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पुलिस के बूटों से गूंजे अचौरा के गलियारे

Sat, 06 Jun 2015 08:58 PM IST
Ujani
Ujani Updated Sat, 06 Jun 2015 08:58 PM IST
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Police from Buton Gunje Achaura corridor

अचौरा गांव में नए धर्मस्थल को लेकर विवाद के तहत शुक्रवार को फायरिंग और पथराव की घटना के बाद पकड़े गए दोनों पक्ष के 35 उपद्रवियों का शनिवार को चालान कर दिया गया। पुलिस वैन से कोर्ट में पेशी को भेजने से पहले आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया। जबकि गांव में तीन सीओ की आठ-आठ घंटे की ड्यूटी लगाकर हालात पर नजर रखी गई। तनाव की वजह से गलियारों में सन्नाटा पसरा रहा। गलियारों में बस पुलिस फोर्स के बूटों की गूंज सुनाई दी।

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कोतवाली क्षेत्र के गांव अचौरा में नए धर्मस्थल को लेकर चार दिन से चल रहे विवाद के बाद शनिवार को हालात सामान्य नजर आए। सुबह में विवादित स्थल के पुलिस लाइंस से पहुंचे सीओ श्योराज सिंह की अगुवाई में पीएसी और आसपास थानों के पुलिस फोर्स का पहरा रहा। पुलिस और पीएसी के जवानों ने गलियारों में गश्त की। ग्रामीण गलियारों में चहलकदमी के लिए भी नहीं निकले। यहां तक कि पशुओं के लिए चारा आदि की व्यवस्था भी महिलाओं ने की। निर्माणधीन धर्मस्थल के आसपास पीएसी की चौकसी बढ़ा दी गई है।
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बता दें कि अचौरा में शुक्रवार को जमकर बवाल हुआ था। बवाल वाले दिन एसडीएम सदर प्रदीप कुमार और सीओ सिटी राजेंद्र सिंह धामा तो रात में जिला राजस्व अधिकारी जंगबहादुर सिंह और सीओ बिल्सी जगदीश सिंह राना को आठ घंटे की ड्यूटी पर लगाया गया था। कोतवाल देवराज राठी ने बताया कि बवाल के दौरान गिरफ्तार 35 उपद्रवियों का अस्पताल में मेडिकल कराया गया। जिला मुख्यालय से पुलिस वैन मंगवाकर आरोपियों को कोर्ट में पेशी के लिए भेजा गया। सूत्रों की मानें तो कोतवाली पुलिस आरोपियों में से दोनों पक्ष के चार-छह लोगों पर नए सिरे से भी कार्रवाई करने की जुगत में है।
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खेतों में जली मिलीं झोपड़ियां
उझानी। अचौरा में गांव के आसपास कई खेत में पालेज की फसल है। ज्यादातर किसानों ने फसल की रखवाली के लिए झोपड़ियां बना रखी है। शनिवार तड़के मुनव्वर और अमीन शाह के खेतों में झोपड़ियां नहीं, बल्कि राख का ढेर नजर आया। आग कैसे लगी यह रहस्य बना हुआ है।

पुलिस का खुफिया तंत्र भी सक्रिय
उझानी। अचौरा में नए धर्मस्थल को लेकर विवाद के कारणों का पता लगाने और भविष्य की स्थिति का आकलन के लिए दो दिन से गांव में पुलिस का खुफिया तंत्र सक्रिय दिखा। स्थानीय अभिसूचना इकाई के कर्मी भी हालात पर गौर करते नजर आए। खुफिया तंत्र की ओर से रिपोर्ट तैयार कर अफसरों को सौंपी जाएगी।


...पर नहीं चला सर्च अभियान
उझानी। बवाल के बाद शुक्रवार शाम अचौरा पहुंचे एसएसपी सोमित्र यादव ने फायरिंग की बात सामने आने पर कोतवाली पुलिस को घरों में सर्च अभियान चलाकर देशी असलाह बरामद करने के निर्देश दिए थे। कोतवाली ही नहीं बल्कि आसपास थानों को फोर्स घटना के बाद से अचौरा में तैनात है लेकिन पुलिस ने घरों में तलाशी कराने की जहमत नहीं उठाई। इसके पीछे भले ही कारण चाहे जो हो, लेकिन पुलिस इस मामले में फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रही है। पुलिस को आशंका है कि तलाशी के दौरान घरों में कहीं महिलाओं का गुस्सा न फूट पड़े। इसके विपरीत पुलिस और प्रशासनिक अफसर देशी असलाहों से फायरिंग की बात स्वीकर कर चुके हैं, लेकिन उन्हें बरामद करने के लिए पुलिस को कदम भी जरूर उठाने पड़ेंगे।

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