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मीट मार्केट सील, 95 अवैध दुकानें बंद कराईं

Sun, 26 Mar 2017 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं। Updated Sun, 26 Mar 2017 12:38 AM IST
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Meat Market Seal, 95 Shops Off Shops
meet - फोटो : amar ujala
पुलिस-प्रशासन ने शहर में चलाया व्यापक अभियान, मांस कारोबार के लिए बदनाम मोहल्लों में हुई छापामारी
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योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद एक्शन में आए पुलिस-प्रशासन ने शनिवार को अभियान चलाकर शहर के अलावा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर अवैध बूचड़खानों और मांस की दुकानों पर छापेमारी की। नेहरू चौक स्थित नगर पालिका के मीट मार्केट को सील कर दिया गया। अभियान के दौरान शहर में अवैध रूप से चल रहीं मांस की 95 दुकानों को भी अधिकारियों ने बंद करा दिया।
शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट श्रीराम यादव, सीओ सिटी अभिषेक यादव, इंस्पेक्टर कोतवाली लोकेंद्र सिंह फोर्स के साथ शहर में मांस की अवैध दुकानों और बूचड़खानों पर छापेमारी के लिए निकले। पुलिस फोर्स के साथ अधिकारी सबसे पहले मोहल्ला खंडसारी पहुंचे। यह मोहल्ला मांस की बिक्री के लिए पूरे जिले में बदनाम है। अधिकारियों ने यहां बिना लाइसेंस चल रहीं मांस की दुकानों को बंद करा दिया। चेतावनी दी कि अगर बिना लाइसेंस मांस की बिक्री या पशुओं का वध किया तो रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। पुलिस की इस कार्रवाई से मांस व्यापारियों में हड़कंप मचा रहा। 
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खंडसारी मोहल्ले के बाद पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने नेहरू चौक स्थित मीट मार्केट में छापेमारी की। यहां भी दर्जनों दुकानों पर बिना लाइसेंस मांस बेचा जा रहा था। इन दुकानों को अधिकारियों ने बंद करा दिया। बाद में नगर पालिका की टीम को बुलाया गया। सिटी मजिस्ट्रेट श्रीराम यादव और सीओ सिटी अभिषेक यादव ने मीट मार्केट में सफाई कराने के बाद इसे सील कर दिया। पुलिस की यह कार्रवाई देखने के लिए मौके पर हजारों लोगों की भीड़ जमा रही। कबूलपुरा, नई सराय, सोथा, चौधरी सराय, हकीमगंज आदि मोहल्लों में बिना लाइसेंस चल रहीं करीब 95 दुकानों को बंद करा दिया गया। हालांकि, तमाम मांस व्यापारियों ने पहले से ही अपनी दुकानों को बंद कर दिया था। 
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मीट मार्केट में बाहर ताले, अंदर काटे जा रहे थे पशु
बदायूं। सिटी मजिस्ट्रेट श्रीराम यादव, सीओ सिटी अभिषेक यादव और इंस्पेक्टर कोतवाली लोकेंद्र सिंह शहर में मांस की दुकानों और अवैध बूचड़खानों पर छापामारी करते हुए नेहरू चौक स्थित मीट मार्केट पहुंचे तो यहां दोनों गेट पर ताला लगा था। शक होने पर अधिकारियों ने खिड़कियों से अंदर झांककर देखा तो पता लगा कि अंदर कई लोग हैं। यह लोग मांस को ठिकाने लगा रहे हैं। पुलिस को देखकर मांस तस्कर भागने लगे। इस दौरान कोतवाली पुलिस ने तीन लोगों को दबोच लिया। बाद में मीट मार्केट के ताले खुलवा कर इसके अंदर भी देखा। कई दुकानों में मांस और पशुओं के अवशेष के ढेर लगे हुए थे। 

सहसवान में पुलिस ने पकड़ा अवैध बूचड़खाना
सहसवान। पुलिस-प्रशासन ने सहसवान में भी मांस की अवैध दुकानों और बूचड़खानों के खिलाफ अभियान चलाया। एसडीएम दिनेश कुमार सिंह, सीओ श्योराज सिंह और इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार सिंह ने कई स्थानों पर छापेमारी कर मांस की अवैध दुकानों को बंद करा दिया।
छापामारी के दौरान अधिकारियों को पता लगा कि दिल्ली-बबराला रोड पर जंगल में कोठरी बनाकर यहां बूचड़खाना चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने फोर्स के साथ मौके पर छापेमारी की। यहां पशुओं के अवशेष मिले। हालांकि, कोई मांस तस्कर हत्थे नहीं आया। इस अवैध बूचड़खानों को पुलिस ने सील कर दिया। शाम को कोतवाली पुलिस ने सहसवान नगर में एलाउंसमेंट भी कराया। इसमें मांस व्यापारियों को चेतावनी दी गई कि अगर बिना लाइसेंस के उन्होंने मांस बिक्री की तो रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। यहां भी पुलिस-प्रशासन ने मांस की दर्जनों दुकानों को बंद करा दिया। इस दौरान मांस कारोबारियों में हड़कंप मचा रहा। 

