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जेल भेजा गया गैंगरेप का आरोपी सिपाही वीरपाल

Mon, 12 Jan 2015 09:48 PM IST
बदायूं
बदायूं Updated Mon, 12 Jan 2015 09:48 PM IST
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musajhag gang rape
गैंगरेप के आरोपी बर्खास्त सिपाही वीरपाल यादव को सोमवार को मेडिकल के बाद स्पेशल जज पाक्सो एक्ट की कोर्ट में पेश किया गया। यहां से कोर्ट ने उसे चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वीरपाल को रविवार शाम बरेली और बदायूं पुलिस ने बरेली के सेटेलाइट बस स्टैंड से गिरफ्तार किया गया था। रात में ही कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस इसे बदायूं लेकर आ गई थी।
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सिपाही वीरपाल यादव और अवनीश यादव ने 31 दिसंबर की रात नाबालिग को अगवा कर उसके साथ मूसाझाग थाने में गैंगरेप किया था। सिपाहियों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएम, स्वाट और क्राइम ब्रांच टीमों को लगाया गया था। नाटकीय ढंग से अवनीश यादव को पुलिस ने पांच नवंबर को बरेली जंक्शन से गिरफ्तार कर लिया था। अगले दिन उसे जेल भेज दिया गया था। वीरपाल यादव दस दिन तक पुलिस को छकाता रहा। आखिर यह भी रविवार को पुलिस के हत्थे आ गया। सोमवार को कोर्ट ने इसे भी चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
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दो घंटे चला मेडिकल, सैंपल लिए गए
बदायूं। जिला अस्पताल के सीएमएस रूम में दो घंटे वीरपाल का मेडिकल चला। इस दौरान सीएमएस डॉ. एके वर्मा की मौजूदगी में फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. राजेश वर्मा ने वीरपाल के शरीर से डीएनए टैस्ट को नमूने लिए। उसके बाल, नाखून, रक्त और स्पर्म की स्लाइड तैयार की गई है। मामले की विवेचना कर रहे एसओ मूसाझाग अशोक कुमार ने बताया कि नमूने मंगलवार को विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजे जाएंगे। अवनीश यादव और पीड़िता के नमूने पहले ही प्रयोगशाला भेजे जा चुके हैं। वीरपाल दोपहर 12बजे जिला अस्पताल पहुंचा। यहां से पुलिस दो बजे उसे कोर्ट ले गई।
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वीरपाल बोला, झूठा फंसाया गया, मैं निर्दोष
जिला अस्पताल में मेडिकल के लिए पहुंचे गैंगरेप के आरोपी सिपाही वीरपाल यादव के माथे पर जरा भी शिकन नहीं दिख रही थी। मिडिया कर्मियों ने जब उससे सवाल किए तो उसने दबंगई के साथ जवाब दिए। बोला, मुझे झूठा फंसाया गया है। मैं पूरी तरह से निर्दोष हूं।

उससे जब पूछा गया कि अगर वह निर्दोष है तो गिरफ्तारी से क्यों भाग रहा था। इस पर वीरपाल बोला कुछ परिस्थितियां थीं। वीरपाल ने पीड़ित परिवार पर भी अवैध धंधे करने का आरोप लगाया लेकिन जब उससे सवाल किया गया कि अगर पीड़ित के यहां अवैध धंधे होते थे तो मुकदमा दर्ज क्यों नहीं कराया। इस सवाल पर वह चुप हो गया।
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