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हत्या के मामले में कैद, जुर्माना
बदायूं।
Updated Wed, 25 Feb 2015 08:19 PM IST
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स्पेशल जज (एससीएसटी) एसएन सिंह ने बीच-बचाव के दौरान अचानक चली गोली से हुई मौत के मामले में नामजद को दो साल कैद सहित 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना रकम से छह हजार की धनराशि मुआवजा बतौर मृतकाश्रित को दिए जाएंगे।
घटना थाना सहसवान क्षेत्र के गांव तौफी नगला की है। 17 अक्तूबर 2009 को मोबाइल को लेकर पिता-पुत्र अतर सिंह व अमरपाल में कहासुनी हो रही थी। अमरपाल के हाथ में तमंचा था। तभी खानदानी रामभजन के बीचबचाव करने के दौरान अमरपाल से तमंचा चल गया। इसके चलते रामभजन की 12 वर्षीय पुत्री कुसुमा के माथे पर गोली लग गई। इलाज के दौरान कुसुमा ने दम तोड़ दिया था। सुनवाई के उपरांत कुसुमा की बिना इरादा हुई हत्या के आरोप में दोषी पाकर आरोपी अमरपाल को दो साल कैद सहित 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीपीसी रईस अहमद ने की।
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घटना थाना सहसवान क्षेत्र के गांव तौफी नगला की है। 17 अक्तूबर 2009 को मोबाइल को लेकर पिता-पुत्र अतर सिंह व अमरपाल में कहासुनी हो रही थी। अमरपाल के हाथ में तमंचा था। तभी खानदानी रामभजन के बीचबचाव करने के दौरान अमरपाल से तमंचा चल गया। इसके चलते रामभजन की 12 वर्षीय पुत्री कुसुमा के माथे पर गोली लग गई। इलाज के दौरान कुसुमा ने दम तोड़ दिया था। सुनवाई के उपरांत कुसुमा की बिना इरादा हुई हत्या के आरोप में दोषी पाकर आरोपी अमरपाल को दो साल कैद सहित 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीपीसी रईस अहमद ने की।
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