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माघ पूर्णिमा पर लगाई आस्था की डुबकी
उझानी (बदायूं)।
Updated Mon, 22 Feb 2016 08:03 PM IST
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गंगा तट सोमवार को आस्था से सराबोर हो उठा। करीब तीन लाख की संख्या में जुटे श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना की। शाम तक धार्मिक कार्यक्रमों का दौर चला। घाट पर तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने के अनुमान के बीच आस्था के सैलाब के सिवाय कुछ और नजर नहीं आया।
दान-पुण्य के लिहाज से खास महत्व रखने वाली माघी पूर्णिमा पर तड़के से श्रद्धालुओं के पहुंचने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह दोपहर तक चलता रहा। लाखों की संख्या में गंगाघाट पर जुटे महिला और पुरुषों ने गंगा में डुबकी लगाने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दिया। हर-हर गंगे की गूंज के बीच महिलाओं ने संकीर्तन किया। पूजा-अर्चना के बाद घाट पर मौजूद संत-महात्माओं को दान-दक्षिणा भेंट की। कन्याओं को भोज भी कराया गया। राजस्व निरीक्षक जुगेंद्र सिंह की मानें तो शाम तक तीन लाख से अधिक लोगों ने स्नान किया। राजस्थान के महिला-पुरुषों की संख्या भी खासी रही।
कई श्रद्धालुओं के कपड़े गायब
उझानी। गंगा स्नान को पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए घाट पर सामान रखने के लिए नगर पंचायत प्रशासन ने जो इंतजाम किए थे, वे भीड़ अधिक होने की वजह से नाकाफी रहे। कासगंज में सोरों निवासी रामफल और राजस्थान के भरतपुर में जाट कॉलोनी निवासी हरीओम समेत कई लोगों के कपड़े और थैले गायब हो गए। रामफल ने स्नान करते वक्त हालांकि अपने बेटे को सामान की रखवाली को छोड़ दिया था, लेकिन उसे भी भनक नहीं लगी।
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पंचायत-राजस्व कर्मियों ने संभाली व्यवस्थाएं
उझानी। माघ पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं के रेले के मद़्देनजर नगर पंचायत अध्यक्ष पुष्पा देवी और ईओ राजकुमार ने एक दिन पहले ही इंतजामों की समीक्षा की थी। राजस्व विभाग की ओर से निरीक्षक जुगेंद्र सिंह, लेखपालों में ओमबाबू नागेंद्र, देवेश शर्मा, रामनरेश और वीरेंद्र भोत ने घाट पर डेरा डाल लिया। पड़ोसी गांव से गोताखोरों को बुलाकर नावों से निगरानी भी की। सीओ जगदीश चंद्र पाटनी और प्रभारी निरीक्षक गोपीचंद्र यादव ने ड्यूटी पर लगाए गए पुलिस बल पर नजर रखी।
चार घंटे तक बरेली-मथुरा हाइवे रहा बाधित
उझानी। स्नान पर्व पर खासी भीड़ की वजह से वाहनों की संख्या में इजाफा हो गया। पूर्वाह्न में पुलिस चौकी के सामने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की वजह से जाम लग गया। पुलिस कर्मी जाम को खुलवाने को मशक्कत करते उससे पहले फंसे वाहनों की संख्या एक सौ को पार कर गई। पुल के पार सोरों की पुलिस चौकी तो इस ओर बितरोई मोड़ तक जाम लग गया। जाम लंबा हो जाने से पुलिस ने भारी वाहनों को यहां उझानी तो कासगंज जिले में मानपुर नगरिया में रोक दिए गए। करीब दो बजे पुलिस को जाम खुला भी, लेकिन बाद में फिर से लाइन लग गई। जाम में फंसे वाहनों में सर्वाधिक परेशानी आगरा, मथुरा, अलीगढ़, बरेली, बदायूं और पीलीभीत आने-जाने को निकले यात्रियों को हुई। जाम के दौरान पुलिस कर्मियों और यात्रियों में नोकझोंक भी हो गई।
मामा-भांजी गंगा में डूबे, मामा की मौत
उसहैत। अटैना गंगाघाट पर स्नान करते समय मामा-भांजी गंगा में डूब गए। आसपास के लोगों ने भांजी को तो बचा लिया, लेकिन मामा मुनेश की मौत हो गई। कई घंटे की कोशिश के बाद मुनेश का शव बरामद हो सका। मुनेश की शादी करीब डेढ़ साल पहले ही हुई थी। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
