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नईम की हत्या के बाद गैंगवार की आशंका बढ़ी
बदायूं
Updated Tue, 20 Oct 2015 11:33 PM IST
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हिस्ट्रीशीटर नईम उर्फ राजा की हत्या के बाद शहर में गैंगवार का खतरा बढ़ गया है। खुद अधिकारी भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं। खासकर मांस कारोबारियों के बीच ‘पोटली’ के कारोबार पर कब्जे को लेकर स्थिति बिगड़ेगी। पोटली के कारोबार को लेकर पहले भी कई बार गैंगवार हो चुका है।
मांस के लिए काटे जाने वाले पशुओं के शरीर से निकलने वाले एक अंग की विदेशों में काफी कीमत है। पशु के वध के बाद यहां यह अंग 300 से 500 रुपये के बीच मिल जाता है। इसे विदेशों में एक्सपोर्ट करने पर इसकी कीमत पांच से छह हजार रुपये मिलती है। लंबे समय से मांस कारोबारियों के बीच पोटली के कारोबार को लेकर जंग छिड़ी हुई है। सात महीने पहले खंडसारी मोहल्ले में ही नईम पर कातिलाना हमला भी हो चुका था। नईम की हत्या के बाद पुलिस भी गैंगवार की आशंका से इंकार नहीं कर रही।
सत्ता से यारी पड़ गई भारी
बदायूं। अपराध जगत में तेजी से उठे नईम राजा को सत्ता का संरक्षण प्राप्त था। इसी के चलते वह बेखौफ था। सत्ता पक्ष के माननीय का वरदहस्त होने के कारण खाकी से उसके यारबाजों जैसे रिश्ते थे। यही बेखौफी भी उसकी मौत का सबब बन गई।
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शहर में नईम इन दिनों एक माननीय से जुड़ा हुआ था। उनके चुनाव में उसने खासी दिलचस्पी दिखाई थी। मतदान के दिन भी वह प्रमुख बूथ पर मय मोबाइल डटा रहा था। वर्दी वाले उसको देखकर भी अनदेखा कर रहे थे। ये उस संरक्षण का ही प्रभाव था कि चुनाव में जब आम आदमी को भी पुलिस पाबंद कर देती है, वहां एक हिस्ट्रीशीटर बूथ पर सक्रियता थी। उससे जुड़े लोगों का कहना तो ये है कि सत्ता पक्ष से उसकी यारी ही उस पर भारी पड़ गई।
बताते चलें कि हिस्ट्रीशीटर नईम उर्फ राजा शहर के मोहल्ला खंडसारी में दो नवंबर 2013 को हुए बुजुर्ग भाई-बहन के मर्डर के बाद सुर्खियों में आया था। उन दिनों में राजा जिला जेल में निरुद्ध था। 12 अक्तूबर को यह बीमारी के बहाने जेल से जिला अस्पताल में भर्ती हुआ। हिस्ट्रीशीटर 2/3 नवंबर की रात शातिराना अंदाज में अस्पताल से निकल कर खंडसारी मोहल्ले पहुंचा। वहां उसने घटना को अंजाम दिया। घटना को खुलासा चार दिन के बाद हुआ था। इस दौरान राजा 12 अक्तूबर से पांच नवंबर तक जेल में ही रहा। जिला अस्पताल के डॉक्टर भी हिस्ट्रीशीटर पर मेहरबान रहे। उसको बेवजह 25 दिन अस्पताल में रखा गया। इस मामले में राजा का इलाज करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ मजिस्ट्रेट जांच चल रही है। अब नईम की हत्या में नामजद अमजद, शराफत, लखन और राजा डबल मर्डर में गवाह हैं।
30 मिनट में नौ थानों की पुलिस का मूवमेंट
बदायूं। राजा की हत्या की खबर को अधिकारियों ने संजीदगी से लिया। वक्त रहते शहर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई। सिर्फ 30 मिनट में आस-पास के नौ थानों की पुलिस ने मूवमेंट किया और फोर्स शहर पहुंच गया। पीएसी के साथ पुलिस को मोहल्ला खंडसारी, मीट मार्केट, जिला अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस पर तैनात कर दिया गया। आरोपियों के घरों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई। एसपी सिटी अनिल यादव ने स्थित को भांपते हुए बिनावर, कुंवरगांव, अलापुर, उझानी, मूसाझाग, वजीरगंज, कोतवाली, सिविल लाइंस और कादरचौक थानों से पुलिस को बुला लिया। समय रहते सुरक्षा बढ़ा दिए जाने से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
मीट मार्केट, खंडसारी और अस्पताल बना छावनी
बदायूं। हिस्ट्रीशीटर नईम उर्फ राजा की हत्या की खबर शहर में आग की तहर फैलने के बाद अफवाहों का बाजार भी गरम हो गया। शहर के कई इलाकों में तनाव का माहौल बन गया। सात से 10 बजे तक राजा का शव जिला अस्पताल में रहा। इस दौरान यहां बार-बार हंगामा होता रहा। बाद में शव पोस्टमार्टम को भेजा गया। वहां भी कई बार माहौल बिगड़ते-बिगड़ते बचा। एहतियात बरतते हुए सभी इलाकों में पुलिस और पीएसी तैनात रहे।
