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पूर्व प्रधान के भाई की गोली मारकर हत्या
उझानी।
Updated Wed, 18 Oct 2017 12:19 AM IST
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मौके पर पहुंची पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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कटरी इलाके के गांव हुसैनपुर में मंगलवार तड़के हुई वारदात
पूर्व सैनिक समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट, चौकी इंचार्ज सस्पेंड
उझानी (बदायूं)। कटरी की जमीन पर कब्जे को लेकर करीब एक दशक पहले शुरू हुई खूनी रंजिश ने मंगलवार सुबह एक और जान ले ली। गंगा नहाने के बाद घर लौट रहे हुसैनपुर गांव के पूर्व प्रधान विजेंद्र के भाई सुखपाल कश्यप की गोली मारकर हत्या कर दी।
घटना का पता लगने के बाद मौके पर गए कछला चौकी इंचार्ज और मृतक के परिवारीजनों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। सीओ सिटी के मौका मुआयना करने पर कछला चौकी इंचार्ज की भूमिका संदिग्ध पाई गई। उनकी रिपोर्ट पर एसएसपी ने चौकी इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया। मृतक के भाई की तहरीर पर पूर्व सैनिक समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है।
उझानी कोतवाली क्षेत्र के हुसैनपुर खेड़ा निवासी 36 वर्षीय सुखपाल कश्यप रोज सुबह गांव के नजदीक से गुजर रही गंगा नहाने जाते थे। मंगलवार सुबह करीब सात बजे सुखपाल गंगा नहाने के बाद पैदल अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में उन्हें हुसैनपुर खेड़ा गांव के ही पूर्व सैनिक पुरुषोत्तम ठाकुर उर्फ पप्पू और उसके परिवार के लोगों ने घेर लिया और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। सीने के पास गोली लगने से सुखपाल लहूलुहान होकर गिर पड़ा और मौके पर दम तोड़ दिया। परिवारीजनों के मुताबिक वे गोलियों की तड़तड़ाहट सुनने के बाद दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। तब तक हमलावर फायरिंग करते हुए कटरी में भाग गए। मृतक सुखपाल के भाई विजेंद्र पूर्व प्रधान हैं, जो हत्या करने के आरोप में जेल में है।
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दिनदहाड़े हत्या का पता लगने पर कछला चौकी इंचार्ज राजेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। उन्हें देखकर मृतक के घरवाले भड़क गए और चौकी इंचार्ज पर हमलावरों की मदद का आरोप लगाया। इस पर उनकी चौकी इंचार्ज से नोकझोंक भी हुई। परिवारीजनों का आक्रोश देख चौकी इंचार्ज को मौके से भागना पड़ा। इसके बाद एसपी सिटी कमल किशोर, सीओ सिटी वीरेंद्र सिंह यादव मौके पर पहुंचे। सहसवान और मुजरिया थाने की पुलिस को बुला लिया गया। एसपी सिटी और सीओ ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद मृतक के परिवारीजनों को शांत किया। इसके बाद शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा गया। मृतक के परिवार वालों की शिकायत के बाद एसपी सिटी की जांच में चौकी इंचार्ज राजेंद्र सिंह की भूमिका संदिग्ध निकली। उनकी रिपोर्ट पर एसएसपी ने चौकी इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया है।
प्रभारी निरीक्षक संजय गोयल ने बताया कि मृतक सुखपाल के भाई पप्पू की तहरीर पर पूर्व सैनिक पुरुषोत्तम ठाकुर उर्फ पप्पू, ओमपाल सिंह, विजय सिंह, रेशू और दलवीर के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। चूंकि दोनों पक्ष एक ही गांव के हैं, जिससे वहां पुलिस-पीएसी तैनात कर दी गई है।
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पूर्व सैनिक समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट, चौकी इंचार्ज सस्पेंड
उझानी (बदायूं)। कटरी की जमीन पर कब्जे को लेकर करीब एक दशक पहले शुरू हुई खूनी रंजिश ने मंगलवार सुबह एक और जान ले ली। गंगा नहाने के बाद घर लौट रहे हुसैनपुर गांव के पूर्व प्रधान विजेंद्र के भाई सुखपाल कश्यप की गोली मारकर हत्या कर दी।
घटना का पता लगने के बाद मौके पर गए कछला चौकी इंचार्ज और मृतक के परिवारीजनों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। सीओ सिटी के मौका मुआयना करने पर कछला चौकी इंचार्ज की भूमिका संदिग्ध पाई गई। उनकी रिपोर्ट पर एसएसपी ने चौकी इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया। मृतक के भाई की तहरीर पर पूर्व सैनिक समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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उझानी कोतवाली क्षेत्र के हुसैनपुर खेड़ा निवासी 36 वर्षीय सुखपाल कश्यप रोज सुबह गांव के नजदीक से गुजर रही गंगा नहाने जाते थे। मंगलवार सुबह करीब सात बजे सुखपाल गंगा नहाने के बाद पैदल अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में उन्हें हुसैनपुर खेड़ा गांव के ही पूर्व सैनिक पुरुषोत्तम ठाकुर उर्फ पप्पू और उसके परिवार के लोगों ने घेर लिया और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। सीने के पास गोली लगने से सुखपाल लहूलुहान होकर गिर पड़ा और मौके पर दम तोड़ दिया। परिवारीजनों के मुताबिक वे गोलियों की तड़तड़ाहट सुनने के बाद दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। तब तक हमलावर फायरिंग करते हुए कटरी में भाग गए। मृतक सुखपाल के भाई विजेंद्र पूर्व प्रधान हैं, जो हत्या करने के आरोप में जेल में है।
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दिनदहाड़े हत्या का पता लगने पर कछला चौकी इंचार्ज राजेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। उन्हें देखकर मृतक के घरवाले भड़क गए और चौकी इंचार्ज पर हमलावरों की मदद का आरोप लगाया। इस पर उनकी चौकी इंचार्ज से नोकझोंक भी हुई। परिवारीजनों का आक्रोश देख चौकी इंचार्ज को मौके से भागना पड़ा। इसके बाद एसपी सिटी कमल किशोर, सीओ सिटी वीरेंद्र सिंह यादव मौके पर पहुंचे। सहसवान और मुजरिया थाने की पुलिस को बुला लिया गया। एसपी सिटी और सीओ ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद मृतक के परिवारीजनों को शांत किया। इसके बाद शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा गया। मृतक के परिवार वालों की शिकायत के बाद एसपी सिटी की जांच में चौकी इंचार्ज राजेंद्र सिंह की भूमिका संदिग्ध निकली। उनकी रिपोर्ट पर एसएसपी ने चौकी इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया है।
प्रभारी निरीक्षक संजय गोयल ने बताया कि मृतक सुखपाल के भाई पप्पू की तहरीर पर पूर्व सैनिक पुरुषोत्तम ठाकुर उर्फ पप्पू, ओमपाल सिंह, विजय सिंह, रेशू और दलवीर के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। चूंकि दोनों पक्ष एक ही गांव के हैं, जिससे वहां पुलिस-पीएसी तैनात कर दी गई है।