एटा जिले के थाना अलीगंज के गांव दाऊदगंज निवासी मुनेश (23) पुत्र रामप्रकाश अपने परिवार के साथ सोमवार को माघ पूर्णिमा पर्व पर गंगा स्नान करने उसहैत के अटैना गंगा घाट पर आए थे। मुनेश अपनी आठ साल की भांजी मुस्कान पुत्र सुधीर के साथ गंगा स्नान कर रहे थे। इस दौरान पैर फिसलने से दोनों डूबने लगे। मुनेश के चीखने-चिल्लाने पर आस-पास के लोगों ने बचाने की कोशिश की। मुस्कान को तो बचा लिया गया, लेकिन मुनेश डूब गए। करीब चार घंटे के बाद पुलिस ने गोताखोरों की मदद से मुनेश का शव बरामद किया।
मुनेश की शादी करीब डेढ़ साल पहले ही हुई थी। घटना के बाद उनके परिवार में कोहराम मचा है। पत्नी बदहवास है। खबर मिलने पर शाम को मुनेश के बाकी नाते रिश्तेदार भी मौके पर पहुंच गए थे। परिवार वाले पोस्टमार्टम से इंकार कर रहे थे। एसओ कमलेश सिंह ने बताया कि अगर परिवार वाले चाहेंगे तो पोस्टमार्टम कराया जाएगा। फिलहाल मृतक के परिवार वालों से बात की जा रही है।
कादरगंज में तीन लोग डूबे, बचाए गए
कादरचौक। कादरगंज गंगाघाट पर माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने आए कासगंज जिले के तीन लोग गंगा में डूब गए। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से सभी को बचा लिया। आनन-फानन में इनको कासगंज भेज दिया गया। घटना कादरगंज गंगा पुल के उस पर कासगंज जिले की है।
ट्रैक्टर-ट्रॉली से दबकर बुजुर्ग की मौत
बिल्सी। कछला घाट से गंगा स्नान करके अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली से लौट रहे बुजुर्ग नीचे गिर गए। उनकी पहिए के नीचे दबकर मौत हो गई। सूचना थाना पुलिस को दी गई है।
गांव दिधौनी निवासी तिलक सिंह(60) पुत्र टोड़ीराम सोमवार को करीब पांच बजे कछला घाट से गंगा स्नान करके अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली परिवार के साथ लौट रहे थे। नगर के अंबियापुर चौराहे के पास वह अचानक नीचे गिर गए। तभी ट्रॉली का पहिया उनके ऊपर से उतर गया। वह गंभीर रुप से घायल हो गए। तिलक सिंह को नगर की सीएचसी पर लाया गया। यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। तिलक सिंह की मौत के बाद परिवार के लोगों में कोहराम मच गया।
दान-पुण्य के लिहाज से खास महत्व रखने वाली माघी पूर्णिमा पर तड़के से श्रद्धालुओं के पहुंचने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह दोपहर तक चलता रहा। लाखों की संख्या में गंगाघाट पर जुटे महिला और पुरुषों ने गंगा में डुबकी लगाने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दिया। हर-हर गंगे की गूंज के बीच महिलाओं ने संकीर्तन किया। पूजा-अर्चना के बाद घाट पर मौजूद संत-महात्माओं को दान-दक्षिणा भेंट की। कन्याओं को भोज भी कराया गया। राजस्व निरीक्षक जुगेंद्र सिंह की मानें तो शाम तक तीन लाख से अधिक लोगों ने स्नान किया। राजस्थान के महिला-पुरुषों की संख्या भी खासी रही।
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कई श्रद्धालुओं के कपड़े गायब
उझानी। गंगा स्नान को पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए घाट पर सामान रखने के लिए नगर पंचायत प्रशासन ने जो इंतजाम किए थे, वे भीड़ अधिक होने की वजह से नाकाफी रहे। कासगंज में सोरों निवासी रामफल और राजस्थान के भरतपुर में जाट कॉलोनी निवासी हरीओम समेत कई लोगों के कपड़े और थैले गायब हो गए। रामफल ने स्नान करते वक्त हालांकि अपने बेटे को सामान की रखवाली को छोड़ दिया था, लेकिन उसे भी भनक नहीं लगी।
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पंचायत-राजस्व कर्मियों ने संभाली व्यवस्थाएं
