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हत्या-डकैती के आरोपी को आजीवन कारावास
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
Updated Tue, 01 Dec 2015 08:11 PM IST
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पचास हजार का रुपये का अर्थदंड भी डाला
यह घटना थाना दातागंज क्षेत्र के गांव धीरपुर में घटी थी। वादी सीताराम पुत्र उत्तम ने 29 मार्च 1995 को थाने पर सूचना दी थी कि रात में वह अपने परिवार के साथ घर पर लेटा हुआ था। लालटेन जल रही थी। रात को करीब एक बजे आठ-नौ बदमाश असलहों और लाठी-डंडों से लैस होकर घर में घुस आए और मारपीट करने लगे। कहा कि अफीम कहा रखी है। चीख-पुकार पर बड़े भाई ताराचंद्र व चिम्मन लाल बाहर चौपाल से आ गए। वह बदमाशों से भिड़ गए। बदमाशों ने उसके भाई चिम्मन लाल पर दो-तीन फायर किए। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसी बीच बदमाशों ने कोठरी का ताला तोड़कर परातों में रखी हुई 15-16 किलो अफीम लूट ली।
विद्वान जज ने अभियोजन की ओर से सरकारी वकील ज्ञानस्वरूप गुप्ता और बचाव पक्ष की दलील को सुनने के बाद ओमवीर पुत्र रामपाल निवासी धीरपुर को डकैती-हत्या का दोषी पाकर आजीवन कारावास सहित 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
हत्यारोपी सगे भाई को उम्रकैद, जुर्माना
बदायूं। जमीन को लेकर रंजिश के मामले में हत्यारोपी सगे भाई को दोषी पाकर विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट नलिन कुमार श्रीवास्तव ने आरोपी को आजीवन कारवास की सजा सहित 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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यह घटना थाना बिसौली क्षेत्र के गांव पैगा भीकमपुर में घटी थी। वादिनी मनकौरा देवी पत्नी सुखराम ने 27 जून 2012 को रिपोर्ट लिखाई थी कि उसके तीन पुत्र जमुना सिंह, हरनाम सिंह व श्याम सिंह हैं। तीनों पर 20-20 बीघा जमीन है। मनकौरा देवी के जेठ के बेटे जयसिंह की शादी नहीं हुई थी। जयसिंह ने अपने हिस्से की 10 बीघा जमीन श्याम सिंह के नाम कर दी थी। आरोपी जमुना सिंह उस जमीन में से आधा हिस्सा मांगता था। इसी बात को लेकर दोनों में रंजिश रहती थी। 26-27 जून को गांव में शादी थी। मुहल्ले में चहल-पहल थी। वादिनी का पुत्र श्याम सिंह अपनी पत्नी व बच्चों के साथ मकान की छत पर सो रहा था कि रात में करीब 2.15 बजे आरोपी जमुना सिंह ने अपने सगे भाई की गोली मारकर हत्या कर दी।
विद्धान जज ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी रईस अहमद और बचाव पक्ष की दलील को सुुनने के बाद आरोपी जमुना सिंह को अपने सगे भाई की हत्याका दोषी पाकर आजीवन कारावास सहित 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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यह घटना थाना दातागंज क्षेत्र के गांव धीरपुर में घटी थी। वादी सीताराम पुत्र उत्तम ने 29 मार्च 1995 को थाने पर सूचना दी थी कि रात में वह अपने परिवार के साथ घर पर लेटा हुआ था। लालटेन जल रही थी। रात को करीब एक बजे आठ-नौ बदमाश असलहों और लाठी-डंडों से लैस होकर घर में घुस आए और मारपीट करने लगे। कहा कि अफीम कहा रखी है। चीख-पुकार पर बड़े भाई ताराचंद्र व चिम्मन लाल बाहर चौपाल से आ गए। वह बदमाशों से भिड़ गए। बदमाशों ने उसके भाई चिम्मन लाल पर दो-तीन फायर किए। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसी बीच बदमाशों ने कोठरी का ताला तोड़कर परातों में रखी हुई 15-16 किलो अफीम लूट ली।
विद्वान जज ने अभियोजन की ओर से सरकारी वकील ज्ञानस्वरूप गुप्ता और बचाव पक्ष की दलील को सुनने के बाद ओमवीर पुत्र रामपाल निवासी धीरपुर को डकैती-हत्या का दोषी पाकर आजीवन कारावास सहित 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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हत्यारोपी सगे भाई को उम्रकैद, जुर्माना
बदायूं। जमीन को लेकर रंजिश के मामले में हत्यारोपी सगे भाई को दोषी पाकर विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट नलिन कुमार श्रीवास्तव ने आरोपी को आजीवन कारवास की सजा सहित 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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यह घटना थाना बिसौली क्षेत्र के गांव पैगा भीकमपुर में घटी थी। वादिनी मनकौरा देवी पत्नी सुखराम ने 27 जून 2012 को रिपोर्ट लिखाई थी कि उसके तीन पुत्र जमुना सिंह, हरनाम सिंह व श्याम सिंह हैं। तीनों पर 20-20 बीघा जमीन है। मनकौरा देवी के जेठ के बेटे जयसिंह की शादी नहीं हुई थी। जयसिंह ने अपने हिस्से की 10 बीघा जमीन श्याम सिंह के नाम कर दी थी। आरोपी जमुना सिंह उस जमीन में से आधा हिस्सा मांगता था। इसी बात को लेकर दोनों में रंजिश रहती थी। 26-27 जून को गांव में शादी थी। मुहल्ले में चहल-पहल थी। वादिनी का पुत्र श्याम सिंह अपनी पत्नी व बच्चों के साथ मकान की छत पर सो रहा था कि रात में करीब 2.15 बजे आरोपी जमुना सिंह ने अपने सगे भाई की गोली मारकर हत्या कर दी।
विद्धान जज ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी रईस अहमद और बचाव पक्ष की दलील को सुुनने के बाद आरोपी जमुना सिंह को अपने सगे भाई की हत्याका दोषी पाकर आजीवन कारावास सहित 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।