मेडिकल कॉलेज से जुड़ी एक और कहानी
बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज एक और कहानी जुड़ गई है। एक ओर उझानी रोड स्थित गुनौरा वाजिदपुर में प्रशासनिक अमला मेडिकल कॉलेज की ओपीडी के उद्घाटन की तैयारियां कर रहा था, दूसरी ओर शहर का मोहल्ला छोटी सराय गोलियों से गूंज रहा था। इसी तरह मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास के दौरान जिले में बवाल हुआ था।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने 20 दिसंबर 2013 को राजकीय मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया था। एक ओर शिलान्यास कार्यक्रम चल रहा था तो दूसरी ओर इस्लामनगर के गांव नूरपुर पिनौनी में प्रतिबंधित पशुओं के वध को लेकर पुलिस और पब्लिक के बीच हिंसा। इस दौरान पुलिस के कई वाहनों को भी फूंक दिया गया था। मंगलवार को भी 20 तारीख थी, और राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी का मुख्यमंत्री के भाई सांसद धर्मेंद्र यादव उद्घाटन करने वाले थे। उससे पहले शहर में यह वारदात हो गई।
मारी गईं पांच गोलियां, तीन बुलेट बरामद
बदायूं। नईम उर्फ राजा को पांच गोलियां मारी गईं। पोस्टमार्टम करने वाले पैनल की मानें तो गोलियां काफी करीब से दागी गईं। एक गोली राजा की खोपड़ी में और एक गोली उसके सीने में दिल के पास मारी गई। उसके शरीर से तीन बुलेट बरामद हो गईं। जबकि दो गोलियां शरीर से पार हो गईं। सिर और सीने की गोली से नईम की मौके पर मौत हुई। पोस्टमार्टम के बाद राजा का शव कड़ी सुरक्षा के बीच घर भेजा गया। देर रात तक शव को सुपुर्द ए खाक करने की तैयारी चल रही थी।
एसएसपी सौमित्र यादव ने बताया कि कानून व्यवस्था को किसी तरह का नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नईम की हत्या के मामले में 12 लोगों के खिलाफ रिपेार्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी को एसओजी के साथ पांच टीमों को लगाया गया है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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मांस के लिए काटे जाने वाले पशुओं के शरीर से निकलने वाले एक अंग की विदेशों में काफी कीमत है। पशु के वध के बाद यहां यह अंग 300 से 500 रुपये के बीच मिल जाता है। इसे विदेशों में एक्सपोर्ट करने पर इसकी कीमत पांच से छह हजार रुपये मिलती है। लंबे समय से मांस कारोबारियों के बीच पोटली के कारोबार को लेकर जंग छिड़ी हुई है। सात महीने पहले खंडसारी मोहल्ले में ही नईम पर कातिलाना हमला भी हो चुका था। नईम की हत्या के बाद पुलिस भी गैंगवार की आशंका से इंकार नहीं कर रही।
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सत्ता से यारी पड़ गई भारी
बदायूं। अपराध जगत में तेजी से उठे नईम राजा को सत्ता का संरक्षण प्राप्त था। इसी के चलते वह बेखौफ था। सत्ता पक्ष के माननीय का वरदहस्त होने के कारण खाकी से उसके यारबाजों जैसे रिश्ते थे। यही बेखौफी भी उसकी मौत का सबब बन गई।
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शहर में नईम इन दिनों एक माननीय से जुड़ा हुआ था। उनके चुनाव में उसने खासी दिलचस्पी दिखाई थी। मतदान के दिन भी वह प्रमुख बूथ पर मय मोबाइल डटा रहा था। वर्दी वाले उसको देखकर भी अनदेखा कर रहे थे। ये उस संरक्षण का ही प्रभाव था कि चुनाव में जब आम आदमी को भी पुलिस पाबंद कर देती है, वहां एक हिस्ट्रीशीटर बूथ पर सक्रियता थी। उससे जुड़े लोगों का कहना तो ये है कि सत्ता पक्ष से उसकी यारी ही उस पर भारी पड़ गई।
