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फिर वही कहानी, पुलिस ने भगा दिए पशु तस्कर

Sat, 12 Sep 2015 11:52 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बदायूं
ब्यूरो, अमर उजाला बदायूं Updated Sat, 12 Sep 2015 11:52 PM IST
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police team
शुक्रवार रात सीओ दातागंज श्योराज सिंह कादरचौक की ओर जा रहे थे। रास्ते में उनको सूचना मिली कि तस्करों ने उसहैत के गांव सिमरा से पशुओं को कार में भरने की कोशिश की है। जाग हो जाने पर तस्कर फायरिंग करते हुए भाग गए। सीओ ने खबर एसओ उसहैत कमलेश सिंह को दी। पुलिस के अनुसार शनिवार तड़के तीन बजे पुलिस ने कटरा रोड पर हनुमान मंदिर के पास बैरियर लगा दिया। कटरा की ओर से आई तस्करों की जायलो कार ने बैरियर तोड़ कर पुलिस की जीप को रौंदने की कोशिश की। इसके बाद तस्करों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। खुद को घिरता देख तस्कर जायलो कार से त्रिलोकपुर की ओर भाग गए। पुलिस ने इनका पीछा किया। त्रिलोकपुर गांव के पास तस्कर अंधेरे में जायलो कार छोड़कर भाग गए। कार के भीतर से पुलिस ने रस्सियां, कारतूस और पशु काटने के औजार बरामद किए हैं। पकड़ी गई जायलो कार उत्तराखंड नंबर की है। सूत्रों के अनुसार पुलिस के पीछे लगने के बाद तस्करों का भागना संदेहास्पद है। पिछले दिनों भी बड़ी संख्या में तस्करी कर ले जाए जा रहे पशु पकड़े गए थे, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ।
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पकड़ी गई जायलो कार सवार तस्करों ने पुलिस पर फायरिंग की। पुलिस की ओर से भी पांच राउंड जवाबी फायरिंग की गई। कार उत्तराखंड नंबर की है। इसमें मालिक की शिनाख्त की जा रही है।
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-कमलेश सिंह, एसओ उसहैत

पंजीकृत दुकान की आड़ में कट रहा बड़े पशुओं का मांस
कैरियर कर रहे हैं शाहबाद (रामपुर) तक मीट की सप्लाई
क्षेत्र में प्रतिक्रिया, स्लाटर हाउस बंद होने पर कहां से आ रहा मीट
तो क्या लक्ष्मीपुर में ही कट रहे हैं बिना परमिट जानवर, आक्रोश
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। स्लाटर हाउस बंद करा देने के बाद भी मांस की आठ दुकानें संचालित हो रही हैं। प्रत्यक्ष दर्शियों की मानें तो मीट गांव से शाहबाद (रामपुर) तक सप्लाई हो रहा है। इसके लिए दुकानदारों के अपने कैरियर साइकिलों से मीट का धंधा कर रहे हैं। थाना मुख्यालय बिसौली में जहां मीट की एक दुकान का लाइसेंस है, वहीं लक्ष्मीपुर में आठ लाइसेंस जारी करने के पीछे राजनीतिक हस्तक्षेप और आर्थिक समझौता माना  जा रहा है। मीट की सप्लाई इन दुकानों से दूर तक होना यह साबित कर रहा है कि यहां चोरी छिपे पशुओं को बिना अनुमति काटा जा रहा है।  
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यहां बता दें कि खाद्य सुरक्षा विभाग के इंस्पेक्टर ने लक्ष्मीपुर गांव में जहां पुलिस की बिना रिपोर्ट लिए आठ मीट की दुकानों का और एक स्लाटर हाउस को भी रजिस्ट्रेशन कर दिया था। इस क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्लाटर हाउस का पंजीकरण तो निरस्त कर दिया गया, लेकिन राजनीतिक पहुंच के मीट विक्रेताओं की दुकानें बहाल रखीं। जब आसपास कोई स्लाटर हाउस नहीं हैं, तो मीट की दुकानें कैसे चल रही हैं? क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है, उनका कहना है कि यहां बड़े जानवरों को वहीं काटकर बेचा जा रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासन की ढुलमुल नीति का परिणाम है कि मांस की सप्लाई शाहबाद (रामपुर) तक हो रही है। इस संबंध में ललुआ नगला के निवासी अजय पाल सिंह और टिपलू सिंह आदि ने बताया है कि प्रतिदिन लक्ष्मीपुर से मांस के कैरियार साइकिल से मांस पहुंचा रहे हैं।
यहां बता दें कि लक्ष्मीपुर में नगर पालिका क्षेत्र बिसौली से कई गुना अधिक आठ मांस की दुकानों को परमिट देने और स्लाटर हाउस का जबर्दस्त विरोध हुआ था। विरोध दबाने को स्लाटर हाउस का पंजीयन निरस्त कर दिया था। बाद में विरोध प्रदर्शन करने में 40 लोगों और आठ मांस विक्रेताओं के खिलाफ पुलिस ने शांति भंग की धारयाओं में कार्रवाई कर दी थी। मांस का बड़े पैमाने पर कारोबार कहां से हो रहा है? इसका पुलिस प्रशासन पर कोई जवाब नहीं है।


लक्ष्मीपुर में मीट की दुकानों के पंजीकरण तो हैं, लेकिन स्लाटर हाउस नहीं है। गांव में कहीं जानवर काटे जा रहे हैं, तो सूत्रों से पता लगवाएंगे। ऐसा होता मिला तो कार्रवाई की जाएगी।
-कश्मीर सिंह, कोतवाली प्रभारी बिसौली

 लक्ष्मीपुर गांव में ही जानवर काटे जाने की बात है, तो वह इसकी अपने स्तर से जांच कराएंगे। बिना अनुमति ऐसा कानूनी जुर्म है कार्रवाई भी की जाएगी।
- गुलाब चंद एसडीएम बिसौली
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