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तहसील प्रशासन के लिए सिरदर्द बनी जमीन
datagang
Updated Sat, 21 Feb 2015 08:41 PM IST
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ग्राम पंचायत बेलाडांडी में करीब दो हजार बीघा सरकारी भूमि पर कब्जे का मामला प्रशासन को गले की हड्डी बना हुआ है। हालांकि तहसील प्रशासन ने पैमाइश करके 73 लोगों के खिलाफ अवैध कब्जा करने की रिपोर्ट दर्ज कराकर करीब सात सौ बीघा भूमि खाली करा ली है, लेकिन इस मुद्दे पर दो खेमों में बंट चुके ग्रामीणों का एक धड़ा इस पैमाइश का विरोध कर रहा है। डीएम के सामने पेश होकर दर्जनों किसान अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं।
ग्राम पंचायत बेलाडांडी में लगभग तीन हजार बीघा सरकारी जमीन है। इसमें 22 सौ बीघा मजरा प्रानपुर में है। कृषि योग्य इस भूमि पर अवैध कब्जा हटाने के लिए ग्रामीणों के एक धड़े ने भाकियू के सहयोग से बदायूं मालवीय आवास पर कई दिन धरना-प्रदर्शन किया। एसडीएम ओपी तिवारी ने टीम गठित करके सरकारी जमीन की पैमाइश कराई। करीब सात सौ बीघा जमीन रिक्त कराई गई और 73 लोगों के खिलाफ अवैध कब्जे की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। प्रधान पिंकी यादव ने बताया कि पैमाइश आर्थिक दबाव में एसडीएम द्वारा गठित टीम के बजाय एक चर्चित लेखपाल ने की है। पैमाइश के बाद जिन काश्तकारों पर रिपोर्ट दर्ज हुई है वह अवैध कब्जा धारक नहीं वरन असली भू-स्वामी हैं। सरकारी जमीन रामगंगा के पाट है, लेकिन पैमाइश इस पार की गई है। उन्होंने बताया कि फरीदपुर तिलहर और दातागंज तहसील की सीमाएं यहां मिलती हैं। तीनों तहसीलों का स्टाफ मौजूद हो तभी सीमांकन और पैमाइश हो सकती है। ग्राम पंचायत बंडिया खुर्द के पूर्व प्रधान रामभरोसे यादव का भी आरोप है कि उनकी ग्राम पंचायत के 27 किसानों पर बेवजह रिपोर्ट दर्ज हुई है। जबकि वह सब नदी के पार के है। इस बाबत दर्जनों किसानों ने डीएम के सामने पेश होकर आपत्ति दर्ज कराई है।
ग्राम पंचायत बेलाडांडी में पैमाइश पूरी तरह से सही हुई है। विवादित जमीन कागजों में रामगंगा के नाम दर्ज है। थोड़ा सा रकबा, तहसील फरीदपुर की सीमा से सटा है। पैमाइश के दौरान फरीदपुर का क्षेत्रीय लेखपाल भी मौजूद रहा। जो लोग विरोध कर रहे हैं, वह अपनी खतौनी क्यों नहीं दिखाते। यदि उनकी जमीन है तो उन्हें ही मिलेगी।
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-सतीश कुमार, तहसीलदार, दातागंज।
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ग्राम पंचायत बेलाडांडी में लगभग तीन हजार बीघा सरकारी जमीन है। इसमें 22 सौ बीघा मजरा प्रानपुर में है। कृषि योग्य इस भूमि पर अवैध कब्जा हटाने के लिए ग्रामीणों के एक धड़े ने भाकियू के सहयोग से बदायूं मालवीय आवास पर कई दिन धरना-प्रदर्शन किया। एसडीएम ओपी तिवारी ने टीम गठित करके सरकारी जमीन की पैमाइश कराई। करीब सात सौ बीघा जमीन रिक्त कराई गई और 73 लोगों के खिलाफ अवैध कब्जे की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। प्रधान पिंकी यादव ने बताया कि पैमाइश आर्थिक दबाव में एसडीएम द्वारा गठित टीम के बजाय एक चर्चित लेखपाल ने की है। पैमाइश के बाद जिन काश्तकारों पर रिपोर्ट दर्ज हुई है वह अवैध कब्जा धारक नहीं वरन असली भू-स्वामी हैं। सरकारी जमीन रामगंगा के पाट है, लेकिन पैमाइश इस पार की गई है। उन्होंने बताया कि फरीदपुर तिलहर और दातागंज तहसील की सीमाएं यहां मिलती हैं। तीनों तहसीलों का स्टाफ मौजूद हो तभी सीमांकन और पैमाइश हो सकती है। ग्राम पंचायत बंडिया खुर्द के पूर्व प्रधान रामभरोसे यादव का भी आरोप है कि उनकी ग्राम पंचायत के 27 किसानों पर बेवजह रिपोर्ट दर्ज हुई है। जबकि वह सब नदी के पार के है। इस बाबत दर्जनों किसानों ने डीएम के सामने पेश होकर आपत्ति दर्ज कराई है।
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ग्राम पंचायत बेलाडांडी में पैमाइश पूरी तरह से सही हुई है। विवादित जमीन कागजों में रामगंगा के नाम दर्ज है। थोड़ा सा रकबा, तहसील फरीदपुर की सीमा से सटा है। पैमाइश के दौरान फरीदपुर का क्षेत्रीय लेखपाल भी मौजूद रहा। जो लोग विरोध कर रहे हैं, वह अपनी खतौनी क्यों नहीं दिखाते। यदि उनकी जमीन है तो उन्हें ही मिलेगी।
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-सतीश कुमार, तहसीलदार, दातागंज।