{"_id":"7a8efb3622c288145e04a7dfc92f7019","slug":"mushajag-kand-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"1,290 जांचों के बाद खुलेंगी मूसाझाग कांड की परतें","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
1,290 जांचों के बाद खुलेंगी मूसाझाग कांड की परतें
badaun
Updated Thu, 29 Jan 2015 08:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चर्चित मूसाझाग कांड की कई सच्चाइयां सामने आने में अभी वक्त लगेगा। आरोपियों के सैंपल विधि विज्ञान प्रयोगशाला डीएनए जांच के लिए भेजे गए हैं। प्रयोगशाला में हजारों नमूने जांच के लिए लंबित हैं। इससे आरोपी बर्खास्त सिपाहियों और पीड़िता के नमूनों की डीएनए जांच रिपोर्ट मिलने में देरी से इंकार नहीं किया जा सकता। जाहिर है कि ऐसे में चार्जशीट में भी देरी हो सकती है।
मूसाझाग थाने में 31 दिसंबर की रात नाबालिग से सिपाही वीरपाल यादव और अवनीश यादव ने गैंगरेप किया था। दोनों सिपाहियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। बाद में इनको बर्खास्त कर दिया गया। घटना से जुड़े कई सच जानने के लिए पुलिस ने दोनों बर्खास्त सिपाहियों और पीड़िता के शरीर के सैंपल जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे थे। सूत्रों की मानें तो इन नमूनों की जांच से पहले प्रयोगशाला में 1,290 नमूनों की जांच होनी है। इसके बाद मूसाझाग कांड से जुड़े नमूनों की जांच होगी। मामले की विवेचना कर रहे एसओ मूसाझाग अशोक सिंह भी मान रहे हैं कि अगर प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने में देरी होती है, तो कुछ तथ्य भी देर से सामने आएंगे। हालांकि उनका दावा है कि चार्जशीट वक्त पर दाखिल कर दी जाएगी।
विधि विज्ञान प्रयोगशाला के लिए रिमाइंडर भेज कर मूसाझाग कांड से जुड़ी जांचें प्राथमिकता के आधार पर करने को कहा गया है। प्रयोगशाला में दो तरह की जांचे होती हैं। एक सामान्य और एक अर्जेंट मूसाझाग मामले को अर्जेंट जांच में शामिल कराने की कोशिश की जा रही है।
विज्ञापन
-लल्लन सिंह, एसपी सिटी
विज्ञापन
मूसाझाग थाने में 31 दिसंबर की रात नाबालिग से सिपाही वीरपाल यादव और अवनीश यादव ने गैंगरेप किया था। दोनों सिपाहियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। बाद में इनको बर्खास्त कर दिया गया। घटना से जुड़े कई सच जानने के लिए पुलिस ने दोनों बर्खास्त सिपाहियों और पीड़िता के शरीर के सैंपल जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे थे। सूत्रों की मानें तो इन नमूनों की जांच से पहले प्रयोगशाला में 1,290 नमूनों की जांच होनी है। इसके बाद मूसाझाग कांड से जुड़े नमूनों की जांच होगी। मामले की विवेचना कर रहे एसओ मूसाझाग अशोक सिंह भी मान रहे हैं कि अगर प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने में देरी होती है, तो कुछ तथ्य भी देर से सामने आएंगे। हालांकि उनका दावा है कि चार्जशीट वक्त पर दाखिल कर दी जाएगी।
विज्ञापन
विधि विज्ञान प्रयोगशाला के लिए रिमाइंडर भेज कर मूसाझाग कांड से जुड़ी जांचें प्राथमिकता के आधार पर करने को कहा गया है। प्रयोगशाला में दो तरह की जांचे होती हैं। एक सामान्य और एक अर्जेंट मूसाझाग मामले को अर्जेंट जांच में शामिल कराने की कोशिश की जा रही है।
विज्ञापन
-लल्लन सिंह, एसपी सिटी