बताते चलें कि हिस्ट्रीशीटर नईम उर्फ राजा शहर के मोहल्ला खंडसारी में दो नवंबर 2013 को हुए बुजुर्ग भाई-बहन के मर्डर के बाद सुर्खियों में आया था। उन दिनों में राजा जिला जेल में निरुद्ध था। 12 अक्तूबर को यह बीमारी के बहाने जेल से जिला अस्पताल में भर्ती हुआ। हिस्ट्रीशीटर 2/3 नवंबर की रात शातिराना अंदाज में अस्पताल से निकल कर खंडसारी मोहल्ले पहुंचा। वहां उसने घटना को अंजाम दिया। घटना को खुलासा चार दिन के बाद हुआ था। इस दौरान राजा 12 अक्तूबर से पांच नवंबर तक जेल में ही रहा। जिला अस्पताल के डॉक्टर भी हिस्ट्रीशीटर पर मेहरबान रहे। उसको बेवजह 25 दिन अस्पताल में रखा गया। इस मामले में राजा का इलाज करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ मजिस्ट्रेट जांच चल रही है। अब नईम की हत्या में नामजद अमजद, शराफत, लखन और राजा डबल मर्डर में गवाह हैं।
30 मिनट में नौ थानों की पुलिस का मूवमेंट
बदायूं। राजा की हत्या की खबर को अधिकारियों ने संजीदगी से लिया। वक्त रहते शहर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई। सिर्फ 30 मिनट में आस-पास के नौ थानों की पुलिस ने मूवमेंट किया और फोर्स शहर पहुंच गया। पीएसी के साथ पुलिस को मोहल्ला खंडसारी, मीट मार्केट, जिला अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस पर तैनात कर दिया गया। आरोपियों के घरों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई। एसपी सिटी अनिल यादव ने स्थित को भांपते हुए बिनावर, कुंवरगांव, अलापुर, उझानी, मूसाझाग, वजीरगंज, कोतवाली, सिविल लाइंस और कादरचौक थानों से पुलिस को बुला लिया। समय रहते सुरक्षा बढ़ा दिए जाने से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
मीट मार्केट, खंडसारी और अस्पताल बना छावनी
बदायूं। हिस्ट्रीशीटर नईम उर्फ राजा की हत्या की खबर शहर में आग की तहर फैलने के बाद अफवाहों का बाजार भी गरम हो गया। शहर के कई इलाकों में तनाव का माहौल बन गया। सात से 10 बजे तक राजा का शव जिला अस्पताल में रहा। इस दौरान यहां बार-बार हंगामा होता रहा। बाद में शव पोस्टमार्टम को भेजा गया। वहां भी कई बार माहौल बिगड़ते-बिगड़ते बचा। एहतियात बरतते हुए सभी इलाकों में पुलिस और पीएसी तैनात रहे।
मेडिकल कॉलेज से जुड़ी एक और कहानी
बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज एक और कहानी जुड़ गई है। एक ओर उझानी रोड स्थित गुनौरा वाजिदपुर में प्रशासनिक अमला मेडिकल कॉलेज की ओपीडी के उद्घाटन की तैयारियां कर रहा था, दूसरी ओर शहर का मोहल्ला छोटी सराय गोलियों से गूंज रहा था। इसी तरह मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास के दौरान जिले में बवाल हुआ था।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने 20 दिसंबर 2013 को राजकीय मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया था। एक ओर शिलान्यास कार्यक्रम चल रहा था तो दूसरी ओर इस्लामनगर के गांव नूरपुर पिनौनी में प्रतिबंधित पशुओं के वध को लेकर पुलिस और पब्लिक के बीच हिंसा। इस दौरान पुलिस के कई वाहनों को भी फूंक दिया गया था। मंगलवार को भी 20 तारीख थी, और राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी का मुख्यमंत्री के भाई सांसद धर्मेंद्र यादव उद्घाटन करने वाले थे। उससे पहले शहर में यह वारदात हो गई।
मारी गईं पांच गोलियां, तीन बुलेट बरामद
बदायूं। नईम उर्फ राजा को पांच गोलियां मारी गईं। पोस्टमार्टम करने वाले पैनल की मानें तो गोलियां काफी करीब से दागी गईं। एक गोली राजा की खोपड़ी में और एक गोली उसके सीने में दिल के पास मारी गई। उसके शरीर से तीन बुलेट बरामद हो गईं। जबकि दो गोलियां शरीर से पार हो गईं। सिर और सीने की गोली से नईम की मौके पर मौत हुई। पोस्टमार्टम के बाद राजा का शव कड़ी सुरक्षा के बीच घर भेजा गया। देर रात तक शव को सुपुर्द ए खाक करने की तैयारी चल रही थी।
एसएसपी सौमित्र यादव ने बताया कि कानून व्यवस्था को किसी तरह का नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नईम की हत्या के मामले में 12 लोगों के खिलाफ रिपेार्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी को एसओजी के साथ पांच टीमों को लगाया गया है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।