बिसौली में अवैध बूचड़खाना ढहाया
बिसौली। पुलिस-प्रशासन ने मांस की अवैध दुकानों के खिलाफ अभियान तेज कर करते हुए शनिवार को बिसौली में भी अभियान चलाया। इस दौरान नगर में ईदागाह पर चल रहे अवैध बूचड़खाने को ढहा दिया गया।
एसडीएम आरडीराम, सीओ डॉ. केके सरोज और इंस्पेक्टर एसपी उपाध्याय ने फोर्स के साथ मांस की दुकानों पर छापेमारी की। अवैध रूप से चल रहीं मांस की दुकानों को बंद करा दिया गया। दुकानदारों को बिना लाइसेंस मांस न बेचने की चेतावनी दी गई। इस दौरान अधिकारियों ने नगर में ईदगाह रोड पर नगर पालिका की जमीन पर चल रहा अवैध बूचड़खाना पकड़ लिया। इसे ढहा दिया गया। 

मैजिक वाहन में मिला गोवंशीय पशुओं का मांस
सहसवान। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने एक मैजिक वाहन में भरकर ले जाया जा रहा गोवंशीय पशुओं का दो क्विंटल मांस बरामद किया है। मांस तस्कर पुलिस को देखकर भाग निकले। मामले में तीन लोगों के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मांस दफन करा दिया गया है। इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि बदायूं की ओर से मैजिक वाहन में भरकर गोवंशीय पशुओं का माल लाया ला रहा है। पुलिस ने मांस तस्करों की घेराबंदी शुरू कर दी। मैजिक वाहन मुजरिया रोड पर ढाबा के पास पहुंचा। यहां पुलिस टीम को देखकर इसमें सवार लोग उतर कर भाग गए। मामले में पुलिस ने भगवानीपुर निवासी अच्छन, इकबाल और बाजपुर के साजिद के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

दातागंज में बंद कराई गईं दुकानें
दातागंज। पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने दातागंज में छापेमारी कर बिना लाइसेंस चल रहीं मांस की दुकानों को बंद कराया। डॉ. एके जादौन के नेतृत्व में यहां कार्रवाई की गई। कस्बे में मांस की दर्जनों दुकानें बिना लाइसेंस चल रही हैं। पुलिस-प्रशासन के सख्त रुख के बाद शनिवार को ज्यादातर दुकानें बंद रहीं। 

पुलिस-प्रशासन के अधिकारी वही, कार्यप्रणाली बदल गई
बदायूं। शहर समेत जिले के तमाम मोहल्ले मांस तस्करी के लिए बदनाम हैं। पिछले पांच साल में कुछ तेज-तर्रार अधिकारियों ने जरूर मांस और पशु तस्करों पर कार्रवाई की, लेकिन जिले भर में अवैध बूचड़खाने चलते रहे। पुलिस और प्रशासन के मौजूदा अधिकारियों को सूबे में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद कार्यप्रणाली में जो बदलाव आया है उसे लोग योगी इफेक्ट बता रहे हैं।

बदायूं जिला गोवंशीय पशुओं और मांस की तस्करी के लिए काफी बदनाम रहा है। पिछले एक साल पर गौर करें तो जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस ने 17 ऐसे बूचड़खाने पकड़े जो घरों में चल रहे थे। इनमें गोवंशीय पशुओं का वध हो रहा था। गोवंशीय पशुओं की तस्करी के मामलों को देखें तो एक साल में कार्रवाई के नाम पर गोवंशीय पशुओं की तस्करी के 150 से ज्यादा मामले अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज हुए। इसके बाद भी जिले में बड़े पैमाने पर गोवंशीय पशुओं और मांस की तस्करी की जा रही थी। टैंकर और कैंटर के जरिए मांस और पशुओं की तस्करी भी जिले में पकड़ी गई। अब योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया तो मांस के कारोबार की सच्चाई भी सामने आ रही है। जिले में कोई वैध बूचड़खाना नहीं है। इतना ही नहीं मांस बिक्री की ज्यादातर दुकानें भी बिना लाइसेंस के चल रही हैं।
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