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‘देवियों’ पर कम नहीं हो रहे ‘सितम’ 

Sat, 08 Oct 2016 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  बदायूं।
अमर उजाला ब्यूरो  बदायूं। Updated Sat, 08 Oct 2016 11:47 PM IST
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'Ladies' are not short on 'Sitm'
- फोटो : अमर उजाला
नवरात्र पर विशेष: 
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यौन शोषण, छेड़छाड़, महिला उत्पीड़न के मामलों में इजाफा 

 देश में कन्याओं को देवी और महिलाओं को लक्ष्मी का दर्जा दिया गया है। नवरात्र में देवी शक्ति की घर-घर आराधना होती है। इसके बावजूद महिला अपराधों में कमी नहीं आ रही। उन पर लगातार बढ़ते मामले सभ्य समाज के लिए किसी कलंक से कम नहीं हैं। आंकड़ों पर गौर करें, तो पिछले तीन साल में यौन शोषण, छेड़छाड़ और उत्पीड़न के मामलों में इजाफा हुआ है। भले ही कुछ मामले पेशबंदी में प्रायोजित हों, लेकिन बहुत से सही भी साबित हुए हैं। समाज के सजग प्रहरियों का कहना है कि महिला अपराध का कलंक मिटाने के लिए मानसिकता बदलने की जरूरत है।  
केंद्र और राज्य सरकार महिला अपराध रोकने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रही हैं। कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। पुलिसिंग को और बेहतर करने के लिए नित नए प्रयोग हो रहे हैं। महिला अपराध के मामलों में त्वरित कार्रवाई भी की जा रही है। इसके बावजूद स्थिति बदतर होना सभ्य समाज के मुंह पर किसी तमाचे से कम नहीं है। समाज के उत्थान में लगे धर्म गुरुओं का कहना है कि समाज को यह समझना होगा कि महिला और कन्याओं को सिर्फ देवी का दर्जा देने से कुछ नहीं होने वाला। उनके प्रति मानसिकता भी बदलने की जरूरत है। तभी महिला अपराध का कलंक मिट सकता है। 
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एक नजर अपराधों पर 
 
वर्ष 2014 
दुष्कर्म-        32 
छेड़छाड़-    22 
दहेज हत्या-    19 
उत्पीड़न-    40 
 
वर्ष 2015 
दुष्कर्म-        35 
छेड़छाड़-    28 
दहेज हत्या-    17 
उत्पीड़न-  32 
  
वर्ष 2016 अब तक 
दुष्कर्म-        28 
छेड़छाड़-    25 
दहेज हत्या-    10 
उत्पीड़न-    17 
 
केस- एक 
दुष्कर्म किया और चाकुओं से गोद दिया 
यह ताजा मामला मूसाझाग थाने के एक गांव का है। गांव के ही महेश नाम के युवक ने 28 सितंबर को घर में घुसकर किशोरी से दुष्कर्म किया था। विरोध करने पर उसने किशोरी पर चाकू से प्रहार कर दिया। इससे वह जख्मी हो गई। मारपीट में किशोरी का एक दांत भी टूट गया। आरोपी जेल में है। 
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केस-दो 
बीमार छात्रा को बनाया हवस का शिकार 

यह मामला भी ताजा है। 29 सितंबर को दातागंज के एक गांव में क्षय रोग से पीड़ित कक्षा तीन की 10 वर्षीय छात्रा के साथ गांव के ही ओमसरन नाम के युवक ने दुष्कर्म किया। खून में लथपथ छात्रा घर पहुंची तो उसे देखकर परिवार वाले भी दंग रहे गए। रिपोर्ट दर्ज कर ओमसरन को जेल भेज दिया गया।  
 
इनके विचार 
 

परिवार एकल होने से समाज में विकृतियां उत्पन्न हो रही हैं। संस्कारों की कमी और पश्चिमी सभ्यता के बढ़ते प्रभाव की वजह से भारत में नारी का सम्मान कम हुआ है। इसी वजह से महिला अपराध बढ़े हैं। दुष्कर्म, छेड़छाड़ की घटनाएं भी पश्चिमी संस्कृति से प्रभावित हैं। महिला अपराध रोकने के लिए जरूरी है कि आने वाली पीढ़ी को ऐसे संस्कार दें कि वह महिलाओं का सम्मान करें। भारतीय संस्कृति के अनुसार महिलाओं का सम्मान होगा, तो निश्चित महिला अपराध नहीं होगा।
-महंत बाबा गरीबदास
 
इस्लाम धर्म में महिलाओं को सबसे ज्यादा तरजीह दी गई है। कुरआन में कहा गया है कि मां के पैरों के नीचे जन्नत है। पुरुष प्रधान समाज की अब भी महिलाओं के प्रति मानसिकता नहीं बदली है। महिलाओं को पुरुषों के समान आजादी मिलने के बाद अपराध बढ़ा है, लेकिन हम उनकी आजादी के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हमको अपनी तहजीब और रिवायतों को ध्यान में रखना होगा। इस्लाम धर्म के मुताबिक अगर महिलाओं का सम्मान होगा, तो महिलाओं पर जुल्म भी नहीं होगा। अपराध खुद ही कम हो जाएगा।  

-मौलाना डॉ. नुसरत हुसैन
 
महिलाओं पर अपराध बढ़ने की एक मुख्य वजह समाज में शिष्टाचार और संस्कार की कमी का होना है। युवा पीढ़ी ग्लैमर की ओर मुड़ रही है। इंटरनेट और टीवी पर बढ़ती अश्लीलता भी महिलाओं पर अपराध बढ़ने की एक वजह हैं। महिला अपराध रोकने के लिए जरूरी है कि हम अपने परिवार को शिष्टाचार और संस्कार की शिक्षा दें। समाज के साथ बैठ कर विचार करें कि किस तरह से महिला उत्पीड़न के कलंक को मिटाया जा सकता है।
-नरेंद्र सिंह दुआ, अध्यक्ष पंजाबी सेवा समिति
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