्होंने एसडीएम को बताया कि वर्षों से उनकी जमीनों को दबंगों ने कब्जे में कर रखा है। एक-एक किसान की 40-50 बीघा तक जमीन है। वह दो साल से लगातार तहसील और जिला प्रशासन के यहां चक्कर लगा रहे हैं। बताया कि हर बार उन्हें यहीं आश्वासन दिया जाता है कि जांच कराकर जमीनों को कब्जा मुक्त कराकर उन्हें दिलाया जाएगा, पर आज तक ऐसा नहीं हुआ है। कई किसान तो परिवार के भरण-पोषण को भीख मांगने को मजबूर हो गए हैं। एसडीएम तिवारी ने कहा है कि वह टीमें ले जाकर जमीनों की पैमाइश कराएंगे।
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तहसील क्षेत्र के गांव नवादा बदन जो कि गंगा किनारे पर स्थित है। इस गांव के निवासी प्रेमपाल सिंह, कुंवरपाल सिंह, कल्यान, शिवनंदन, रामनंदन, गिरीश, जयनंदन, सुभाष समेत करीब 40-45 किसान उपजिलाधिकारी ओपी तिवारी से मिले। सभी के चेहरों पर मायूसी छाई थी। उन्होंने एसडीएम को बताया कि वर्षों से उनकी जमीनों को दबंगों ने कब्जे में कर रखा है। एक-एक किसान की 40-50 बीघा तक जमीन है। वह दो साल से लगातार तहसील और जिला प्रशासन के यहां चक्कर लगा रहे हैं। बताया कि हर बार उन्हें यहीं आश्वासन दिया जाता है कि जांच कराकर जमीनों को कब्जा मुक्त कराकर उन्हें दिलाया जाएगा, पर आज तक ऐसा नहीं हुआ है। कई किसान तो परिवार के भरण-पोषण को भीख मांगने को मजबूर हो गए हैं। एसडीएम तिवारी ने कहा है कि वह टीमें ले जाकर जमीनों की पैमाइश कराएंगे।
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