उझानी। माघ पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं के रेले के मद़्देनजर नगर पंचायत अध्यक्ष पुष्पा देवी और ईओ राजकुमार ने एक दिन पहले ही इंतजामों की समीक्षा की थी। राजस्व विभाग की ओर से निरीक्षक जुगेंद्र सिंह, लेखपालों में ओमबाबू नागेंद्र, देवेश शर्मा, रामनरेश और वीरेंद्र भोत ने घाट पर डेरा डाल लिया। पड़ोसी गांव से गोताखोरों को बुलाकर नावों से निगरानी भी की। सीओ जगदीश चंद्र पाटनी और प्रभारी निरीक्षक गोपीचंद्र यादव ने ड्यूटी पर लगाए गए पुलिस बल पर नजर रखी।
चार घंटे तक बरेली-मथुरा हाइवे रहा बाधित
उझानी। स्नान पर्व पर खासी भीड़ की वजह से वाहनों की संख्या में इजाफा हो गया। पूर्वाह्न में पुलिस चौकी के सामने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की वजह से जाम लग गया। पुलिस कर्मी जाम को खुलवाने को मशक्कत करते उससे पहले फंसे वाहनों की संख्या एक सौ को पार कर गई। पुल के पार सोरों की पुलिस चौकी तो इस ओर बितरोई मोड़ तक जाम लग गया। जाम लंबा हो जाने से पुलिस ने भारी वाहनों को यहां उझानी तो कासगंज जिले में मानपुर नगरिया में रोक दिए गए। करीब दो बजे पुलिस को जाम खुला भी, लेकिन बाद में फिर से लाइन लग गई। जाम में फंसे वाहनों में सर्वाधिक परेशानी आगरा, मथुरा, अलीगढ़, बरेली, बदायूं और पीलीभीत आने-जाने को निकले यात्रियों को हुई। जाम के दौरान पुलिस कर्मियों और यात्रियों में नोकझोंक भी हो गई।
मामा-भांजी गंगा में डूबे, मामा की मौत
उसहैत। अटैना गंगाघाट पर स्नान करते समय मामा-भांजी गंगा में डूब गए। आसपास के लोगों ने भांजी को तो बचा लिया, लेकिन मामा मुनेश की मौत हो गई। कई घंटे की कोशिश के बाद मुनेश का शव बरामद हो सका। मुनेश की शादी करीब डेढ़ साल पहले ही हुई थी। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
एटा जिले के थाना अलीगंज के गांव दाऊदगंज निवासी मुनेश (23) पुत्र रामप्रकाश अपने परिवार के साथ सोमवार को माघ पूर्णिमा पर्व पर गंगा स्नान करने उसहैत के अटैना गंगा घाट पर आए थे। मुनेश अपनी आठ साल की भांजी मुस्कान पुत्र सुधीर के साथ गंगा स्नान कर रहे थे। इस दौरान पैर फिसलने से दोनों डूबने लगे। मुनेश के चीखने-चिल्लाने पर आस-पास के लोगों ने बचाने की कोशिश की। मुस्कान को तो बचा लिया गया, लेकिन मुनेश डूब गए। करीब चार घंटे के बाद पुलिस ने गोताखोरों की मदद से मुनेश का शव बरामद किया।
मुनेश की शादी करीब डेढ़ साल पहले ही हुई थी। घटना के बाद उनके परिवार में कोहराम मचा है। पत्नी बदहवास है। खबर मिलने पर शाम को मुनेश के बाकी नाते रिश्तेदार भी मौके पर पहुंच गए थे। परिवार वाले पोस्टमार्टम से इंकार कर रहे थे। एसओ कमलेश सिंह ने बताया कि अगर परिवार वाले चाहेंगे तो पोस्टमार्टम कराया जाएगा। फिलहाल मृतक के परिवार वालों से बात की जा रही है।
कादरगंज में तीन लोग डूबे, बचाए गए
कादरचौक। कादरगंज गंगाघाट पर माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने आए कासगंज जिले के तीन लोग गंगा में डूब गए। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से सभी को बचा लिया। आनन-फानन में इनको कासगंज भेज दिया गया। घटना कादरगंज गंगा पुल के उस पर कासगंज जिले की है।
ट्रैक्टर-ट्रॉली से दबकर बुजुर्ग की मौत
बिल्सी। कछला घाट से गंगा स्नान करके अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली से लौट रहे बुजुर्ग नीचे गिर गए। उनकी पहिए के नीचे दबकर मौत हो गई। सूचना थाना पुलिस को दी गई है।
गांव दिधौनी निवासी तिलक सिंह(60) पुत्र टोड़ीराम सोमवार को करीब पांच बजे कछला घाट से गंगा स्नान करके अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली परिवार के साथ लौट रहे थे। नगर के अंबियापुर चौराहे के पास वह अचानक नीचे गिर गए। तभी ट्रॉली का पहिया उनके ऊपर से उतर गया। वह गंभीर रुप से घायल हो गए। तिलक सिंह को नगर की सीएचसी पर लाया गया। यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। तिलक सिंह की मौत के बाद परिवार के लोगों में कोहराम मच गया।